Monday, April 13, 2020

बरसाना का कृति मंदिर - राधारानी कै वैभव


नंदगांव से बरसाना की दूरी महज सात किलोमीटर है। थोड़ी देर में ही मुझे सड़क पर विशाल बोर्ड दिखाई दिया – बरसाना में आपका स्वागत है। बरसाना अपनी लठमार होली के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। बरसाना राधारानी का घर है। यह जगह प्रसिद्ध है राधारानी के मंदिर के लिए। मैं भी राधारानी के मंदिर जाना चाहता हूं। पर बरसाना के बाजार में पहुंचते ही दाहिनी तरफ विशाल मंदिर दिखाई देता है। इसका नाम है कृति मंदिर। इसे कृपालु महाराज ने बनवाया है। इस मंदिर का उदघाटन जनवरी 2019 में हुआ है। मतलब यह मथुरा वृंदावन क्षेत्र का सबसे नया मंदिर है।

मंदिर के मुख्य द्वार के बगल में पार्किंग है। वहां पर अपनी बाइक मैं पार्क कर देता हूं। मुख्य द्वार के पास जूता घर और बैग जमा करने की सुविधा है। इसके बाद आप विशाल मंदिर में प्रवेश कर जाते हैं।
मंदिर का प्रवेश द्वार बड़ा ही भव्य और कलात्मक है। इसके निर्माण में लाल बलुआ पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर उत्तर भारत की नागर शैली में बना है। इसके विशाल शिखरों में भी कलात्मक नक्काशी की गई है। प्रवेश द्वार के आसपास रंग बिरंगे मयूर बनाए गए हैं। विशाल परिसर के मध्य मेंभव्य राधारानी का मंदिर स्थित है। मुख्य मंदिर के अंदर फोटोग्राफी पर रोक है। पर परिसर में आसपास तस्वीरें ली जा सकती हैं।

मंदिर परिसर में चारो तरफ कृष्ण और राधा के जीवन से जुड़ी हुई रंग बिरंगी झांकियां लगी हैं। ये झांकियां काफी सुंदर और मनोरम है। इन झांकियों में कृष्ण की बाल लीला देखी जा सकती है। तो राधारानी की रासलीलाएं देखी जा सकती हैं।
मंदिर का परिसर इतना सुंदर बना है कि आपको यहां से जल्दी निकलने की इच्छा नहीं होती। मंदिर के एक तरफ विशाल रंगीली महल का निर्माण कराया गया है। मंदिर परिसर में कार्यकर्ताओं का निवास भी बना हुआ है।

मंदिर परिसर में विशाल कैंटीन भी बनी है। इसमें उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय खाना पीना मिलता है।  मंदिर परिसर में कृपालु महाराज और कृष्ण भक्ति से जुड़े साहित्य की भी दुकाने हैं। कृपालु महाराज के आश्रम के सेवादारों में देश के अलग अलग राज्यों के लोग शामिल हैं। मंदिर परिसर में कृपालु महाराज के आश्रम से बनी सामग्रियों की एक दुकान भी है। यहां पर आप हस्तशिल्प और कपड़े आदि खरीद सकते हैं। आपको यहां पर रेडीमेड धोती भी मिल जाएगी। इसी तरह के कपड़े हालांकि इस्कॉन मंदिर के स्टॉल से भी खरीदे जा सकते हैं।

कृपालु महाराज द्वारा स्थापित ये कीर्ति मंदिर भले ही नया है, पर यहां सालों भर हर रोज श्रद्धालु आते रहते हैं। यह बरसाना का प्रमुख आकर्षण बन गया है। कृपालु महाराज ने पहले वृंदावन में प्रेम मंदिर का निर्माण कराया था। पर उनकी संस्था द्वारा स्थापित यह नया मंदिर भी काफी भव्य है।  

मंदिर खुलने का समय - कीर्ति मंदिर सुबह 5.30 बजे खुलता है। मंदिर में इसी समय सुबह की आरती होती है। फिर दोपहर 12.30 बजे से शाम 4 बजे तक मंदिर बंद रहता है। संध्या 4.30 से रात्रि आठ बजे तक आप फिर दर्शन कर सकते हैं।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य – vidyutp@gmail.com
-        ( KIRTI MANDIR, BARSANA, KRIPALU MAHARAJ, RADHA RANI )



8 comments:

  1. बहुत अच्छा वर्णन किया । चित्र देखकर लगा कि हम वहाँ की यात्रा कर आये हैं ।

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  2. आपकी पोस्टों का तो मैं बहुत शुरू से ही फैन रहा हूं आज तक बरसाने की होली के बारे में तो खूब पड़ा देखा सुना था किंतु बरसाने का महत्व वह इसकी खूबसूरती की जानकारी आपकी इस पोस्ट से ही मिली हमेशा की तरह बेहद उत्कृष्ट पोस्ट आभार इसे साझा करने के लिए

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  3. आपकी यात्रा-वृतांत का जवाब नहीं ,
    बहुत सुन्दर !

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  4. बढ़िया वर्णन

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    1. धन्यवाद, आगे भी पढ़ते रहिए

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