Friday, April 16, 2021

एक और शिकारगाह- कुशक महल

 

आजकल जहां तीन मूर्ति भवन है वहां भी कभी घने जंगल हुआ करते थे। इन्ही घने जंगलों में फिरोजशाह तुगलक ने एक शिकारगाह का निर्माण कराया था। इसे कुशक महल के नाम से जानते हैं। आजकल विशाल तीन मूर्ति भवन और नेहरु तारामंडल के बीच में कुशक महल दुबका हुआ सा दिखाई देता है। पर यह काफी ऊंचाई पर बना है। 


घने जंगलों के बीच वन्य जीवों पर नजर रखने और सुरक्षा के लिहाज से इसे काफी ऊंचाई पर बनाया गया था। फिरोजशाह तुगलक द्वारा बनवाए गए चारों शिकारगाह में यह सबसे अच्छी हालत में है। आज यहां वन क्षेत्र नहीं है पर कुशक वन की स्मृतियां हैं। तीन मूर्ति भवन की ओर जाने वाली एक सड़क का नाम भी कुशक रोड रखा गया है।


अनगढ़ पत्थरों से बनी इमारत - कुशक महल की बनावट काफी खूबसूरत है। यह जमीन से 15 फीट की ऊंचाई पर बना हुआ है। यानी एक मंजिला मकान से भी ज्यादा ऊंचा। इस ऊंचाई पर भवन के चारों तरफ खुला क्षेत्र है। पश्चिम की तरफ इसमें ज्यादा जगह है। आजकल इसके अंदर प्रवेश रास्ते बंद कर दिए गए हैं। पर आप इसके चारों तरफ से चक्कर लगाकर देख सकते हैं। फिरोजशाह तुगलक ने अपने शासन काल 1351 से 1388 के दौरान इस शिकारगाह का निर्माण कराया था। 


यह चौकोर इमारत अनगढ़ पत्थरों से बनी है। इसमें तीन गलियारे और तीन मेहराब वाले दरवाजे बने हुए हैं। इसकी अंदरुनी छत काफी मजबूत है। इसके मेहराब वाले बरामदे आज भी काफी मजबूत स्थिति में दिखाई देते हैं।


जल संरक्षण का इंतजाम - कभी इस इमारत में जल संरक्षण के लिए इंतजाम किए गए थे। इसमें एक वाटर चैनल का निर्माण किया गया था। इसके कारण पानी को स्टोर किया जा सकता था साथ ही भवन में ठंडक भी प्रदान करती थी। दरअसल आज की तारीक में जिसे हम रिजार्ट कहतें हैं उसी तरह ये फिरोजशाह तुगलक का रिजार्ट हुआ करता था। यहां पर शिकार करने आया राजा अपने दरबारियों के साथ कुछ दिन गुजारा करता था।


इमारत का संरक्षण जरूरी - आजकल इस इमारत का क्षरण हो रहा है इसलिए लोगों को इसकी छत पर जाने से रोका जाता है। हालांकि यह भूली भटियारी के महल या मालचा महल की तरह विशाल नहीं है। पर सुंदरता में इसका कोई मुकाबला नहीं है। यहां आकर आप कल्पना कर सकते हैं कि कई बार फिरोजशाह तुगलक शिकार के दौरान यहां ठहरे होंगे। आजकल इसके आसपास नीम के पेड़ों के कारण थोड़ी हरियाली नजर आती है।


सातों दिन खुला रहता है - अक्सर नेहरु तारामंडल का शो देखने आने वाले स्कूली बच्चे कुशक महल की सीढ़ियों पर चहलकदमी करते नजर आते हैं। पर वे इस भवन के इतिहास से अनजान होते हैं। कुशक महल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से संरक्षित इमारत है। इसे सप्ताह के सातों दिन देखा जा सकता है। इसमें प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं है। तीन मूर्ति भवन के गेट नंबर एक से आप यहां पहुंचने के लिए प्रवेश कर सकते हैं।     


-विद्युत प्रकाश मौर्य -vidyutp@gmail.com

( KUSHAK MAHAL, HUNTING LODGE, FIROZSHAH TUGLAK )

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