Tuesday, December 17, 2019

डिगलीपुर में दाल, तंदूरी रोटी, इडली डोसा और गोलगप्पा


डिगलीपुर में स्थानीय बाजार में आम सस्ते हैं। इनका स्वाद भी अच्छा है। शाम को यहां की सड़क पर शाम को टहलते हुए सबसे पहले गोलगप्पे की दुकानें नजर आईं। गोलगप्पा 10 रुपये का आठ। यह तो दिल्ली से सस्ता है। तो क्यों न कुछ गोलगप्पे खा लिए जाएं। आंटी के बनाए गोलगप्पे अच्छे हैं।

फूडीज में लंच और डिनर - रात को खाने के लिए डिगलीपुर में हमें ज्यादा शोध नहीं करना पड़ा। हमारे होटल कार्तिका इन से ठीक बगल में एक अच्छा रेस्टोेरेंट फूडीज दिखाई दे गया। होटल को देखकर प्रतीत होता है कि नया ही खुला है। बाहर तंदूर लगा है अंदर बैठने का अच्छा इंतजाम है। यहां का खाना अच्छा है तो हमने किसी और जगह तलाश नहीं किया। जितने समय डिगलीपुर में रहे, यहीं पर भोजन के लिए पहुंचते रहे। उनके यहां हमें पीली दाल, तंदूरी रोटी और मिक्स वेजिटेबल सब्जी खाने को मिल गई। सबका का स्वाद भी अच्छा था। और हां वे वेज बिरयानी भी अच्छी बना रहे हैं। हालांकि ये होटल समिष निरामिष दोनों ही व्यंजन परोसता है। पर उनका रसोइया अच्छा है। हमें तो पोर्ट ब्लेयर से 300 किलोमीटर छोटे से नगर डिगलीपुर में इतने अच्छे भोजनालय की कोई खास उम्मीद भी नहीं थी।

हां इस रेस्टोरेंट का नाम है फूडीज। नाम भी आधुनिक रखा गया है। महानगरों की तर्ज पर। हर रोज हमारी इस होटल के प्रोपराइट से मुलाकात हो रही है। उनका नाम है मलय दास। उनके घर में कोई शोक हो गया है तो धोती-कुरता और दंड धारण किए हैं। उन्हें अपने चाचा जी का अंतिम संस्कार करना है। बंगाली बाबू हैं प्रोपराइटर महोदय मलय दास।

लंबे समय बाद लॉकडाउन के दौरान 30 अप्रैल 2020  को उनसे अचानक ही संवाद हुआ। वे बताने लगे हमारे डिगलीपुर में एक भी कोरोना केस नहीं है। हमलोग ग्रीन जोन में है। कई दिनो रेस्टोरेंट बंद रहा। दो दिन पहले खुल गया है। पर अभी हमें सिर्फ होम डिलेवरी की अनुमति है। मुझे जानकर खुशी हुई डिगलीपुर में कोरोना काल में भी जिंदगी अच्छी चल रही है। तब मैंने उन्हें अपनी एक तस्वीर भेजने को कहा तो उन्होंने अपने रेस्टोरेंट की पृष्ठभूमि में एक तस्वीर भेजी। 
मलय दास को उम्मीद है डिगलीपुर को जल्द ही नया एयरपोर्ट मिलने जा रहा है। अंदमान ट्रंक रोड की हालत भी अगले कुछ साल में सुधर जाएगी तो डिगलीपुर ने वाले सैलानियों की संख्या में इजाफा होगा। उन्होंने आखिरी मुलाकात में मुझसे आग्रह किया कि आप दुबारा भी डिगलीपुर घूमने आएं। अपने मित्रों को भी यहां आने को प्रेरित करें। 
हालांकि डिगलीपुर में कुछ और फेमिली रेस्टोरेंट भी दिखाई दे रहे हैं। पर हम वहां खाने नहीं जा सके। हां डिगलीपुर के आसपास घूमने के लिए आप यहां पर मोटर बाइक किराये पर भी ले सकते हैं। मुझे डालफिन चौराहे के पास बाइक फॉर हायर के बोर्ड दिखाई देते हैं। यह बाइकर के लिए अच्छा विकल्प है।

सब्जी बाजार की रौनक - सुबह सुबह डिगलीपुर के सब्जी बाजार में भी जाने का समय निकाल लिया। स्थानीय तौर पर होने वाली सब्जियां यहां सस्ती हैं। खास तौर पर पके हुए केले और आम काफी सस्ते मिल रहे हैं। स्थानीय आम तो 20 रुपये किलो बिक रहा है। केले भी 15 से 30 रुपये दर्ज के भाव मिल रहे हैं। बाहर सड़क पर कई तरह के साग भी बिक रहे हैं। हालांकि आलू प्याज जैसी चीजें यहां बाहर से मंगानी पड़ती हैं। 

हां सब्जी बाजार में एक बड़ा हिस्सा मछली बाजार का भी है। कई किस्म की मछलियां बिक रही हैं। डिगलीपुर में एनडीको ब्रांड का दूध भी मिल जाता है। यह दिल्ली के मदर डेयरी जैसा ही ब्रांड है। डिगलीपुर की सड़कों पर आम के पेड़ दिखाई दे रहे हैं। इनमें आम पक चुके हैं। मैं देख रहा हूं कि पके हुए आम जमीन पर गिर जा रहे हैं। एक ताजा पका हुआ आम तो मैं उठा भी लेता हूं।

एक सुबह का नास्ता हमने डिगलीपुर चौराहे पर दक्षिण भारतीय मंदिर के बगल में रेस्टोरेंट में किया। यहां सुबह सुबह इडली और मसाला डोसा मिल गया। यह डोसा छोटा है पर उसके हिसाब से ही दरें भी काफी सस्ती हैं। यहां नास्ते में पूरियां भी मिल रही हैं। पर इडली से अच्छा नास्ता कुछ भी नहीं...

3 comments:

  1. Sadar pranaam. Dil ko kchoo liya bhayya jee.

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    1. अब देखिए आपकी तस्वीर लगाकर अपडेट कर दिया है।

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  2. BAHUT HI SUNDAR ABHIVYAKTHI...👍❤
    PLEASE DO VISIT MY HOMW WHEN HERE NEXT TIME...❤

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