Thursday, July 30, 2020

महरौली - जमाली कमाली मसजिद और अनूठा जहाज महल

महरौली में राजाओं का बाउली के आसपास कई और ऐतिहासिक इमारते हैं। ये इलाका महरौली आर्केलोजिकल पार्क कहलता है। इस क्षेत्र में कुछ अनजान मकबरे भी हैं। इस क्षेत्र में टहलने के लिए सुंदर कच्चा रास्ता बना हुआ है। यहां पहुंचकर आपको लगता है मानो दिल्ली के बाहर किसी ग्रामीण क्षेत्र में पहुंच गए हों। इस इलाके में आजकल युवा टिककॉक वीडियो बनाते हुए नजर आते हैं।

वन क्षेत्र में पैदल चलते हुए आगे चलने पर आपको मैटकॉफ फॉली, बोट हाउस, कुली खां का मकबरा देखने को मिलता है। इसके आगे चलने पर आप जमाली कमाली मसजिद, शाहिद खान का मकबरा और अन्य मुगलकालीन मकबरे देख सकते हैं। महरौली का आर्किलोजिकल पार्क कुल 42 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें पैदल घूमने के लिए आपके पास अच्छा खासा वक्त चाहिए।

जमाली कमाली मसजिद - जमाली कमाली मस्जिद और उसके साथ लगती मजार का संबंध कवि और संत शेख फजलुल्लाह से है। वे सिकंदर लोदी और हुमायूं के समकालीन थे। इस मसजिद का निर्माण 1528-29 में आरंभ हुआ था। संत की कब्र इसी मसजिद में बनी है। संत को जमाली नाम से भी जानते हैं। साथ ही कमाली की भी कब्र है। पर कमाली कौन थे उनके बारे में ठीक ठीक नहीं पता। आइए अब आगे चलते हैं...


कुछ ऐसा है महरौली का जहाज महल - महरौली के मुख्य बाजार में स्थित है जहाज महल। एक जहाज महल का नाम आपने मांडू मध्य प्रदेश में सुना होगा। पर एक जहाज महल दिल्ली में भी है। महरौली के इस जहाज महल का निर्माण हौज ए शम्शी में करावाया गया है। यह एक अवकाशकालीन गृह हुआ करता था। पर आजकल इसके आसपास घना बाजार है।


इस महल को दूर से देखकर लगता है मानो पानी में कोई जहाज चल रहा हो। जहाज महल के गुंबद बड़े खूबसूरत हैं। इसका निर्माण लोदी वंश के काल में 1452-1526 के बीच करवाया गया था। यह अवकाश में निवास करने के लिए एक धर्मशाला हुआ करती थी। 
जहाज महल की कलात्मकता देखने लायक है। खासकर इसके गुंबद बड़े नक्काशीदार और सुंदर बने हैं। इसे अलग अलग रंगों से रंगा भी गया था। कभी जहाज महल के आसपास हरित क्षेत्र था। पर अब जहाज महल के आसपास महरौली का घना बाजार है। पास में ही महरौली की सब्जी मंडी है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य – vidyutp@gmail.com
-        MAHRAULI, JAMALI KAMALI MASJID, RAJAON KI BAWLI, GANDHAK KI BAWLI, JAHAJ MAHAL)

1 comment:

  1. महरौली में इतना कुछ है, पता ही नहीं था। बहुत अच्छी जानकारी।

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