Saturday, December 14, 2019

डिगलीपुर – अंदमान का एक सुंदर, सौम्य और शांत शहर


थोड़ी देर होटल में आराम फरमाने के बाद डिगलीपुर की सड़क पर हम तफरीह करने निकल पड़े हैं। होटल कार्तिका इन के ठीक सामने विवेकानंद स्टेडियम है। यहीं पर अंदमान की सरकारी बसों का पड़ा भी है। स्टेडियम के पास डॉलफिन तिराहा है। यहां पर अंडमान टूरिज्म का एक बोर्ड लगा है। इस पर लिखा है डिगलीपुर नहीं देखा तो क्या देखा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोशिश तो अच्छी है। पर अंदमान आने वाले सैलानियों में से 10 फीसदी भी डिगलीपुर तक नहीं आते।

जैसा कि हम पहले चर्चा कर चुके हैं कि डिगलीपुर अंदमान की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से 300 किलोमीटर से थोड़ा ज्यादा ही दूर है। तो यहां पहुंचने के लिए पोर्ट ब्लेयर से बस से 12 घंटे के सफर के अलावा दूसरा रास्ता समुद्री मार्ग से आने का भी है। पर पोर्ट ब्लेयर से डिगलीपुर की फेरी सिर्फ हफ्ते में दो दिन चलती है। उसका टिकट भी ऑनलाइन नहीं मिलता है। समंदर का रास्ता सुहाना है, पर इसकी टिकटें काफी पहले से बुक रहती हैं। आप चाहें तो पोर्ट ब्लेयर से निजी टैक्सी या कार बुक करके भी डिगलीपुर आ सकते हैं। पर यह थोड़ा महंगा सौदा हो सकता है।

डिगलीपुर में ठहरने की बात करें तो कार्तिका इन बेहतरीन होटल है। इसके अलावा सुभाष ग्राम क्षेत्र में कई और बेसिक सुविधाओं वाले होटल लॉज हैं। पर यहां ज्यादा लग्जरी वाला होटल अभी कोई नहीं है। मैंने दिल्ली से ही डिगलीपुर के एपीडब्लूडी गेस्ट हाउस में कमरा बुक करने की कोशिश की थी। उन्हें फोन किया तो जवाब मिला कि आप अपना आग्रह फैक्स कर दें। साल 2019 में दिल्ली में कोई फैक्स का इस्तेमाल नहीं करता। हर जगह ईमेल है। पर डिगलीपुर में अभी फैक्स चलता है। भला क्यों। यह तो यहां आकर पता चला। दरअसल डिगलीपुर मे सिर्फ बीएसएनएल का डाटा चलता है, वह भी सिसकते हुए। कई बार दो दिन तक डाटा गायब रहता है। तो फैक्स का इस्तेमाल मजबूरी है यहां पर। निजी आपरेटर एयरटेल और वोडाफोन की भी मोबाइल सेवाएं यहां उपलब्ध हैं पर हर जगह उनका नेटवर्क नहीं मिलता।

अब कुछ बातें डिगलीपुर के बारे में। डिगलीपुर उत्तरी अंदमान का सबसे बड़ा शहर है। सन 2001 में इसकी आबादी 43 हजार से ज्यादा थी। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 43 मीटर है। यहां हिंदी, बांग्ला, तमिल, तेलुगू बोलने वाले लोग रहते हैं। धान और नारियल यहां की प्रमुख खेती है। डिगलीपुर इलाके में 43 गांव आबाद है। ज्यादातर गांव के लोग दो सौ सालों के दौरान मुख्य भारत भूमि से आए हुए लोग हैं। उन लोगों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखा है।
अंदमान द्वीप समूह की एकमात्र नदी कल्पोंग नदी इस शहर के बीच से होकर गुजरती है। वहीं पूरे अंदमान निकोबार द्वीप समूह का सबसे ऊंचा पहाड़, सैडल पीक, डिगलीपुर शहर से 10 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।

डिगलीपुर के पास रॉस एंड स्मिथ आईलैंड, कालीपुर बीच, लिमिया बीच, मड वाल्केनो आदि प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। अगर आप अंदमान में भीड़ भाड़ से दूर शांत स्थलों की तलाश में हैं तो डिगलीपुर आकर आपकी तलाश पूरी हो सकती है। आप चाहें तो डिगलीपुर आकर एक हफ्ते भी गुजार सकते हैं। पर कम से कम यहां दो दिन का प्रवास तो बनता ही है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य-  vidyutp@gmail.com

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