Monday, April 26, 2021

महापुरुषों की मूर्तियों का शहर दिल्ली

दिल्ली के चौक-चौराहों पर घूमते हुए आपको कई महापुरुषों की मूर्तियां नजर आती हैं। संसद भवन के करीब संसद मार्ग पर पटेल चौक पर आप देखेंगे तो गोलंबर के बीचों बीच सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति लगी है। उनकी प्रतिमा संसद भवन की ओर देख रही है।  

 पटेल की इस प्रतिमा का अनावरण 18 सितंबर 1963 को राष्ट्रपति डाक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने  किया था।  अब भले ही देश में सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा बन गई है पर पटेल चौक की यह दिल्ली की सबसे पुरानी प्रतिमाओं में  से एक है। हर साल 31 अक्तूबर को उनकी जयंती पर यहां श्रद्धा  के पुष्प चढ़ाए जाते हैं।

देशरत्न डाक्टर राजेंद्र प्रसाद -   दिल्ली के पंत मार्ग पर गोल डाकखाना से आगे गुरुद्वारा रकाबगंज की ओर जाने पर बायीं तरफ नजर डालें तो देश रत्न डाक्टर राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा नजर आती है। ये प्रतिमा संसद के एनेक्सी भवन के पीछे है। इसके आगे चलें तो संसदीय संग्रहालय का प्रवेश द्वार मिलता है। देश के पहले राष्ट्रपति को याद करने के लिए उनकी प्रतिमा सही जगह पर लगाई गई है। वैसे दिल्ली में उनके नाम पर एक सड़क का नाम भी राजेंद्र प्रसाद रोड है।


पुश्किन की प्रतिमा - मंडी हाउस गोल चक्कर के एक कोने पर मंडी हाउस की तरफ अलेक्जेंडर पुश्किन की आदमकद प्रतिमा नजर आती है। पुश्किन को रूसी भाषा के छायावादी कवियों में से एक थे। उन्हें रूसी का सर्वश्रेष्ठ कवि माना जाता है। साथ ही उन्हें आधुनिक रूसी कविता का संस्थापक भी माना जाता है। उनका जीवन काल सिर्फ 38 साल का ही रहा।


लोकमान्य  तिलक की प्रतिमा -  आपने दिल्ली  में  लोकमान्य  बालगंगा धर तिलक की प्रतिमा तो देखी होगी। यह प्रतिमा देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के पास है।   आईटीओ से प्रगति मैदान की तरफ चलने पर ये प्रतिमा आपकी आंखों के सामने नजर आती है। 



 संपूर्ण क्रांति का नारा देने वाले और सन 1977 में देश में तख्ता पलट के नायक को दिल्ली  में आपने  कहां  देखा है। लोकनायक दिल्ली में जय प्रकाश नारायण  की प्रतिमा दिल्ली गेट के पास देखी जा सकती है।  यहीं पर पास में उनके नाम पर एलएनजेपी अस्पताल भी है।   पहले  इस  अस्पताल  को इर्विन  हॉस्पीटल के नाम से जाना जाता था।  पर  सन 1977 में  आई जनता सरकार ने इसका नाम बदल डाला। 

इसी पार्क में जय प्रकाश नारायण के  बगल में  और महान देशभक्त  की प्रतिमा लगाई गई है। थोड़ा सा उत्तर की ओर चलें तो श्यामा  प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा  दिखाई देती है। यह  फिरोजशाह कोटला मैदान की बाउंड्री वाल के बिल्कुल पास है।  इस हरे भरे पार्क में दोपहर में काफी लोग टाइम पास करने पहुंचते हैं।  

क्या आपको पता है दिल्ली में देश के दूसरे प्रधानमंत्री  लाल बहादुर शास्त्री की  प्रतिमा कहां है। मुझे उनकी प्रतिमा दिखाई दे जाती है   सीजीओ कांप्लेक्स के पास।  दयाल सिंह कालेज से जब  जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की ओर बढ़ते हैं तो  बायीं तरफ लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा नजर आती है।  यहां सीआरपीएफ के दफ्तर के बाहर उनकी प्रतिमा लगाई गई है। 

दांडी मार्च की याद  11 मूर्ति -  दांडी मार्च की याद में दिल्ली में ग्यारह मूर्ति प्रतिमा बनाई गई है। यह चाणक्यपुरी में सरदार पटेल मार्ग और मदर टेरेसा क्रिसेंट के चौराहे पर स्थित है।   पटेल मार्ग की ओर जाते हुए अक्सर  इस प्रतिमा पर लोगों की नजर चली जाती है। 


इस मूर्ति में  सबसे आगे  बापू लाठी लिए हुए चल रहे हैं। उनका अनुसरण कर रहे हैं दांडी मार्च के कुछ और नायक। इन नायकों में एक महिला और सभी धर्मों के लोग हैं। यह अत्यंत कलात्मक प्रतिमा है।   इसे देखने  के लिए राह चलते  लोग रुक जाते हैं। इस मूर्ति के शिल्पकार देवी प्रसाद राय चौधरी ( 1899-1975 ) हैं।  यह नमक सत्याग्रह की याद दिलाता है। 


-- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com  
(  STATUE IN DELHI, SARDAR PATEL, LAL BAHADUR SASHTRI,  PUSHKIN, 11 MURTI) 

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