Monday, January 13, 2020

और अंदमान निकोबार में जीत गई कांग्रेस


सत्रहवीं लोकसभा चुनाव के परिणाम 23 मई 2019 को आ गए हैं। इस चुनाव में देश भर में भाजपा 302 सीटों पर जीतकर पूर्ण बहुमत से सत्ता में एक बार फिर वापस लौटी है। पर केंद्र शासित प्रदेश अंदमान निकोबार की एक लोकसभा सीट पर इस बार कांग्रेस उम्मीदवार कुलदीप राय शर्मा ने जीत दर्ज की है। 24 तारीख की सुबह मैं जब अंदमान की बस में बैठा हूं को ड्राईवर और कंडक्टर चर्चा कर रह हैं कि पूरे देश में भाजपा जीत गई है पर अंदमान में कांग्रेस ने कैसे जीत दर्ज कर ली है। 

दरअसल 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में अंदमान के एकमात्र लोकसभा सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। पर इस बार जबरदस्त लहर में भी अंदमान में भाजपा चुनाव हार गई। पांच लाख के आसपास आबादी वाला अंदमान एक सांसद चुनकर भेजता है। अंदमान एक केंद्र शासित प्रदेश है। यहां राज्य में दिल्ली या पुड्डुचेरि की तरह विधानसभा नहीं है। पर यहां लोक सांसद चुनते समय उस उत्साह से वोट डालते हैं मानो सरकार चुन रहे हों।

यहां लोक लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। पोर्ट ब्लेयर शहर पर कांग्रेस की जीत के बाद बधाई देने वाले कई पोस्टर जगह जगह लगे हुए हैं। दस साल बाद यहां कांग्रेस का सांसद बना है तो लोग खूब विजय जुलुस निकाल रहे हैं।
मैं 26 तारीख की दोपहर के बाद पोर्ट ब्लेयर 325 किलोमीटर दूर उत्तर अंदमान के शहर दिगलीपुर पहुंचता हूं तो वहां पर कांग्रेस के कार्यकर्ता विजय जुलुस निकाल रहे हैं। रंग गुलाल के साथ जीत की खुशियां मना रहे हैं। वहां मेरी मुलाकात एक भाजपा के कार्यकर्ता आदेश से होती है। वे कहते हैं कि कांग्रेस जीत की खुशी में पागल हो रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि मानो उन्होंने दिल्ली जीत लिया हो। 

बेशक कांग्रेस का उम्मीदवार 1200 से कुछ ज्यादा मतों से ही जीता है। पर जीत तो जीत होती है और हार हार ही होती है। वे कहते हैं कि निकोबारी लोगों के वोट के कारण कांग्रेस ये चुनाव जीत गई है। निकोबारी लंबे समय से कांग्रेस को वोट देते आए हैं। आदेश कहते हैं कि पंडित नेहरू एक बार निकोबार द्वीप गए थे। वहां उन्होंने खुश होने पर अपना कोट उतार कर निकोबारी लोगों को दे दिया था। उस घटना को याद करके निकोबार के आदिवासी समुदाय के लोग कांग्रेस को ही वोट देते हैं। पर अंदमान के अच्छी संख्या बंगाली लोगों की है। बंगाली समुदाय में भाजपा ने अच्छी पैठ बना ली है।

कुछ लोगों का कहना है कि भाजपा ने इस चुनाव में उम्मीदवार बदल दिया था। इस नए उम्मीदवार की इमेज अच्छी नहीं थी इसलिए भी उन्हें कम वोट मिले। पोर्ट ब्लेयर के जिस ब्लेयर होटल में हमलोग ठहरे हैं उसके ठीक सामने अंदमान कांग्रेस कमेटी का दफ्तर है। बाद में हमें पता चला कि हम जिस ब्लेयर होटल में ठहरे हैं उसके मालिक कांग्रेस के सांसद कुलदीप राय शर्मा ही हैं। हालांकि ये होटल उन्होने लीज पर चलाने के लिए किसी और व्यक्ति को दे रखा है। उनकी पोर्ट ब्लेयर में कई संपत्तियां हैं। वैसे अंदमान की राजनीतिक बयार पर तमिलनाडु और बंगाल की राजनीति का असर सबसे ज्यादा होता है। भौगोलिक तौर पर निकटता के साथ ही यहां की आबादी में बांग्ला और तमिल लोगों की अच्छी संख्या है।

-        विद्युत प्रकाश मौर्य  - vidyutp@gmail.com 
( ANDAMAN POLITICS, CONGRESS, KULDEEP RAI SHARMA ) 

No comments:

Post a Comment