Tuesday, December 15, 2020

सर्द रात में शकरकंदी का स्वाद



शकरकंद। वह भी अगर लकड़ी के बुरादे की धीमी आंच पर पका हुआ हो तो उसके स्वाद के क्या कहने। शकरकंद खाने में जितना स्वादिष्ट होता है, स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही फायदेमंद होता है। अंग्रेजी में इसे स्वीट पोटैटो ( SWEET POTATO ) कहते हैं। वास्तव में शकरकंद पोषण का खजाना है। इसमें डायटरी फाइबर की मात्रा खूब होती है। 


पौष्टिकता से भरपूर -  यह कई तरह से वजन को कम करने में मदद करती है। शकरकंद में आयरन, कैल्शियम, सेलेनियम सहित विटामिन और मिनरल्स भी पायी जाती हैं। शकरकंद हमारे शरीर को विटामन-बी और विटामिन सी प्रदान करता है। 


शकरकंद दो तरह का दिखाई देता है। एक लाल और दूसरा सफेद। लाल वाले का गूदा ठोस होता है जबकि सफेद वाले में रस ज्यादा होता है। हल्की मिठास वाला शकरकंद बचपन में हमारा सुबह का अच्छा नास्ता होता था। मां प्रेशर कूकर में कई किलो शकरकंद एक साथ उबाल दिया करती थीं। हम उसे छिलका हटा हटा कर देर तक खाते रहते। 


बिहार के वैशाली जिले में इसे अलुवा कहते थे। ऐसा इसलिए कि यह शायद आलू से काफी मिलता जुलता है। वहां पर बड़े पैमाने पर इसकी खेती भी होती है। इसलिए वहां पर सस्ता भी मिलता था। बचपन में हमें याद है पेठिया से हम शकरकंद दो से ढाई रुपये में पांच किलो खरीदकर लाते थे। पर दिल्ली में इसके भाव आलू से ज्यादा हैं।

दिल्ली की सड़कों पर शकरकंद बेचने वाले मिल जाते हैं। वे इसे लकड़ी के बुरादे यानी कुन्नी की की धीमी आंच पर पकाते हैं। इसमें शकरकंद का स्वाद और बढ़ जाता है। पत्ते के दोने में वे इसे नींबू आदि मिलाकर सौंपते हैं। इसका स्वाद अलबेला है। सर्दी की रात में गरमा गरम शकरकंदी खाने को मिल जाए तो कहना ही क्या। अच्छी बात है कि बेटे अनादि को भी शकरकंदी बहुत पसंद है।


शकरकंद की खेती के लिए दोमट व रेतीली मिट्टी होनी चाहिए। भारत में लगभग 2 लाख हेक्टेयर में इसकी खेती की जाती है। बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और उड़ीसा इसके प्रमुख उत्पादक राज्य है। शकरकंद उत्पादन में भारत का छठा स्थान है। सन 1998 में विकसित गौरी किस्म की शकरकंद 110 से 120 दिनों में तैयार हो जाती है। शकरकंद की खेती मुख्यतया वर्षा ऋतु में जून से अगस्त में की जाती है। इसकी खेती आलू की फसल की तरह ही की जाती है। आप शकरकंद खरीद कर लाकर घर में रख लें, तो ओल की तरह यह काफी दिनों तक खराब नहीं होता। 


पूरी सब्जी और हलवा - शकरकंद एक सस्ता भूख मिटाने वाला खाद्य पदार्थ है। पर इसको खाने के कई तरीके हैं। आटे के साथ मिलाकर शकरकंद की पूरी भी बनाई जाती है। लोग शकरकंद का हलवा और शकरकंद का गुलाब जामुन के साथ इसकी खीर भी बनाते हैं। यहां तक की शकरकंद की सब्जी की रेसिपी भी आपको मिल जाएगी। मतलब इसे कई तरीके से खाया जा सकता है। बच्चों को कई  तरीके से आप शकरकंद के व्यंजन बना कर खिला सकते हैं।
-         विद्युत प्रकाश मौर्य – vidyutp@gmail.com

-         (SWEET POTATO, SUPER FOOD ) 

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