Thursday, March 5, 2020

सीताराम का अचार – बनारस का स्वाद


बनारस कई तरह के स्वाद के लिए भी जाना जाता है। इनमें से एक है सीताराम का अचार। विश्वनाथ मंदिर वाली सड़क पर यानी दशाश्वमेध रोड पर जब घाट की ओर बढ़ रहे होते हैं तो बायीं तरफ विश्वनाथ गली से थोड़ा आगे सीताराम के अचार की दुकान है।  

यह दुकान 1948 से चली आ रही है। इस बीच कई पीढ़ियां बदल गईं। जब मैं 1990 से 1995 के दौर में बीएचयू में था तब कि बात है। हमारे एक मित्र के एक बड़े भाई तो बनारस छोड़ चुके थे, उनकी तरफ से संदेश आया छुट्टियों में घर आना तो बनारस के सीताराम से अचार लेते आना। अब मैंने पता कि यह दुकान कहां है। इसके बाद कई बार बनारस के सीताराम की इस दुकान से अचार खरीदने का मौका मिला।

वे होम मेड अचार बनाते हैं। उनके अचार में ज्यादा तेज मसालों का इस्तेमाल नहीं होता। न सिर्फ काशी के रहने वाले लोग बल्कि आसपास के लोग भी उनके अचार के स्वाद के मुरीद हैं। सीताराम की दुकान पर आपको अचार के अलावा कई तरह के पापड़ भी मिल जाएंगे। इनमें खास तौर पर दही पापड़ की किस्म पसंद की जाती है। सीताराम कई तरह के अचारों का निर्माण करते हैं। इनमें मिक्स अचार और नींबू का अचार प्रमुख है। वे कई तरह के मुरब्बा भी बनाते हैं। आपकी पसंद है आप जो खरीद लें। जीभ आपकी है, स्वाद आपकी है।

आजकल सीताराम भंडार वाले अपने कई तरह के उत्पादों की ब्रांडिंग भी करने लगे हैं। बनारस में रहने वाला यह एक सिंधी परिवार है जो कई पीढ़ियों से अचारों के कारोबार में ही लगा हुआ है। दो पीढ़ियों की तस्वीरें दुकान पर लगी हुई है। तीसरी पीढ़ी अब कारोबार संभाल रही है। स्व. गोविंद राम तोलानी ने अचारों का कारोबार शुरू किया था। उन्हें लोग सीताराम के नाम से भी जानते थे। दुकान में उनकी अब तस्वीर लगी हुई है। किसी जमाने वे इस दुकान पर मिलते थे। अब दुकान पर उनके बच्चे मिलते हैं।

कई साल बाद बनारस पहुंचा हूं तो एक बार फिर सीताराम की इस दुकान पर रुक गया हूं। थोड़ा सा आम का अचार खरीद लिया है। दुकान उनकी बिल्कुल वैसी ही है जैसी मुझे 25 साल पहले दिखाई देती थी। अब काशी की दुकानों के साइन बोर्ड में एकरुपता लाने की कोशिश की जा रही है। तो उनकी दुकान का साइनबोर्ड भी बदला हुआ नजर आता है।

उनकी दुकान का पता है – शॉप नंबर 51, सीताराम भंडार, दशाश्वमेध रोड, वाराणसी।    वैसे दशाश्वमेध रोड के आसपास कई दुकाने हैं जहां से आप अपनी पसंद की खरीददारी कर सकते हैं। विश्वनाथ गली में शुरुआत में ही कुंजू साव की प्रसिद्ध मिठाइयों की दुकान है। दशाश्वमेध रोड पर साड़ियों, खिलौनों और बर्तनों की भी खूब दुकाने हैं। यहां पर आप फुटपाथ पर मिट्टी की प्याली में चाय पीने का मजा भी ले सकते हैं। किसी जमाने में इसी सड़क पर समाचार एजेंसी यूनीवार्ता का दफ्तर हुआ करता था। उसके ब्यूरो चीफ हुआ करते थे जियालाल मौर्य। मैं उनसे मिलने आता था तो उनके साथ बैठकर फुटपाथ पर चाय पीता और उनके कुछ ज्ञान की बातें सीखता था।

-        विद्युत प्रकाश मौर्य – vidyutp@gmail.com
-        ( SITARAM ACHAR, DASASHWAMEDH ROAD, VARANASI )


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