Friday, November 29, 2019

चिड़ियाघर, सन सेट प्वाइंट और बैंगन का पकौड़ा


चिड़िया टापू में हसीन शाम गुजारने के बाद हमलोग सूरज ढलने से पहले सन सेट प्वाइंट तक पहुंच जाना चाहते हैं। तो जल्दी जल्दी आटो में बैठकर अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ चले। चिड़िया टापू से दो किलोमीटर पहले समुद्र के तट पर एक क्षेत्र है जिसे लोग सनसेट प्वाइंट कहते हैं। यहां पर सूरज को डूबते हुए देखना सुंदर अनुभूति है। समंदर के उस पार जंगल में सूरज धीरे धीरे उतरता हुआ कहीं खो जाता है। पर आज बादलों का मौसम है। हम सूरज को डूबते हुए उतरने बेहतर ढंग से नहीं देख पाए जितना आम तौर पर लोग देख पाते हैं।

बहुमूल्य मैंग्रोव – मैंग्रोव क्या हैं। मैंग्रोव ऐसे जंगल को कहते हैं जो नमकीन पानी को सहन कर लेता है। यह हाई टाइड और लो टाइड वाले क्षेत्रों के आसपास पाया जाता है। चिड़िया टापू के आसपास आपको ऐसे मैंग्रोव देखने को मिलते हैं। अंदमान के कुल वन क्षेत्र में 8.6 फीसदी इलाका मैंग्रोव का है। मैंग्रोव क्षेत्र में प्राप्त होने वाली लकड़ी काफी बहुमूल्य होती है। इनका कई तरह का इस्तेमाल है। काफी पहले लोग मैंग्रोव की उपादेयता नहीं समझते थे। पर अब इसकी कीमत का एहसास हो गया है। पारिस्थितिकी संतुलन में भी इनकी बड़ी भूमिका है। अब वन विभाग इनके संरक्षण को लेकर सचेत है।

बोटानिकल गार्डनचिडिया टापू में अंदमान निकोबार का बोटानिकल गार्डन भी बना हुआ है। इस बोटानिकल गार्डन के प्रवेश द्वार पर आपको विशाल ह्वेल मछली की खोपड़ी के दर्शन होते हैं। इसकी खोपड़ी को देखकर आप सहज की अंदाजा लगा सकते हैं कि ह्वेल कितनी विशाल रही होगी। 

घने जंगलों के बीच बायोलॉजिकल पार्क, चिड़िया टापू का प्रवेश द्वार खूबसूरत नजर आ रहा है। इसकी स्थापना एक अक्तूबर 2009 को अंदमान प्रशासन द्वारा की गई थी। अगर आपको चिड़िया घर की सैर करनी है तो आपको इस क्षेत्र में दोपहर तक ही पहुंच जाना चाहिए। 

पहले जैविक उद्यान घूमें उसके बाद शाम को चिड़िया टापू की ओर प्रस्थान करें। पार्क खुलने का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक का है। प्रवेश टिकट बड़ों के लिए 20 रुपये और बच्चों के लिए 10 रुपये का है। पार्क के अंदर घूमने के लिए बैटरी से चलने वाली गोल्फ कार्ट की सेवा उपलब्ध है। इसके लिए आपको महज 20 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते हैं। स्टिल फोटोग्राफी के लिए कोई शुल्क नहीं है। वीडियोग्राफी के लिए शुल्क देना होगा।

शाम को आलू बैगन पकौड़ा – चिड़िया टापू से अब वापसी का समय हो गया है। पर सनसेट प्वाइंट के पास कुछ दुकाने हैं। हम वहां पर रुक जाते हैं। थोड़ी भूख लगी है। एक दुकान पर आलू , बैंगन, केला, मिर्च आदि के पकौड़े बनाए जा रहे हैं। आपके आर्डर देने के बाद दुकानदार बैगन और केले को काटकर ताजे पकौड़े बना रहे हैं।

 तो हमलोगों  ने एक प्लेट पकौड़े का आर्डर दे डाला। हालांकि खाने के दौरान उन्होने बताया कि वे तलने के लिए पाम आयल का इस्तेमाल कर रहे हैं। तब थोड़ा दुख हुआ। पर कभी कभी पाम आयल खा लेने में कोई खास दिक्कत नहीं होनी चाहिए। तो अब चलें वापस शहर की ओर।
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 

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