Wednesday, December 18, 2019

डिगलीपुर से एरियल बे- सुहाने द्वीप की ओर


सुबह का नास्ता करने के बाद हमलोग निकल पड़े हैं रॉस एंड स्मिथ द्वीप की ओर। पर वहां जाने के लिए पहले हमें एरियल बे जाना होगा। एरियल बे डिगलीपुर शहर से 12 किलोमीटर पूरब की तरफ कालीपुर के रास्ते में है। वहां तक जाने के लिए समय समय पर बस जाती है। आटो रिक्शा वाले 100 से 125 रुपये मांगते हैं। हमलोगों ने आटो रिक्शा आरक्षित किया और चल पड़े एरियल बे की ओर। 

आटो वाले ने हमें एरियल बे जेट्टि के पास उतार दिया है। पर हम यहां सुबह सुबह पहुंचने वाले पहले सैलानी हैं। यहां से स्मिथ आईलैंड पर जाने वाले मोटर बोट का पैकेज रेट है। कुल 10 लोगों को ले जाने वाली बोट का किराया 6000 रुपये है। यानी एक आदमी के छह सौ रुपये। पर यह तभी हो सकता है जब दस लोग हों। हम तो अभी तीन ही लोग हैं। तो हमें और लोगों के आने का इंतजार करना होगा।

अगर आप कम लोगों के लिए बोट लेना चाहते हैं तो पांच लोगों के छोटे बोट का किराया 4000 रुपये है। यानी 800 रुपये प्रति व्यक्ति। यह बड़े बोट की तुलना में महंगा है। पूरी बोट आरक्षित कराने के बजाय हमलोगों ने सोचा कुछ लोग और आ जाएं अच्छा रहेगा। तो हमलोग बैठकर इंतजार करने लगे और सैलानियों के आने का। यहां पर क्रीक बोट एसोसिएशन बना हुआ है। साइन बोर्ड पर पदाधिकारियों ने मोबाइल नंबर लिखे हुए हैं। ये अच्छी बात है कि किराया को लेकर कोई मोलभाव नहीं है। 

सामने एक शेड वाला बस स्टाप है। वहीं बैठकर हमलोग इंतजार कर रहे हैं। थोड़ी देर में दो बसों और एक टैक्सी में काफी लोग आ गए। बस में तमिलनाडु का एक समूह है। अब इन लोगों के साथ हमारा समूह बन गया। 

द्वीप पर जाने के लिए परमिट : बुकिंग के समय सबको अपना आधार कार्ड दिखाना पड़ता है। हर यात्री की रजिस्टर में नाम पते और आधार नंबर के साथ एंट्री की जाती है। यानी एक तरह का परमिट बनवाना पड़ता है। बोट पर बैठने से पहले पैसेंजर टरमिनल पर परमिट की जांच होती है। 

सामने समंदर में लगे नीले नीले ढेर सारे बोट में से एक बोट हमारा होगा। हमें एक सामूहिक पर्ची मिल गई है जिसमें 10 लोगों के नाम हैं। अब हम सभी दस लोगों को साथ रहना है। आगे चलकर हमलोग पैसेंजर टर्मिनल में पहुंचे। यहां पर बैठने और शौचालय आदि का इंतजाम है। यहां पर हमारी पर्ची की जांच हुई। इसके बाद हमलोग अपनी बोट की ओर बढ़ चले। हमारे बोट का नाम है ह्वाइट कोरल। ये नाम याद रखना है क्योंकि लौटना भी इसी बोट से है। बोट में 12 लोगों के बैठने की कुर्सियां लगी हैं। पर दस से ज्यादा लोग नहीं बिठाए जाते। 

हम अपनी अपनी कुर्सियों पर बैठ गए और लाइफ जैकेट बांध लिया। हमारे साथ तमिलनाडु रामागति हैं जो आटो कंपनी में एचआर मैनेजर हैं। वे मजेदार बातें कर रहे हैं। और अब बोट चलने को तैयार है। एरियल बे टर्मिनल पर कुछबड़े जहाज दिखाई दे रहे हैं। दरअसल पोर्टब्लेयर से समुद्र के मार्ग से डिगलीपुर आने पर भी जहाज इसी एरियल बे जेट्टि में आकर लगते हैं। रॉस एंड स्मिथ द्वीप के लिए समंदर में तकरीबन सात किलोमीटर का सफर है। बोट ने रफ्तार पकड़ ली है। दोनों तरफ जलधाराएं उड़ रही हैं जो हमें थोड़ा थोड़ा भींगा रही हैं।
कुछ मिनट के सफर के बाद हमें दो द्वीप एक साथ दिखाई देने लगे। एक नाम है स्मिथ तो दूसरे का नाम है रॉस। नीले समंदर के बीच हरे भरे द्वीपों को देखकर लग रहा है मानो हम किसी जन्नत में पहुंच गए हों। तो रॉस और स्मिथ की बातें आगे भी जारी रहेंगी।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य – vidyutp@gmail.com  
( SMITH AND ROSS ISLAND, ANDAMAN ) 







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