Tuesday, March 31, 2020

नानकमता से दिल्ली – वाया किच्छा रुद्रपुर- बिलासपुर,रामपुर


दुनिया के तमाम देश कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहे हैं। ऐसे वक्त में घर में रहें। यात्राएं हरगिज न करें। यात्रा साहित्य पढें। नई किताबें पढ़ें। दानापानी ब्लॉग पर लगातार अपलोड हो रही यात्राएं पहले की गई हैं।

नानकमता गुरुद्वारा में मत्था टेकने के बाद एक बार फिर बाजार के चौराहे पर पहुंच गया हूं। यहां से रात को दिल्ली के लिए सीधी बस जरूर है। पर मैं दोपहर में ही आगे चलना चाहता हूं। ताकि बिलासपुर में अपने के पुराने मित्र से मुलाकात कर सकूं। तो मुझे सितारगंज जाने के लिए आटो रिक्शा मिल गया है। नानकमत्ता गुुरु घर से सितारगंज की दूरी 12 किलोमीटर है।

थोड़ी देर में मैं सितारगंज बाजार के चौराहा पर पहुंच गया हूं। आप नानकमत्ता आने पर सितारगंज शहर के होटलों में भी ठहर सकते हैं। वैसे नानकमता गुरुद्वारा में भी विशाल अतिथि गृह बना हुआ है। 

सितारगंज से किच्छा ट्रक से -  लगता है आगे की मेरी यात्रा टुकड़ो में होनी है। सितारगंज से किच्छा जाना है। वहां से रुद्रपुर फिर आगे बिलासपुर फिर रामपुर। थोड़ी देर इंतजार के बाद किच्छा या रुद्रपुर जाने वाली कोई बस नहीं आई। मेरे साथ एक और सज्जन किच्छा की बस का इंतजार कर रहे हैं। तभी एक ट्रक वाले ने अपनी ट्रक रोकी। उससे पूछने पर की क्या वह हमें किच्छा तक छोड़ देगा, हमलोग इस ट्रक में सवार हो गए। शानदार हाईवे से चलते हुए ट्रक चालक ने हमें थोड़ी देर बाद किच्छा के बाजार में उतार दिया। 

कई साल पहले अपनी नैनीताल यात्रा के दौरान मैं एक बार किच्छा आया था। तब हमारे एक मित्र दिग्विजय नाथ सिंह के पिता जी यहां किच्छा शुगर मिल में कार्यरत थे।

किच्छा  रुद्रपुर जिले का एक बाजार है। हमें अब रुद्रपुर जाना है। किच्छा के मुख्य बस स्टैंड से रुद्रपुर के लिए शेयरिंग आटो रिक्शा और टाटा मैजिक जैसी गाड़ियां हमेशा मिलती हैं। मैं एक शेयरिंग टैक्सी में बैठ गया। रुद्रपुर का किराया है 20 रुपये। दूरी 20 किलोमीटर से कम ही है। थोड़ी देर में हमलोग रुद्रपुर शहर के अंदर पहुंच चुके हैं। टैक्सी ने हमें रुद्रपुर बस स्टैंड में उतार दिया है।


रुद्रपुर उत्तराखंड का बड़ा औद्योगिक शहर है। हाल के कुछ सालों में यहां पर बड़े पैमाने पर उद्योग धंधे लगे हैं। इसलिए जिला उधम सिंह नगर के मुख्यालय रुद्रपुर का विस्तार तेजी से हुआ है। यह शहर नैनीताल जाने के मार्ग में पड़ता है। पास में पंतनगर एयरपोर्ट है। पर रुद्रपुर शहर देखने में सुंदर नहीं लगता है। धूल उड़ाती सड़कें और औद्योगिक शहर का प्रदूषण यहां साफ दिखाई देता है। रुद्रपुर से दिल्ली के लिए सीधी बसें खूब मिलती हैं। पर यहां से महज 18 किलोमीटर आगे रामपुर जिले का बिलासपुर शहर है। अब बिलासपुर शहर तक रुद्रपुर का औद्योगिक क्षेत्र पसर चुका है।

इस बिलासपुर में मेरे बहुत पुराने मित्र अतय कुमार रहते हैं। उनसे फोन पर बात हुई वे मिलेंगे। तो मैं बस में बिलासपुर तक का टिकट खरीदता हूं। बिलासपुर उतरने पर बाजार में अतय कुमार से 1991 के बाद दूसरी बार मुलाकात हुई। कुल 28 साल बाद मुलाकात। वे मुझे राष्ट्रीय युवा योजना के अलीगढ़ शिविर में मिले थे। तो इतनी पुरानी मुलाकात में अतय कुमार के साथ रसमलाई खाना तो बनता ही था।

छोटी सी यादगार मुलाकात के बाद अतय कुमार ने मुझे रामपुर होकर मुरादाबाद जाने वाली बस में बिठा दिया। रास्ते में देख रहा हूं इस हाईवे को चौड़ा करने का काम जगह जगह चल रहा है। रामपुर के बाद बस दिल्ली हाईवे पर दौड़ रही है। मुरादाबाद में मैं इस बस से उतरने के बाद मैं रेलवे स्टेशन चला गया।

नहीं हो सका टनकपुर एक्सप्रेस में सवार -  दिल्ली जाने वाली टनकपुर एक्सप्रेस का समय हो रहा है। मैं गाजियाबाद का टिकट लेकर प्लेटफार्म नंबर पांच की तरफ दौड़ पड़ा। पर ट्रेन को देखकर निराशा हुई। ट्रेन में इतनी भीड़ थी कि इसमें चढ़ना मुश्किल था। वापस टिकट घर लौटा। साठ रुपये का टिकट वापस करके 30 रुपये मिले। 

मैं वापस बस स्टैंड लौट आया। यहां से दिल्ली जाने वाली बस में मोहननगर की टिकट खरीद कर बैठ गया। मुरादाबाद के रेलवे स्टेशन के आसपास का इलाका साफ सुथरा नहीं नजर आता। दिल्ली जाने बस तकरीबन एक घंटे तक मुरादाबाद शहर के औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर चक्कर घिन्नी काटती हुई शहर के बाहर निकली। इस दौरान मुझे शहर में जिगर मुरादाबादी द्वार नजर आया। महान शायर इसी शहर के रहने वाले थे। उन्होंने लिखा था -
ये इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लिजिए
एक आग का दरिया है और डूब के जाना है।

और 

हमको मिटा सके ये जमाने में दम नहीं
हमसे जमाना खुद है, जमाने से हम नहीं। 
अब हमारी बस दिल्ली की ओर जा रहे एक्सप्रेस वे पर दौड़ने लगी है। मैं चलती बस में सोने की कोशिश कर रहा हूं। 

-        विद्युत प्रकाश मौर्य – vidyutp@gmail.com
-        ( NANAKMATA, SITARGANJ, KICHHA, RUDRAPUR, BILASPUR, RAMPUR, MORADABAD )


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