Monday, April 6, 2020

दिल्ली मथुरा मार्ग पर- ये है असली पप्पू ढाबा


हाईवे पर जब आप अपने वाहन से चलते हैं तो इसका सबसे बड़ा लाभ है कि आप अपनी पसंद के किसी भी ढाबे पर चाय नास्ते या भोजन के लिए रुक सकते हैं। वरना बस से चलने पर जहां बस वाले का तय होता है वहीं पर वे रोकते हैं। कई बार इन ढाबों पर खाने पीने की दरें अनाप सनाप होती हैं। पलवल के बाद वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को पार करता हूं। यह अतोहा गांव के पास है। इसके बाद आता है बामनी खेड़ा गांव। इस गांव को कभी ठाकुरों ने ब्राह्मणों को दान में दिया था। इसके बाद आया औरंगाबाद गांव। मैं बाइक से चलते हुए हरियाणा के होडल शहर को पार कर कोसी कला पहुंचने वाला हूं।

इससे पहले मुझे रास्ते में कई ढाबे दिखाई देते हैं। कुछ छोटे कुछ बड़े। एक जगह मुझे दाना पानी ढाबा भी दिखाई देता है जो मेरे ब्लॉग का नाम भी है। इसके आगे हंसराज ढाबा दिखाई देता है जो काफी बड़ा है। पर आगे कुछ साइन बोर्ड नजर आते हैं जिनपर लिखा है कि असली पप्पू ढाबा इतना किलोमीटर आगे है। तो मैं सुबह में नास्ते के लिए इसी असली पप्पू ढाबा में जाकर अपनी बाइक पार्क कर देता हूं। यह ढाबा कोसी कलां से पहले कोटवन ग्राम में है। सामने पार्किंग के लिए विशाल जगह है। ढाबा बड़े विशाल दायरे में है। अंदर की दीवारों का डेकोरेशन भी सुरुचिपूर्ण है। टायलेट-बाथरुम भी बेहतर बने हुए हैं। सुबह सुबह कुछ गाड़ियां रुकी हैं। मतलब भीड़ ज्यादा नहीं है।

दिल्ली पंजाब के रास्ते में सुबह के नास्ते में क्या मिल सकता है। पराठा और क्या। हालांकि यहां कई विकल्प हैं। पर मैंने आर्डर कर दिया है एक पराठा। जी हां आलू पराठा। यहां पर एक आलू पराठा 60 रुपये का है। इसके साथ वे अमूल बटर का वे एक क्यूब देते हैं। पंजाब के ढाबों में आपको कई बार गांव का बना हुआ देसी बटर भी मिल सकता है। नास्ते में एक विशाल पराठा खा लाने काफी है। पराठे खाकर थोड़ी देर आराम करने के बाद मैं चल पड़ा हूं आगे के सफर के लिए। 

थोड़ी देर में मैं कोसी कलां पहुंच गया हूं। यह मथुरा जिले का एक छोटा सा कस्बा है। अगर आप नंदगांव, बरसाना या गोवर्धन जाना चाहते हैं तो कोसी कलां से ही मार्ग बदल सकते हैं। तो मैंने यही किया। स्थानीय लोगों से रास्ता पूछा। कोसीकलां से नंदगांव 12 किलोमीटर की दूरी पर है। दिल्ली से जाने जाने में यह दाहिनी तरफ पड़ेगा। पर नंदगांव वाली सड़क पकड़ने के लिए लोगों ने मुझे बायीं तरफ कोसी कला बाजार में जाने को कहा। दरअसल बायीं तरफ जाने के बाद रास्ता फिर दाहिनी तरफ मुड़ता है और हाईवे के अंडर पास से होकर शहर के दाहिनी तरफ बढ़ जाता है। कोसी कला से नंदगांव के लिए स्थानीय वाहन भी मिलते हैं। पर जब आप अपने वाहन से सफर करते हैं तो इसका एक फायदा होता है कि वाहन बदलने के दौरान इंतजार करने का वक्त बच जाता है।

दिल्ली बदरपुर बार्डर से फरीदाबाद-   10 किलोमीटर
फरीदाबाद से बल्लभगढ़ 9 किलोमीटर- 19
बल्लभगढ़ से पृथला – 13 किलोमीटर 32 
पृथला से पलवल 11 किलोमीटर 43
पलवल से होडल 30 किलोमीटर 73
होडल से कोसीकलां – 10 किलोमीटर 83
कोसी से छाता 10 किलोमीटर
कोसी से नंदगांव 12 किलोमीटर
नंदगांव से बरसाना 9 किलोमीटर
बरसाना से गोवर्धन 19 किलोमीटर
गोवर्धन से छाता 25 किलोमीटर
-        विद्युत प्रकाश मौर्य  -vidyutp@gmail.com
-        ( ASLI PAPPU DHABA, KOTWAN, KOSI KALAN )

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