Sunday, December 13, 2020

लुधियाना से हिसार वाया मालेरकोटला, धुरी, जाखल, संगरूर, सुनाम




कई पैसेंजर ट्रेन का सफर बार बार याद आता है। उनमें से एक है लुधियाना हिसार पैसेंजर। हुआ यूं की मैं अमर उजाला के जालंधर संस्करण में कार्यरत था। इसी दौरान मैंने गुरु जांभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार में मास्टर इन मास कम्युनिकेशन में नामांकन ले रखा था। दस दिन की कांटेक्ट क्लास होनी थी। तो मुझे इसके लिए जाना था हिसार। साथी सुधीर राघव ने बताया कि लुधियाना से हिसार का एक रेल मार्ग है वाया धुरी होकर। इस मार्ग पर एक पैसेंजर चलती है सुबह 4 बजे लुधियाना से। तो मैं रात को काम खत्म करके चल पडा जालंधर से लुधियाना के लिए। एक सज्जन आए थे अमर उजाला दफ्तर में। वे लुधियाना के पास किसी कस्बे में अखबार के डिस्ट्रिब्यूटर थे। उन्होंने अपनी कार में लिफ्ट दे दी मुझे लुधियाना तक के लिए।

लुधियाना रेलवे स्टेशन हिसार का टिकट लेने के बाद मुझे कुछ घंटे इंतजार करना पड़ा ट्रेन के लिए। हिसार पैसेंजर ट्रेन यहीं से बनकर चलती है। पर इसका मार्ग अंबाला, लुधियाना जालंधर लाइन से अलग है। यह लुधियाना से पूरब का रुख कर लेती है। मैंने ट्रेन के डिब्बे में जगह ले ली है। तभी एक युवक आया अपनी मां के साथ। मेरे बगल में अपनी मां को बिठाकर बोला मां संगरूर तक जा रही हैं। आप इनका ख्याल रखना। पर ट्रेन चलने के बाद मुझे नींद आने लगी। मैं बैठे बैठे झपकी लेता रहा। इसी बीच अम्मा ने मुझे जगाकर कहा, बेटे में घर से पराठे बनाकर लाई हूं खाएगा क्या। पर मैंने आदर पूर्वक इनकार कर दिया।


लुधियाना के  बाद स्टेशन है गिल। गिल बहुत प्रसिद्ध गांव है। काफ पंजाबी लोग अपने नाम के आगे गिल टाइटल लगाते हैं। तो ये वही गिल है। ट्रेन किला रायपुर रेलवे स्टेशन से गुजरी। वही किला रायपुर जहां पंजाब का ग्रामीण ओलंपिक मुकाबला होता है। इसके बाद अहमदगढ़ फिर आ पहुंचे मालेर कोटला। मालेर कोटला पंजाब का एकमात्र मुस्लिम बहुल कस्बा है। यह संगरुर जिले में आता है। यहां ट्रेन में बड़ी संख्या में बुरका पहने महिलाएं चढ़ी। हमारे कोच में भीड़ बढ़ गई। हमारे सामने वाले सीट पर एक वकील साहब बैठे हैं जो कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता भी हैं। वे धुरी जंक्शन में उतर गए। धुरी भी संगरूर जिले में है। यहां पटियाला से आने वाली रेलवे लाइन मिलती है।



संगरूर जिला मुख्यालय है। यहां पर हमारे अखबार का जिला दफ्तर है। उन दिनों कुमार भावानंद जिला प्रभारी हुआ करते थे। वे आजकल मुजफ्फरपुर दैनिक भास्कर के संपादक हैं। पर इस जिले में स्थित सुनाम बड़ा शहर है। सुनाम का रिश्ता शहीद उधम सिंह से है। पंजाब के इस हिस्से से गुजरते हुए हम हरियाणा की ओर बढ़ रहे हैं। एक स्टेशन आया लहरा गागा। मुझे याद आता है कि यहां पर हमारे संवाददाता नियुक्त हैं। वे लहरा गागा डेटलाइन से खबरें भेजते हैं।

ट्रेन हरियाणा में प्रवेश कर चुकी है। जाखल जंक्शन पर ठहराव थोडा ज्यादा है। यह फतेहाबाद जिले का शहर है। इसके बाद उकलाना रेलवे स्टेशन आया। उकलाना में पुरानी मंडी है। यह हिसार जिले में है। अंगरेजी राज में उकलाना बड़ा व्यापारिक केंद्र हुआ करता था। इसके बाद बरवाला आया फिर ट्रेन हिसार पहुंच गई।

हिसार अमर उजाला में मेरे पुराने मित्र राकेश त्यागी कार्यरत हैं। वे कुबेर टाइम्स में हमारे साथ हुआ करते थे। मैंने उनसे बात की थी आने से पहले। तो राकेश त्यागी ने मेरे हिसार में रहने का इंतजाम अपने साथ किया है। पर मैं राकेश त्यागी से मुलाकात के बाद सीधे पहुंच गया हूं गुरु जांभेश्वर विश्वविद्यालय के कैंपस में। यहां पर कई नए लोगों से मुलाकात हुई। उनमें से एक दोस्त बने जसबीर राठी। वे पानीपत में वकील हैं। पर पत्रकारिता का कोर्स शौकिया कर रहे हैं। शाम को  अमर उजाला हिसार के प्रभारी अशोक वर्मा जी से बातचीत हुई। उन्होंने अपने घर रात को खाने पर आमंत्रित किया। वे बिहार के रोहतास जिले के ही रहने वाले हैं। उन्होंने जीजेयू में डॉक्टर बंदना पांडे से मिलने कहा। वे पत्रकारिता विभाग में प्रोफेसर हैं। हिसार में घूमते हुए राकेश त्यागी के साथ हमलोग फतेहचंद डिग्री कॉलेज फॉर वूमेन पहुंचे। दरअसल इसी नाम से लाहौर में डिग्री कॉलेज हुआ करता था। इस कॉलेज में अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन शिक्षक हुआ करती थीं। आजादी के बाद पाकिस्तान से हिसार आए लोगों ने इसी नाम से यहां कॉलेज खोला।


अगले दिन जसबीर राठी साहब ने कहा कि हमने यूनीवर्सिटी गेस्ट हाउस में कमरा बुक करा रखा है। आप भी हमारे साथ वहीं चलकर रहें। उसके बाद राठी साहब और उनके दोस्तों के साथ अगले कुछ दिन विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में गुजारे। इस दौरान हमलोग सुबह के नास्ते में ब्यॉज हॉस्टल के पराठे खाते थे। वे हिसार के बड़े यादगार दिन रहे।  तब वहां बीके कुठियाला साहब पत्रकारिता विभाग के हेड हुआ करते थे।  मनोज दयाल और मिहिर रंजन पात्रा जैसे लोग शिक्षक थे।

-         विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com    

( ( AMAR UJALA, LUDHIANA,  QILA RAIPUR, MALER KOTLA, DHURI, SANGRUR, SUNAM, UKLANA MANDI, HISAR, GJU ) 



2 comments:

  1. अरे वाह विद्युत प्रकाश जी अपने हमारे शहर से गुरु जांभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार में मास्टर इन मास कम्युनिकेशन किया है आज पता चला मिहिर रंजन पात्रा से मैं भी पढ़ा हुआ हूँ शानदार दिन आपकी यादों के

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