Monday, December 7, 2020

अमृत फल है नारियल – भगवान विष्णु लाए थे धरती पर


नारियल। देश के किसी भी समुद्र तटीय राज्य में चले जाएं आपको नारियल के दर्शन जरूर होंगे। गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, अंदमान निकोबार इन सब प्रदेशों में नारियल खूब होता है। खास तौर पर अंदमान के नारियल पानी के मिठास के तो क्या कहनें। पर नारियल पानी तो हर शहर के लोगों के जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। खास तौर पर बीमारी के बाद कमजोर पड़ चुके शरीर को फिर से ऊर्जावान बनाने में नारियल की बड़ी भूमिका है। बंगाली इसे डाब कहते हैं। सबसे सस्ता नारियल पानी आपको बंगाल में ही मिल सकता है।


नारियल
   एक ऐसा फल है जो पूजा में जितना महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है, उतना ही सेहत के लिए भी फायदेमंद है। नारियल    एक बहुमुखी फल है। इसको हम कई तरीकों से इस्तेमाल करते हैं।  नारियल   को सेहत के लिए वरदान माना जाता है। अंग्रेजी में कोकोनट, संस्कृत में नालिकेर, बांग्ला में नारिकेल के नाम से जाना जाता है।

शादी-त्योहार हो या कोई भी जरूरी पूजा हो, हवन हो या कोई भी अनुष्ठान हो, हर मांगलिक कार्य में    नारियल  का महत्व बहुत ज्यादा होता है।   नारियल   को श्रीफल भी कहते हैं। श्री यानी देवी लक्ष्मी। इसलिए    नारियल   फोड़ने के बाद ही हर नए काम की शुरूआत की जाती है। ऐसी मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर अवतार लिया तो वे अपने साथ तीन चीजें लेकर आए थे। इसमें देवी लक्ष्मी,   कामधेनु और नारियल   का वृक्ष भी थे।

 


बहुउपयोगी है नारियल -  आप नारियल पानी पीते हैं। गरी गोला खाते हैं। नारियल की चटनी खाते हैं। नारियल की मिठाइयां खाते हैं। नारियल के तेल से पूरे दक्षिण भारत में खाना बनता है। नारियल का तेल बालों में लगाते हैं। कई तरह के दवाओं में नारियल का तेल आधार के तौर पर इस्तेमाल होता है। नारियल के छिलके यानी कोयर से गद्दे, चटाइयां बनती हैं। देश में कोयर बोर्ड ऑफ इंडिया गठन खास तौर पर नारियल के उत्पादों पर शोध और इसके कारोबार को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।   


नारियल के वृक्ष समुद्र के किनारे या नमकीन जगह पर पाए जाते हैं। यह एक बहुवर्षी एवं एकबीज पत्री पौधा है। इसका तना लंबा और शाखा रहित होता है। मुख्य तने के ऊपरी सिरे पर लंबी पत्तियां मुकुटनुमा शोभायमान होती हैं। नारियल के महत्व देखते हुए इसके लिए साल में एक दिन तय किया गया है। हर साल दो सितंबर को अंतरराष्ट्रीय नारियल दिवस या विश्व नारियल दिवस मनाया जाता है।

देश में सबसे अधिक नारियल का उत्पादन केरल में होता है। सुखद है कि पिछले एक दशक में देश में नारियल के उत्पादन में वृद्धि हुई है। भारत विश्व के प्रमुख नारियल का उत्पादक देशों में शुमार है।

 


तो आइए जानते हैं नारियल के कुछ फायदे –

-         नारियल   में गुड कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है जो आपके दिल को दुरुस्त रखता है।

-         शरीर या पेट में बढ़ रही गर्मी को कम करने के लिए   नारियल   खाना फायदेमंद होता है।

-         नारियल   पानी में मौजूद विटामिन सी, पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।



-         पेट दर्द, एसिडिटी, अल्सर, कोलाइटिस, आंतों में सूजन में खाली पेट थोड़ा-थोड़ा नारियल पानी पीने से बहुत जल्द आराम मिलता है।

-         सूखे नारियल में डायटरी फाइबर होता है, जिससे दिल संबंधी बीमारी नहीं होती है। गरी खाने से शरीर में फाइबर की मात्रा पूरी होती है।

- - vidyutp@gmail.com 



( WORLD COCONUT DAY, 02 SEPT, KERALA, ANDAMAN )

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