Monday, September 28, 2020

17 मंजिलों का विशाल जैन मंदिर - त्रिलोक तीर्थ धाम बड़ागांव


देश के प्रमुख जैन तीर्थ स्थलों में शुमार है उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का बड़ागांव। यहां पर तीन जैन मंदिर हैं। बड़ागांव की दूरी दिल्ली के महज 35 किलोमीटर है। पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन से तो बड़ागांव की दूरी सिर्फ 25 किलोमीटर है।

बड़ागांव का सबसे प्रमुख आकर्षण है त्रिलोकतीर्थ धाम। ये अद्भुत कलात्मक मंदिर है। अपनी विशालता और कलात्मकता के कारण यह देश के अनूठे मंदिरों में शुमार हो गया है। इसकी वास्तुकला अद्भुत है।

यह दिगंबर जैन मुनि श्री विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज की प्रेरणा से निर्मित हुआ है। फरवरी 2015 में इस विशाल मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की गई। 17 से 25 फरवरी के मध्य पंच कल्याणक उत्सव के बाद इस मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। इस मंदिर का इंतजाम श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन स्याद्वाद ट्रस्ट देखता है। इसका प्रबंधन त्रिलोकचंद जैन देखते हैं।

317 फीट ऊंचा विशाल मंदिर – त्रिलोक तीर्थ 17 मंजिलों वाला विशाल मंदिर है। यह बड़ा गांव से कई किलोमीटर पहले से आपकी नजरों में होता है। मंदिर की ऊंचाई 314 फीट है। इसमें 100 फीट जमीन के नीचे है तो 217 फीट जमीन के ऊपर है। मंदिर कुल 80 स्तंभों पर खड़ा है। इसकी 17वीं मंजिल तक जाने के लिए दो लिफ्ट लगाई गई है। मंदिर का परिसर 56  हजार वर्ग गज में फैला हुआ है।

मंदिर के आधारतल पर मूल नायक श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान जी का मंदिर है। इसी तल पर मुनिसव्रतनाथ जी का मंदिर, नेमिनाथ भगवान जी का मंदिर और सहसत्रकूट जिनालय बना हुआ है। पर मंदिर आधार तल के काफी ऊपर तक भी है। देश में इतना विशाल 17 मंजिलों वाला मंदिर शायद ही कोई हो। 

पहली मंजिल पर विद्याभूषण सन्मतिसागर जी महाराज की मोम से बनी प्रतिमा विराजमान है। यहां नंदीश्वर द्वीप मंदिर है जिसमें कुल 52 चैत्यालय हैं। इसी मंजिल पर पंचमेरू मंदिर और 32 शाश्वत जिनालय बने हैं।

दूसरी मंजिल पर ढाईद्वीप के 170 जिनालय निर्मित किए गए हैं। तीसरी मंजिल पर समोशरण और वर्तमान चौबीसी विराजमान है। यहां चार गुंबदों में त्रिकाल चौबीसी की 72 प्रतिमाएं देखी जा सकती हैं।

चौथी मंजिल से 14वीं मंजिल तक शाश्वत जिनालय का निर्माण किया गया है। यहां पर रोबोटिक विधि से मध्य लोक स्वर्ग लोक और नरकलोक का निर्माण किया जा रहा है। इसलिए इस मंदिर का नाम त्रिलोक तीर्थ दिया गया है। मंदिर के निर्माण में देश भर से निपुण कारीगरों की सेवाएं ली गई हैं।

सबसे ऊपर आदिनाथ की प्रतिमा - त्रिलोक तीर्थ के सबसे ऊपर वाली मंजिल पर पद्मासन में आदिनाथ की 31 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा विराजमान है। यह प्रतिमा अष्टधातु से निर्मित है।  

लाइट एंड साउंड शो – साल 2019 में त्रिलोकतीर्थ का एक और आकर्षण बढ़ गया। यहां पर नवंबर 2019 में लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत की गई है। इसके लिए 50 रुपये का टिकट निर्धारित किया गया है। यह लाइट एंड साउंड शो हर शनिवार और रविवार को होता है। बच्चों के मनोरंजन के लिए यहां कई किस्म के झूले भी लगाए गए हैं।

मंदिर की गौशाला – त्रिलोकतीर्थ धाम द्वारा गौशाला का भी संचालन किया जाता है। मंदिर परिसर में अतिथि गृह भी बना हुआ है। खास तौर पर शनिवार और रविवार को दिन मंदिर में काफी रौनक रहती है। इस दिन दिल्ली और आसपास से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
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       विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com 
 ( JAIN TEMPLE, TRILOK TIRTH, BADAGAON, BAGPAT ) 
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