Wednesday, January 29, 2020

क्या सचमुच भूतहा है - भूली भटियारी का महल



दिल्ली के केंद्र में है भूली भटियारी का महल। यह दिल्ली के रिज यानी वन क्षेत्र में स्थित है। दिल्ली के दिल कनाट प्लेस से कुछ मिनट की दूरी तय कर आप इस जंगल में पहुंच सकते हैं। पर इस महल के बारे में चर्चित है कि ये भूतहा स्थान है। यानी हाउंटेड प्लेस है। इस बात को बल इससे भी मिलता है कि खुद दिल्ली पुलिस ही शाम के बाद लोगों को यहां जाने नहीं देती।

पर सच्चाई क्या है। यह सब जानने के लिए हमलोग एक दिन भूली भटियारी के महल में पहुंच गए। दिल्ली के घुम्मकड़ी दिल से समूह के लोगों ने तय किया कि आज की सैर भूली भटियारी के महल में। तो हम सब लोग झंडेवालन मेट्रो स्टेशन के पास मिले। यहां 108 फीट ऊंचे हनुमान जी का मंदिर है। इसी मंदिर से हमारा समूह महल की ओर चल पड़ा। बग्गा लिंक मोटर्स के बगल से एक सड़क अंदर जा रही है। इस सड़क पर आधा किलोमीटर चलने के बाद दाहिनी तरफ भूली भटियारी का महल दिखाई देता है। इसमें प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं है।

भूली भटियारी महल दिल्ली के रिज यानी वन क्षेत्र में स्थित है। इसके चारों तरफ हरे भरे जंगल हैं। यह वन क्षेत्र राष्ट्रपति भवन से लेकर धौलाकुआं तक फैला हुआ है। पर आप जान लें कि भूली भटियारी महल के बारे में भूतहा होने की कहानी सत्यता से परे है।

तुगलककालीन शिकारगाह - वास्तव में यह तुगलककालीन ऐतिहासिक इमारत है। इसका निर्माण फिरोजशाह तुगलक ने करावाया था। फिरोजशाह तुगलक का शासनकाल 1351 से 1388 का रहा। फिरोजशाह तुगलक ने कुल पांच शिकारगाह बनवाए। इनमें मालचा महल, कुशक महल, उत्तरी दिल्ली के बाडा हिंदुराव अस्पताल के अंदर और महिपालपुर में। भूली भटियारी महल भी इसी शिकारगाह में शामिल है। यह राजाओं की शिकारगाह थी। राजा जब जंगलों में शिकार करने आते थे तो यहां पर रात्रि विश्राम करते थे। जाहिर है इस शिकारगाह में रहने का भी इंतजाम था। इसकी छत पर एक विशाल दालान बना हुआ है जहां खाने-पीने का इंतजाम किया जाता रहा होगा। ऐसा प्रतीत होता है कि शिकार के बाद रात को यहां राजा की महफिल जमती होगी। ये महल अरावली हिल्स के अनगढ़ पत्थरों से बना हुआ है। इसका प्रवेश द्वार विशाल है। प्रवेश द्वार के बाद एक बड़ा सा आंगन है। महल अभी भी काफी अच्छी हालत में है। महल के अंदर कुछ छोटे छोटे कक्ष बने हुए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि  ये वस्त्र बदलने के लिए बने होंगे। 

तो आप जान गए होंगे कि ये महल भूतहा बिल्कुल नहीं है। पर आज भी वन क्षेत्र में स्थित होने के कारण शाम को यह सुनसान हो जाता है। कानून व्यवस्था के कारण पुलिस यहां लोगों को जाने नहीं देती। इसी इलाके रहने वाले सरयू प्रसाद मिश्रा बताते हैं कि मेरा बचपन इसी इलाके में गुजरा है। मैंने विश्वास के साथ कह सकता हूं कि ये इलाका भुतहा बिल्कुल नहीं है।

कैसे पड़ा भूली भटियारी का महल नाम – ऐसा माना जाता है कि जंगलों में बना यह महल शिकार के बाद ज्यादातर समय खाली रहता था। इसी दौरान राजस्थान की भटियारिन संप्रदाय का एक कुनबे का परिवार यहां आकर रुक गया। वह परिवार लंबे समय तक यहां रहा। उस परिवार की महिला का नाम भूली भटियारिन था। उसके नाम पर ही आगे इस महल का नाम पड़ गया।

कैसे पहुंचे – यहां पहुंचने का निकटतम मेट्रो रेलवे स्टेशन झंडेवालन है। 108 फीट ऊंचे हनुमान जी के मंदिर के बगल से बायीं तरफ रास्ता जा रहा है। आधा किलोमीटर चलने के बाद आप महल पहुंच जाएंगे।

- विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com 
( BHULI BHATIARI MAHAL, TUGLAK, HAUNTED PLACE ) 


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