Wednesday, January 1, 2020

नीलांबर जेट्टि की सुबह और हम नहीं जा सके चूना पत्थर गुफा


उत्तरा जेट्टि से नीलांबर जेट्टि पहुंचने के बाद हमने पोर्ट ब्लेयर वाली बस छोड़ दी है। अपने सारे सामान के साथ समंदर के किनारे बने लकड़ी के सुंदर यात्री विश्राम गृह में जाकर बैठ गए हैं। इसमें लकड़ी की बेंच बनी है। इन पर बैठकर आप समंदर को निहार सकते हैं। बारिश से बचने के लिए उपर छत भी है। यह कुछ सपनों की दुनिया जैसी है। माधवी और वंश को यहीं छोड़कर मैं लाइम स्टोन गुफा की ओर जाने के लिए बुकिंग करने वाले काउंटर की तरफ बढ़ चला हूं। हालांकि अभी काउंटर खुलने में समय है।

और मिली दुखद खबर - चूना पत्थर गुफाओं के बारे में मैंने काफी जानकारी जाते समय ही ले ली थी। पर आज काउंटर पर जाते हुए मुझे एक दुखद खबर सुनने को मिली। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि आज तो चूना पत्थर गुफाओं की ओर जाने वाली नावें नहीं चलेंगी। क्यों भला आज तो साप्ताहिक छुट्टी का भी दिन नहीं है। तब लोगों ने बताया कि एक दिन पहले यहां एक हादसा हुआ। शाम को चूना पत्थर गुफा की ओर जाने वाली स्पीड बोट में से एक स्पीड बोट पर बिजली की तार टूट कर गिर गई। 

इस बोट में करंट आ गया और नाव पर सवार युवक की मौत हो गई। उसके साथ एक दूसरा युवक भी घायल है। उसे पोर्ट ब्लेयर ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवक की हालत भी गंभीर है। जिस युवक की मृत्यु हुई वह बोट एसोसिएशन के प्रधान का बेटा था। इसलिए सारे बोट संचालन करने वालों ने सम्मान में आज  अपना कारोबार बंद रखा है।

दुकानें और बाजार भी बंद - इतना ही नहीं आज नीलांबर जेट्टि के आसपास की सभी दुकानें भी बंद रहेंगी। तो मतलब ये हुआ कि अब आज हमारा चूना पत्थर गुफा की ओर जाने की योजना रद्द हो चुकी है। मैं बड़े भरे मन से ये जानकारी जाकर अनादि और माधवी को देता हूं। अब हमारे सामने क्या विकल्प है। कुछ नहीं पोर्ट ब्लेयर पहुंचना है। पर अब अगला कॉनवाय यानी जत्थे का समय सुबह नौ बजे का होगा। यानी दो ढाई घंटे बाद। तब तक यहीं नीलांबर जेट्टि में ही वक्त गुजारना है। इस बीच सुबह का नास्ता किया जा सकता है। पर खाने पीने की सारी दुकानें भी तो बंद हैं। 

मैं नीलांबर की सड़कों पर टहलते हुए आगे बढ़ता हूं। मैं देख रहा हूं बाराटांग में स्टेट बैंक की शाखा है। एक एटीएम भी है। पर एटीएम बंद है। बगल में एक कोआपरेटिव बैंक की भी शाखा है। यहां एक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी दिखाई देता है। पर सुबह सुबह सब कुछ बंद है।  

इडली डोसा तैयार है - सड़क पर घूमने के दौरान एक सज्जन मिलते हैं। पूछते हैं नास्ता करना है तो डोसा इडली तैयार है। पर रेस्टोरेंट का दरवाजा सामने से बंद है। गली से होकर अंदर आ जाइए। हम यही तो चाहते थे। मन की मुराद मिल गई। मैं दौड़ कर माधवी और वंश के पास गया अपने लगेज के साथ हमलोग उस रेस्टोरेंट में जाकर विराज गए। वहीं बैठकर पहले ब्रश किया। फिर इडली और डोसा का आर्डर दे दिया। खाने पीने की दरें बिल्कुल वाजिब थीं। बमुश्किल सौ रुपये में हमलोगों का सुबह का नास्ता हो गया। इस बीच एक घंटे गुजर गए हैं। हमलोग एक बार फिर जेट्टि पर पहुंच गए हैं।

नौ बजने से पहले पोर्ट ब्लेयर की तरफ से कई वाहन आ चुके हैं। इनमें कई आरक्षित टैक्सियां भी हैं। हालांकि लाइम स्टोन गुफा बंद होने की सूचना पोर्ट ब्लेयर पहुंच चुकी थी, फिर भी कई टैक्सी वाले यहां लोगों को लेकर पहुंच गए हैं। क्योंकि कई लोग पहले ही बुकिंग करा चुके थे। राशि वापस नहीं होनी थी तो सोचा चलो नीलांबर जेट्टि तक हो आते हैं। कुछ नहीं तो शायद रास्ते में जारवा ही दिखाई दे जाएं। तो अब मैं इन्ही टैक्सी और बस वालों से पोर्ट ब्लेयर तक वापसी के लिए जगह की बात करने लगा हूं।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com
( NILAMBAR JETTY, STRIKE, LIME STONE CAVES ) 

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