Friday, November 15, 2019

एक बार फिर अदभुत अंदमान की ओर


तीन साल बाद यानी साल 2016 के बाद 2019 में एक बार फिर अंदमान जाने का कार्यक्रम बन गया। इस बार बेटे अनादि और उनकी मां माधवी भी साथ हैं। 23 मई की रात को 17वीं लोकसभा चुनाव के नतीजे आए जिसमें मोदी सरकार प्रचंड बहुमत से जीती। रात 1.30 बजे तक दफ्तर में सुबह का अखबार निकालने में अपनी भूमिका निभाने के बाद घर आया। अनादि और माधवी पैकिंग करके तैयार थे, मैंने भी अपनी पैकिंग पूरी की। मुझे किसी भी यात्रा के लिए पैकिंग करने में महज आधे घंटे का वक्त लगता है। 

रात 2.30 बजे टैक्सी बुक कर हम दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल दो (टी2) के लिए चल पड़े। इस बार हमने में  गो एयर के विमान की सेवाएं ली है। उड़ान का समय सुबह 5.45 बजे का है। सुबह 4 बजे के आसपास चेकइन की प्रक्रिया पूरी कर हम विमान का इंतजार करने लगे। सुबह 5.05 बजे प्रवेश आरंभ हुआ। एयरब्रिज के बजाए हमें विमान तक बस से ले जाया गया। गोएयर के ए 320 विमान में हमें 30 ए, बी, सी सीट मिली है। यानी सबसे आखिरी सीट। सुबह 5.30 के बाद उजाला होने लगा है और हम आसमान में हैं। लगभग ढाई घंटे बाद विमान कोलकाता एयरपोर्ट पर उतर गया। यहां विमान का 35 मिनट का ठहराव है। काफी यात्री कोलकाता में उतर गए। आसपास में कुछ नए चेहरे अवतरित हो गए हैं। पर पायलट और परिचारिकाएं वही रहीं।

जहाज को उड़ा रही हैं कैप्टन अर्शदीप कौर, उनके साथ है कैप्टन ध्रुव आर्य। परिचारिकाएं हैं शहनाज और उनकी साथी। जहाज 850 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से 33 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर रहा है। कोलकाता के बाद हमलोग समंदर के ऊपर यानी पानी के ऊपर उड़ान भर रहे हैं। मौसम अच्छा है। मेरी पिछली यात्रा की तरह इस बार पानी के ऊपर हम खराब मौसम से गुजर रहे हैं... जैसी कोई चेतावनी जारी नहीं हुई। कोलकाता से पोर्ट ब्लेयर की दूरी विमान ने दो घंटे में तय कर ली है। अनादि आसमान से पोर्ट ब्लेयर की धरती को देखकर रोमांचित हो रहे हैं। पिछली बार मैं उन्हें छोड़कर अकेला ही अंदमान की यात्रा पर आया था। पर इस बार वे अपनी सूची बनाकर लाए हैं कि अंदमान में उन्हें क्या क्या देखना है।

हम पोर्ट ब्लेयर में उतर गए हैं। मेरे लिए तो ये छोटा सा एयरपोर्ट जाना पहचाना सा है। विमान से आगमन टर्मिनल महज 200 मीटर है, पर इतनी छोटी दूरी के लिए बस में बिठाया गया। पर पोर्ट ब्लेयर छोटा हवाई अड्डा है। पर अब इसके नए कलात्मक भवन का निर्माण हो रहा है। बाहर निकलते ही आटो रिक्शा वाले हमारे पीछे पड़ गए है। पर मैं सामान के साथ लांबा लाइन की सड़क पर आ गया। यहां से अबरडीन बाजार की ओर जाने वाली सिटी बस में बैठ गया। दस रुपये प्रति सवारी टिकट है। हमलोग मिडल प्वाइंट पर सागरिका शोरुम के पास उतर गए। थोड़े पूछताछ में ओम गोस्ट हाउस मिल गया। 

हमारा कमरा हमारा इंतजार कर रहा था। हालांकि कमरे का आकार थोड़ा छोटा है, पर एडजस्ट कर लेंगे। सामान रखने के बाद मैं निकल पड़ा डिगलीपुर जाने वाली बस का टिकट पता करने के लिए। इस बार की हमारी यात्रा की प्राथमिकता है डिगलीपुर जाना। पर सरकारी या निजी बस में कल का डिगलीपुर का टिकट नहीं मिला। तो हमें अपने यात्रा कार्यक्रम को थोड़ा बदलना पड़ा। अब हम 25 तारीख को डिगलीपुर जाएंगे। थोड़ी देर में अपना काम निपटाकर मैं वापस लौट आया। अब हम सब निकल पड़े हैं पोर्ट ब्लेयर की सड़कों पर। अब सबसे पहले कहां जाएं तो चलते हैं चाथम शॉ मिल की ओर। लेकिन उससे पहले थोड़ी सी बात अंदमान के होटलों पर।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com
-        (ANDAMAN, PORT BLAIR, GOAIR, OM GUEST HOUSE, MIDDLE POINT)

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