Sunday, October 4, 2020

अदभुत फल है पानी में होने वाला सिंघाड़ा


अगस्त का महीना खत्म होते हुए दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर ठेले पर सिंघाड़ा बेचने वाले नजर आने लगते हैं। पहले ये फल मु झे  आकर्षित नहीं करता था पर अब हम कभी-कभी सिंघाड़ा खरीद लाते हैं।   हरे और लाल रंग में दिखाई देने वाला ये अदभुत फल है। आप इसको कच्चा खा सकते हैं। सब्जी बना सकते हैं। इसका आटा बनाकर खा सकते हैं। इसको कच्चा खाने में बड़ा मजा आता है। सिंघाड़ा अपने पोषक तत्वों, कुरकुरेपन और अनूठे स्वाद की वजह से खूब पसंद किया जाता है।

 सिंघाड़ा पानी में पैदा होने वाला तिकोने आकार का फल है। इसके सिर पर छिलके के साथ दो कांटे होते हैं। तालाब में और रुके हुए पानी में पैदा होने वाले      सिंघाड़े     के फूल सितंबर-अक्तूबर में फल का रूप ले लेते हैं। तो सिंघाड़ा या सिंघाण का संस्कृत में नाम   शृंगाटक है। अंग्रेजी भाषा में यह WATER CALTROP या WATER CHESTNUT के नाम से जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम TRAPA NATANS  है।


पानी में होने वाला फल - यह पानी में पसरने वाली एक लता में पैदा होने वाला फल है। सिंघाड़ा अपने देश के हर राज्य में ताल-तलैया में रोपा जाता है। इसकी जड़ें पानी के भीतर दूर तक फैलती है। इसलिए पानी के भीतर कीचड़ का होना जरूरी है।

इससे बनता  है आटा - इसको छील कर इसके गूदे को सुखाकर, पीसकर आटा बनाया जाता है। इसके आटे को लोग व्रत उपवास में सेवन करते हैं। क्योंकि यह फल माना जाता है।

यूं तो सिंघाड़े को कच्चा भी खाया जाता है, लेकिन कुछ लोग इसे हल्का उबालकर नमक के साथ खाते हैं। बाजार में भी उबला हुआ सिंघाड़ा बिकता है। यह उबला हुआ सिंघाड़ा काले रंग का नजर आता है। इसे कच्चा खाने पर हल्की सी मिठास और फीका स्वाद लगता है। इसके अलावा  सिंघाड़े से लोग अपने घरों में सब्जी के अलावा मिठाई में बर्फी, हलवा जैसे मिष्ठान भी बनाते हैं।

 

आयुर्वेद ने कई गुण बताए - 

 आयुर्वेद में सिंघाड़ा के कई गुण बताए गए हैं। इसे शीतल, भारी, कसैला, वीर्यवर्द्घक, मलरोधक, वातकारक और रुधिर विकार और त्रिदोष को दूर करने वाला बताया गया है। आयुर्वेद में कहा गया है कि सिंघाड़े में भैंस के दूध की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक खनिज लवण और क्षार तत्व पाए जाते हैं।

पौष्टिकता से भरपूर - सिंघाड़े में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी व सी, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स, रायबोफ्लेबिन जैसे तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। इस फल में कई औषधीय गुण हैं, जिनसे शुगर, अल्सर, हृदय रोग, गठिया जैसे रोगों से बचाव हो सकता है। बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं के लिए तो यह काफी गुणकारी है।

खाने के कई फायदे - सिंघाड़ा खाने के कई फायदे हैं। यह यौन दुर्बलता को भी दूर करता है। 2-3 चम्मच सिंघाड़े का आटा खाकर गुनगुना दूध पीने से वीर्य में बढ़ोतरी होती है। महिलाओं की कई बीमारियों में यह वरदान है। 

एक दिन हो जाएगा  दुर्लभ-  बाकी सब्जियों और फलों से तुलना करें तो  मौसम में सिंघाड़ा सस्ता मिल जाता है। पर जिस तरह इन दिनों देश में ताल तलैया कम होते जा रहे हैं। इस बात का खतरा है कि एक दिन सिंघाड़ा जैसा फल भी कहीं दुर्लभ  न हो जाए।

-         विद्युत प्रकाश मौर्य -vidyutp@gmail.com 

( SINGHARA, WATER CHSETNUT ,  TRAPA NATANS )

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