Friday, January 3, 2020

और हमने जारवा लोगों को देखा...

नीलांबर जेट्टि पर सुबह नौ बजने से पहले डिगलीपुर की तरफ से कुछ बसें आईं। मैंने इनके कंडक्टर से बात की पर इन बसों में कोई जगह नहीं है। जगह न होने की स्थिति में मैं 90 किलोमीटर का सफर खड़े खड़े जाने के लिए भी तैयार हो जाता हूं। पर वे कहते हैं महिला सवारी को वे इस तरह नहीं ले जा सकते। मैं दूसरे विकल्प की तलाश में हूं। इस बीच पोर्ट ब्लेयर से कुछ टैक्सियां भी आई हैं। इनमें आ गए सैलानी बी चूना पत्थर गुफाएं बंद होने ही खबर सुनकर दुखी हैं। अब यहां तक आ गए हैं तो क्या करें। मैं उन्हें सलाह देता हूं कि आप चाहें तो यहां पांच किलोमीटर दूर मड वोल्केनो देखने जा सकते हैं। दरअसल बाराटांग में भी एक मड वोल्केनो है हालांकि यह डिगलीपुर की तरह बड़ा नहीं है।

मेरी पोर्ट ब्लेयर जाने के लिए साधन की तलाश जारी है। तभी मेरी समस्या सुनकर एक सज्जन बोलते हैं मेरे पास टैक्सी है, उस पर मिडल स्ट्रेट पर लगी है। उसमें दो सवारियां हैं मैं आपको अपने साथ ले चलूंगा। उनके पास बड़ी इनोवा गाड़ी है। वे हम तीन के अलावा एक महिला को अपने साथ ले जाने को तैयार हो जाते हैं। पर बाराटांग से पोर्ट ब्लेयर जाने के लिए किसी यात्री को ले जाने पर पहले उसके आधार कार्ड जमा करा कर हर यात्री की प्रविष्टि वन विभाग के अधिकारियों के पास दर्ज करानी पड़ती है। इस औपचारिकता के लिए हम ड्राईवर साहब को अपना आधार कार्ड दे देते हैं। उन्होने अपनी गाड़ी का नंबर हमें बता दिया है। थोड़ी देर में बोट जेट्टि पर बैठकर हमलोग समंदर पार कर मिडल स्ट्रेट पर पहुंच गए हैं। यहां बने एक छोटे से मंदिर के पास हमारी वह गाड़ी लगी हुई है जिसमें हमें आगे की यात्रा करनी है।

तो हमलोग अपनी गाड़ी के पास पहुंच गए हैं। इस माइक से धीमी आवाज में कुछ उदघोषणाएं हो रही हैं। ये घोषणा यात्रियों के लिए है। उन्हें ताकीद दी जा रही है कि जारवा लैंड से गुजरते हुए कैसी सावधानी बरतें। थोड़ी देर में हमारे ड्राईवर साहब पहुंच चुके हैं। सेवेन सीटर एसी टैक्सी में हमलोग बैठ गए हैं। हमारे साथ दो बुजुर्ग दक्षिण भारतीय सैलानी हैं। वे पति पत्नी हैं। कुछ दिनों के लिए अंदमान घूमने आए हैं। एक स्थानीय महिला हैं जो बाराटांग से लौट रही हैं। ड्राईवर साहब बडे मजाकिया हैं। पूरे रास्ते हल्के हल्के चुहल करते हुए चल रहे हैं।


हमारी गाड़ी बमुश्किल आधा किलोमीटर चली होगी कि बाईं तरफ हमें पांच जारवा लोग सड़क के किनारे बैठे हुए दिखाई देते हैं। वे अलग अलग उम्र के लोग हैं। कोई 12 साल के , 15 साल के 18 साल के। सभी जारवा लोगों ने चेहरे पर मेकअप कर रखा है। फूलों के रंग से चेहरे को रंग बिरंगा बना रखा है। जारवा लैंड में गाड़ी धीमे चलाने की मनाही है। फिर भी हमने जारवा लोगों को बड़े ध्यान से देख लिया। हम सब की खुशियों का ठिकाना नहीं था। गाड़ी आगे बढ़ती जा रही है। थोड़ी दूर आगे चलने पर दाहिनी तरफ फिर हमें कुछ जारवा लोग दिखाई दिए। अभी कुछ और आगे चले होंगे तो एक खुले ट्रक पर कुछ जारवा लोग दिखाई दिए। पर ये सारे जारवा लोग जैसा हमने सुना था कि वे बिना कपड़ो के रहते हैं ऐसा नहीं है। जारवा लोगों ने अपने तन ढक रखे हैं। जारवा लोगों के बारे थोड़ी और बातें आगे भी जारी रहेगी...
-        विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com   
( JARWA FOREST, ANDAMAN, WE SAW JARWA TRIBE) 


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