Saturday, February 27, 2021

तेरसिया दीयारा क्षेत्र और हाजीपुर का केला

 


पटना से हाजीपुर को जोड़ने वाले पीपा के पुल को साइन बोर्ड लगा है – यह पीपा का पुल दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए खतरनाक है। पर अब तो मैं बाइक से इस पुल पर चल पड़ा हूं। पीपा के पुल पर लोहे की पटरियां लगी हैं जो वाहनों के पहियों से घर्षण से तेज आवाज करती हैं। इस पुल पर वाहन धीमी गति से चलना होता है। 

पुल पर भारी वाहन नहीं चलते। मुख्य रूप से कार और जीपें चलती हैं। बाइक वाले भी चलते रहते हैं। जहां तक नदी की धारा है वहां तक पीपा लगे हैं। उसके बाद गंगा जी की रेत आ जाती है। इस रेत पर कच्ची पक्की अस्थायी सड़क है। पुल के 27 नंबर पाया के पास पहुंचने के बाद सड़क पुल के नीचे नीचे चलने लगती है। महात्मा गांधी सेतु की लंबाई 5.5 किलोमीटर है। इसमें कुल 46 पीलर का इस्तेमाल किया गया है। 


गंगा की रेत के साथ कुछ किलोमीटर चलने पर सामने वैशाली जिले के दीयारा क्षेत्र के गांव नजर आते हैं। और नजर आते हैं केले के विशाल खेत। केला हाजीपुर क्षेत्र का प्रमुख उत्पाद है। खास तौर पर हाजीपुर शहर के पूर्वी इलाके में केले की खेती बड़े पैमाने पर होती है।   


हाजीपुर के केले की प्रसिद्धी देश के बाहर तक है। हालांकि महाराष्ट्र की तरह यहां केला का उत्पादन बड़े पैमाने पर नहीं होता है। पर हाजीपुर का केला अपने अलहदा स्वाद के लिए जाना जाता है। बिहार के केले महाराष्ट्र के केले से आकार में अपेक्षाकृत छोटे होते हैं पर इनकी मिठास अलग होती है। हाजीपुर में एक दर्जन से ज्यादा वेराइटी के केले का उत्पादन होता है। 


पर इनमें अलपान सबसे लोकप्रिय वेराइटी है। अलपान केले का आकार दूसरे केले से भी छोटा होता है। किसी जमाने में मुझे याद है कि पटना के गंगा सेतु पर आवाज लगाकर एक रुपये के 16 केले बिकते थे। पर अब केला इतना सस्ता नहीं रह गया है। हाजीपुर का सबसे उम्दा स्वाद वाला केला है मालभोग। यह आकार में बड़ा होता है। यह सबसे महंगी दरों पर बिकता है। एक केला है चिनिया। चीनी की तरह मिठास होने के कारण इसका नाम चिनिया रखा गया होगा। पर केले को लेकर हर किसी पसंद अलग अलग हो सकती है। हाजीपुर से पूरब अगले 20 किलोमीटर यानी महनार तक केले की खेती बड़े पैमाने पर होती है।  


हाजीपुर के पास ही हरिहरपुर गांव में बनाना रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है। यह संस्थान हाजीपुर से मुजफ्फरपुर जाने वाले मार्ग पर सराय के पास स्थित है। यह भारत सरकार का संस्थान है। यहां पर केले की नई वेराइटी पर शोध किया जाता है। तो ये रही केले की बात। जब कभी आप हाजीपुर शहर से होकर गुजरें तो यहां के केले का स्वाद लेना न भूलें। कई भोजपुरी फिल्मों के गीतों में हाजीपुर के केले ने जगह बना ली है।

- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 

( PIPA KA PUL, GANGA, BANANA, HAJIPUR, ) 


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