Tuesday, January 12, 2021

ओखला पक्षी विहार - साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर हरियाला सफर


ओखला पक्षी विहार में पदयात्रा करना किसी रोमांच से कम नहीं है। हमने गेट नंबर दो से प्रवेश किया है। सामने हरी भरी लंबी सड़क है। पूछने पर पता चला कि इसकी कुल लंबाई साढ़े तीन किलोमीटर है। गेट नंबर दो से प्रवेश करने पर कुछ सौ मीटर चलने के बाद दाहिनी तरफ विशाल झील के दर्शन होते हैं। यह यमुना नदी के किनारे स्थित झील है। इसलिए इसमें सालों भर पानी रहता है।


यमुना में बनी झील - ओखला पक्षी विहार उस बिंदु पर स्थित है, जहां यमुना नदी दिल्ली से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं। यहां नदी के पानी को रोकने के लिए विशाल झील बनाई गई है। इस झील के किनारे जलकुंभियां नजर आती हैं। इसी झील में जगह पक्षी कलरव करते भी नजर आते हैं। इस विशाल झील में आप चाहें तो बोटिंग का भी आनंद उठा सकते हैं। कई तरह की नाव किराये पर उपलब्ध है।

 


300 से ज्यादा प्रवासी पक्षी -  यह झील 319 प्रजातियों की प्रवासी पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इनमें से लगभग 50% तिब्बत, यूरोप और साइबेरिया जैसे ठंडे क्षेत्रों से आते हैं। ये यहां पर नवम्बर में जब सर्दी शुरू होती है तब पहुंचने लगते हैं। सन 1874 में जब आगरा कैनाल का निर्माण किया गया, तब से यहां प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है।  साल 2018  में यहां 12 हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी आए थे। वहीं 2019 में 10 हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी आए। 

 


बैटरी रिक्शा और साइकिल सैर करें - अगर आप ज्यादा पैदल नहीं चलना चाहते तो बैटरी रिक्शा से भी सफर कर सकते हैं।   बैटरी रिक्शा का किराया वाजिब है। आप यह भी कर सकते हैं कि एक तरफ का सफर पैदल करें और वापसी में थक जाने पर बैटरी रिक्शा का सहरा लें। प्रशासन द्वारा यहां साइकिल किराये पर देने का इंतजाम भी किया गया है, पर वह नजर नहीं आता। 


सैलानियों की सुविधा के लिए यहां कई इंतजाम किए गए हैं। आप चलते चलते थक जाएं तो बैठने के   लिए एंटीक बेंच बनी हुई है। इन बेंच पर बैठक कर आप घंटों पक्षियों का मुआयना कर सकते हैं। रास्ते में कई जगह वॉच टावर भी बनाए गए हैं।   यहां पर आप एक सुंदर  जंगल ट्रैक का भी आनंद उठा सकते हैं।  


ओखला पक्षी विहार एकांत में घंटो वक्त गुजारने के लिए भी मुफीद स्थल है। यहां घूमना सुरक्षित भी है। इसलिए प्रेमी-प्रेमिकाओं के  जोड़े भी इधर पहुंचते हैं।   कुदरत के नजारे, पक्षियों का कलरव, इनके बीच खुद  से बातें करने का मौका...



खास तौर पर गेट नंबर एक से अंदर प्रवेश करने के बाद का इलाका आकर्षक है। इस प्रवेश द्वार के पास हरित वन क्षेत्र और कच्चा ट्रैक है। इस क्षेत्र में घूमते हुए ऐसा प्रतीत होता है मानो आप दिल्ली से बाहर कहीं सुंदर वन क्षेत्र में पहुंच गए हों।



अगर पक्षियों के प्रेमी हैं तो यहां पर आधा दिन या पूरा दिन भी गुजार सकते हैं। हां पक्षी विहार के अंदर अभी कैफेटेरिया या खाने पीने का कोई इंतजाम नहीं है। आप पीने का पानी और खाने के लिए स्नैक्स, बिस्किट आदि साथ लेकर जाएं तो अच्छा रहेगा। 



 - विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 

( OKHLA BIRD CENTURY,  GAUTAM BUDHHA NAGAR, NOIDA, YAMUNA RIVER, DELHI ) 

 


 

 

 

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