Saturday, July 4, 2020

प्रेम दी हट्टी – मिठास ऐसी जो नहीं भूलती

जम्मू से श्रीनगर हाईवे पर बीच में एक कस्बा आता है कूद। पर चेनानी नाशरी सुरंग बन जाने के बाद ये कूद कस्बा रास्ते में नहीं पड़ता। क्योंकि पहाड़ों के नीचे से सुरंग गुजर रही है। तो नए रास्ते में कई शहर कस्बे अब नहीं पड़ते। पहले जम्मू से श्रीनगर जाने के मार्ग में पटनी टॉप आता था। पर नए रास्ते में वह भी नहीं आता।


जम्मू श्रीनगर हाईवे पर हमें प्रेम दी हट्टी कूद वाले की दुकान का बोर्ड कई जगह नजर आता है। दरअसल कूद में प्रेम दी हट्टी मिठाइयों की प्रसिद्ध दुकान है। जम्मू श्रीनगर के बीच चलने वाले वाहन यहां रूक कर मिठाइयां खाना और खरीदना नहीं भूलते थे। पर नए रास्ते के कारण अब कूद की उस पुरानी दुकान तक पहुंचना मुश्किल हो गया है तो प्रेम दी हट्टी ने अपनी ब्रांच ऊधमपुर के आसपास नए हाईवे पर खोल दी है। बोर्ड पर लिखा है- प्रेम दी हट्टी, कूद वाले। 

यह मिठाइयों की तकरीबन सौ साल पुरानी दुकान है। इसलिए कई पीढ़ियों के लोगों में इसकी लोकप्रियता है। चेनानी से पटनी टॉप के लिए चलते हुए कूद के बाजार में पहुंचने के बाद हमलोग प्रेम दी हट्टी के सामने रुक गए। यहां पर उनकी कई तरह की मिठाइयों का स्वाद लिया। कुछ लोग तो कई कई किलो के पैकेट पैक कराने में जुटे थे। पर हमने भी आधे किलो मिठाई पैक करा ली। ताकि कल परसों खा सकें। 


वैसे प्रेम दी हट्टी अपनी मिठाई पतीसा, पेड़ा, बर्फी, कलाकंद और चॉकलेट बर्फी के लिए जाने जाते हैं। वैसे उनकी बाकी मिठाइयां भी खाने में अच्छी हैं। वे शुद्ध देसी घी में मिठाइयां बनाने का दावा करते हैं। आप भी उधर से गुजरें तो उनकी मिठाइयों का स्वाद ले सकते हैं। उधमपुर में उनकी दुकान हाउसिंग कॉलनी में नेशनल हाईवे के किनारे ही स्थित है। कूद में प्रेम दी हट्टी की इतनी लोकप्रियता है कि उसके आसपास कई और दुकानें खुल गई हैं। पर भीड़ सबसे ज्यादा प्रेम दी हट्टी के पास ही होती है। 

रास्ते में अनार का स्वाद – पटनी टॉप जाने के मार्ग में जगह जगह सड़क के किनारे अनार के पेड़ नजर आ रहे हैं। इन पेड़ो में अनार पक चुके हैं। एक जगह रुक कर हमने कुछ अनार तोड़े और उन्हें खाया भी। अपने वाहन से चलने का यही तो मजा है कि कहीं भी रुक जाओ। रास्ते में एक जगह से हमने चीड़ के पेड़ से निकलने वाले सूखे फल भी जुटाए। ड्राईंग रूम में सजाने के लिए।

चेनानी से आगे चलने के बाद रास्ता चढ़ाई वाला आ गया है। गाड़ी घुमावदार रास्ते से चल रही है। पर  चालक महोदय बड़ी संयत से 15-20 की गति से गाड़ी चला रहे हैं ताकि हमलोगों को तीखे मोड़ पर ज्यादा परेशानी नहीं हो। वैसे तो चेनानी से पटनी टॉप की दूरी ज्यादा नहीं है पर घुमावदार रास्तों के कारण यह दूरी बढ़ जाती है। इन रास्तों पर सावधानी से वाहन नहीं चलाने पर हादसों का भी अंदेशा रहता है। कई जगह रास्ते में ऐसे स्मारक बने हुए भी नजर आए जहां  लोग सड़क हादसे में असमय मौत का शिकार हुए थे।

और पहुंच गए हम पटनी टॉप – शाम ढलने से पहले हौले हौले वाहन चलाते हुए हमलोग पटनी टॉप की सीमा में प्रवेश कर गए हैं। हमारे चालक महोदय बिट्टू शर्मा के बेटे का भी एक होटल है रास्ते में। वे लीज पर एक होटल लेकर उसका प्रबंधन देखते हैं। बेटे से मिलने के बाद वे आगे हमारे होटल की तरफ चल पड़े। तो बने रहिए हमारे साथ आगे हम करेंगे पटनी टॉप और आसपास की और भी ढेर सारी बातें।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com
-        ( PREM DI HATTI, SWEETS, KUD WALE, PATNI TOP, UDHAMPUR )






6 comments:

  1. कंप्यूटर खराब हो जाने के कारण कुछ दिनों की अनुपस्थति रही , आपकी सारी पिछली पोस्ट भी पढ़नी रह गई है सर | आज मिठाई के मीठे से शुरू हुई है ये पोस्ट हमेशा की तरह बहुत ही प्यारी | मैं भी अपनी ही गाड़ी से कहीं भी सफर करने का ही प्रयास करता हूँ सर | इसका अपना ही आनंद है

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    1. तो पिछली सारी पोस्ट जरूर पढ़ डालिए

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  2. जीवन्त यात्रा विवरण

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  3. Very informative useful post with beautiful picture ❣️❣️❣️❣️❣️

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    1. धन्यवाद सर, आप तो उधर कई बार जा चुके हैं।

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