Tuesday, June 23, 2020

दिल्ली से कटरा: श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में


दीपावली की रात को घर को दीयों से रोशन करने के बाद हमलोग एक बार फिर चल पड़े हैं साथ साथ भ्रमण पर। इस बार हमारी मंजिल है कटरा माता वैष्णो देवी के दरबार में। साल 2003 के बाद मैं 16 साल बाद 2019 में माता वैष्णो देवी के दरबार में जा रहा हूं। हमारी ट्रेन सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन से है। दिल्ली जम्मू दूरंतो एक्सप्रेस ( 12265 ) रात को सवा दस बजे सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन से चलती है।

हमलोग घर से पर्याप्त समय पहले निकल पड़े हैं। अपने घर मैं रेलवे स्टेशन जाने के लिए ओला कैब बुक करने की कोशिश करता हूं। पर नेटवर्क की समस्या से कैब बुक नहीं हो पाया। इस बीच एक आटो रिक्शा वाले हमें वाजिब किराया पर रेलवे स्टेशन छोड़ने को तैयार हो गए। ओला उबर के आने से एक फायदा हुआ है कि आटो रिक्शा वालों के व्यवहार में भी थोड़ा बदलाव आया है। तो हमलोग आटो रिक्शा में ही रेलवे स्टेशन के लिए चल पड़े।

लंबे समय बाद सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन जा रहे हैं हम। इस बार एक नई बात हुई है कि करोलबाग वाले साइड से भी रेलवे स्टेशन का प्रवेश द्वार बेहतर बन गया। चौड़ी सड़क वाले स्टेशन के एप्रोच रोड के कारण अब जाम नहीं लगता। 
सराय रोहिला रेलवे स्टेशन पर अब एक बड़ा वेटिंग हॉल भी बन गया है। यात्री सुविधाएं में भी थोडी बेहतर की गई हैं। वरना ये स्टेशन घोर उपेक्षित और यहां पहुंचने पर बाबा आदम का स्टेशन नजर आता था।


हमारी ट्रेन ठीक सवा दस बजे चल पड़ी है। दिल्ली से जम्मू के बीच ट्रेन का ठहराव सिर्फ लुधियाना जंक्शन में है। पर यह ट्रेन अंबाला में भी रुक गई। जब ट्रेन पंजाब से होकर गुजरने लगी तो मेरी नींद बार बार टूट जा रही है। जिस राज्य में पांच साल रहने का मौका मिला हो उससे भावनात्मक लगाव हमेशा महसूस करता हूं। सुबह साढ़े सात बजे ट्रेन जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। दूरंतो कटरा तक नहीं जाती। हमें पता चला कि सवा नौ बजे जम्मू मेल आएगी जो कटरा तक जाएगी। तो हमने तीन जनरल टिकट खरीद लिए और जम्मू तवी स्टेशन पर अगली ट्रेन का इंतजार करने लगे।
जम्मू रेलवे स्टेशन से मेरी कई बार की यादें जुड़ी हैं। सदभावना रेल यात्रा के दौरान 1993 में तो तीन दिन हमने जम्मू स्टेशन पर ही गुजारे थे। इस बीच जम्मू तवी स्टेशन के एक नंबर प्लेटफार्म पर बने कैफेटेरिया में बैठकर सुबह का नास्ता कर लिया गया। नास्ते में पराठे और दही। कैंटीन सेल्फ सर्विस है। पर स्वाद और समयबद्धता अच्छी है। डायनिंग हॉल भी अच्छा है। इस हॉल से जम्मू शहर का नजारा दिखाई देता है। जम्मू तवी का रेलवे स्टेशन थोड़ी ऊंचाई पर है। आसपास का बाजार थोड़ा नीचे। तो जम्मू स्टेशन बड़ा सुंदर नजर आता है। 

जम्मू मेल समय पर आ गई है। इसमें हमें आसानी से जगह भी मिल गई है। जम्मू से कटरा के बीच ये हमारा पहला रेल सफर है। रास्ते में कई छोटी छोटी नदियां आती हैं। इन्हें स्थानीय भाषा में खड भी कहते हैं। एक स्टेशन आया बजालता। इसके नाम से ही बजालता खड है। आमतौर पर खड में नदी काफी गहराई में बहती है। ये रास्ता बड़ा मनोरम है।


इससे पहले जम्मू से कटरा तक हर बार बस से जाना हुआ था। जम्मू से कटरा रेल लाइन के बीच कई सुरंगे आईं। कुछ छोटी तो कुछ बड़ी सुरंगे। इस रेल मार्ग के रास्ते के स्टेशन हैं बाजलता, संगर, रामनगर, उधमपुर, चक रखवाल और उसके बाद श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा। ( SVDK) उधमपुर इस मार्ग का बड़ा रेलवे स्टेशन है। यहां पर ट्रेन ज्यादा देर तक रुकी। वैसे जम्मू मेल पैसेंजर की तरह हर स्टेशन पर रुकती हुई जा रही है।

उधमपुर से कटरा की दूरी 24 किलोमीटर है। कटरा से पहले चक रखवाल नामक रेलवे स्टेशन आता है। जम्मू तवी से कटरा के बीच रास्ते में छोटी छोटी नदियां और सुंदर पहाड़ नजर आते हैं।
हमलोग दोपहर में कटरा रेलवे स्टेशन पहुंच गए। कटरा का स्टेशन भवन काफी विशाल बना हुआ है। दिल्ली से आजकल रोज चार रेलगाड़ियां कटरा आती हैं। पर जामनगर, गाजीपुर, चंडीगढ़ तमाम शहरों से कटरा की सीधी ट्रेनें आने लगी हैं।

कटरा रेलवे स्टेशन पर विशाल प्रतीक्षालय है। कटरा से आगे रेल मार्ग का निर्माण कार्य जारी है। यही मार्ग श्रीनगर तक चला जाएगा। अगर वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो यात्रा के लिए पर्ची यहीं रेलवे स्टेशन पर बने काउंटर से ही प्राप्त कर सकते हैं। तो हमने भी पर्ची यहीं पर बनवा ली है। यहां तीन काउंटर हैं। फिर भी पर्ची बनवाने में 15 मिनट लग गए। 
-        विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
( SARAI ROHILA, DURANTO EXPRESS, JAMMU TAVI, KATRA, JAMMU MAIL ) 

2 comments:

  1. बहुत रोचक लिखते हैं।आगे इन्तजार में

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    1. धन्यवाद भाई, जरूर पढ़िए

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