Monday, January 27, 2020

कोलकाता का गोरा बाजार और खीर कदम की मिठास

कोलकाता एयरपोर्ट से हमें गोरा बाजार जाना है। सड़क पर आकर हमने एक काली पीली टैक्सी को रोका। कोलकाता में सभी टैक्सी वाले मीटर से चलते हैं। कोई कहीं भी जाने से इनकार भी नहीं कर सकता। सो यहां ओला उबर तलाशने की जरूरत नहीं है। हालांकि यहां पर ओला की सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। तो एक टैक्सी में बैठकर हमलोग गोरा बाजार पहुंच चुके हैं। यहां जोसेप एंड कंपनी के पास दमदम गर्ल्स हाई स्कूल के निकट मेरे एक भैया रहते हैं जो भूकंप वैज्ञानिक हैं। हम उनके घर पहुंचने वाले हैं।

अंदमान से हफ्ते भर की यात्रा से लौट कर हमलोग कोलकाता के गोरा बाजार में पहुंचे हैं। पर ये गोरा बाजार नाम क्यों हैं। कभी यहां पर गोरे लोग यानी अंग्रेज रहते थे इसलिए इसका नाम गोरा बाजार पड़ गया। ये इलाका कोलकाता के दमदम उपनगर का हिस्सा है। ये एयरपोर्ट के काफी पास है। गोरा बाजार के पास दमदम कैंटोनमेंट इलाका है। यहां लोकल ट्रेन का रेलवे स्टेशन भी है दमदम कैंट। कई सालों बाद भाभी जी भतीजी निशिता से मुलाकात हुई है। निशिता तो 12वीं पास कर चुकी है। अनादि 2014 में अपनी निशिता दीदी से मिले थे। तब वे चौथी कक्षा में थे अब नौंवी में हैं। वे बार बार दीदी को याद करते रहते थे। आज मुलाकात हो गई है।

कोलकाता से मेरी और माधवी, अनादि की राहें अलग होने वाली हैं। वे दोनों ट्रेन से पटना जाएंगे और मैं रात की उड़ान से दिल्ली। तो इससे पहले गोरा बाजार में थोड़ी शॉपिंग। शाम को हमलोग पास के बाजार में पहुंचे। कोलकाता सूती की साडियां खरीदने के लिए बडी अच्छी जगह है। तीन दुकानों में काफी साडियां देखने के बाद हमें कुछ पसंद आ गईं। आगे बाजार में जाकर हमने सरसों की चटनी भी खरीदी। ये खास तौर पर कोलकाता के आसपास ही मिलती है। अब कोलकाता में हैं और मिठाइयां न खरीदें ये कैसे हो सकता है। तो हम पहुंच गए हैं जेएन तिवारी रोड पर कोलकाता स्वीट्स में। मैंने अपनी पसंदीदा बंगाली मिठाई खरीदी है - खीर कदम।

शाम को हमलोग टैक्सी लेकर चल पड़े हैं कोलकाता रेलवे स्टेशन के लिए। टैक्सी वाले निराला मुसलमान हैं। पर हाल में हुए लोकसभा चुनाव के बाद बंगाल में भाजपा को मिली 18 सीटों पर कहते हैं कि भाजपा दो से 8 हो गई है , अगले साल विधानसभा चुनाव में तो दीदी साफ हो जाएंगी। दीदी ने टैक्सी वालों पर बड़ा जुल्म किया है। वे बता रहें नारा चल रहा है – लोकसभा में हाफ, विधानसभा में साफ। दीदी तेरा काम तमाम, जय श्री राम।

कोलकाता रेलवे स्टेशन काफी साफ सुथरा है। हम पटना गरीब रथ की तलाश में हैं। पर गलती से गुवाहाटी गरीब रथ में जाकर बैठ गए। जल्द ही गलती पता चल गई, फिर जाकर सही ट्रेन में बैठे। खाने का समय हो गया है, पर प्लेटफार्म पर पास में कोई भोजनालय नहीं है। हमने अनादि को ट्रेन चलने पर पेंट्री से खाना मंगवा लेने की सलाह दी। तब तक उन लोगों के लिए कुछ स्नैक्स लेकर दिया और मैं चल पड़ा। 

एयरपोर्ट के लिए कोलकाता रेलवे स्टेशन के बाहर से अजय ने सलाह दी थी कि थोड़ा बायीं तरफ पैदल चलने पर पर उलटाडांगा एयरपोर्ट रोड पर पहुंच जाएंगे पर ये पदयात्रा मुझे एक किलोमीटर से ज्यादा लगी। दो बैग के साथ इतना चलना थका देने वाला रहा। खैर मुख्य सड़क पर पहुंचने पर एयरपोर्ट जाने वाली एसी बस मिल गई। मैं समय रहते एयरपोर्ट परिसर में पहुंच गया। बोर्डिंग पास लेने से पहले टैक्सी स्टैंड में रात्रि भोजन कर लेना ठीक रहेगा। यहां 70 रुपये की थाली है चावल की। खाने के बाद एयरपोर्ट परिसर में दाखिल हुआ।

वेटिंग लाउंज में हमें मां दुर्गा की थ्रीडी प्रिंटर से निकाली गई प्रतिमा दिखाई देती है। इसे दुनिया की पहली थ्रीडी प्रिंटेड मां दुर्गा की प्रतिमा होने का दावा किया गया है। हमारी गो एयर की उड़ान है दिल्ली के लिए। रात 11 बजे है उड़ान का समय। बोर्डिंग के बाद अपने एयरब्रिज गेट पर इंतजार करने लगा। इस बीच पटना जा रही गरीब रथ की ऑनलाइन ट्रैकिंग भी देख रहा हूं। विमान दिल्ली के लिए समय पर उड चला है। इसे उड़ा रही हैं कैप्टन सरिता। सह पायलय हैं युगांक। क्रू मेंबर हैं निशा, शिखा, आदर्श और वैजयंती। मैं रात्रि उड़ान में सोने की कोशिश कर रहा हूं। पर सो नहीं पाता। करीब सवा दो घंटे बाद हम दिल्ली के आसमान पर हैं। टी – 2 पर उतरने के बाद रात्रि दो बजे के बाद बाहर आकर कश्मीरी गेट जाने वाली एसी बस में बैठ गया हूं।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य – vidyutp@gmail.com
-        ( GORA BAZAR, DUMDUM. KOLKATA, KHIR KDAM SWEETS, GO AIR, DELHI )

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