Saturday, October 5, 2019

जयपुर रेलवे स्टेशन और मीटर गेज की यादें


जयपुर से वापसी की राह पर हूं,  पर इस बार बस से नहीं बल्कि रेलगाड़ी से। सुबह सुबह जयपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया हूं। रेलवे स्टेशन को रंग रोगन कर सुंदर बनाने का काम जारी है। रेलवे स्टेशन परिसर में मीटर गेज का एक पुराना लोकोमोटिव दिखाई देता है। हालांकि इस लोकोमोटिव को मैं पहले भी देख चुका हूं पर इस बार रात की रोशनी में इसका सौंदर्य कुछ अलग ही दिखाई दे रहा है।
जून के महीने में बहुत गर्मी पड़ रही है तो स्टेशन पर लगे पोस्टर में गर्म हवा और लू से अपना बचाव कैसे करें इसकी जानकारी जनहित में लगाई गई है। जानकारियां काम की हैं। 


जयपुर रेलवे स्टेशन की बात करें तो उसने बदलाव का कई दौर देखा है। नब्बे दशक तक जयपुर में सिर्फ मीटर गेज की रेलगाड़ियां आती थीं। यह अहमदाबाद की तरह राज्यों की राजधानी वाला ऐसा रेलवे स्टेशन है सबसे बाद में ब्राडगेज नेटवर्क से जुड़ा है। हाल के सालों में जयपुर रेलवे स्टेशन के भवन को भी सुंदर बनाने पर काफी काम किया गया है। अब यह दूर से पिंक सिटी का हिस्सा नजर आता है।

डबल डेकर एक्सप्रेस से वापसी-  दिल्ली वापसी का टिकट डबल डेकर ट्रेन से है। पहली बार इस डबल डेकर में बैठने का मौका मिल रहा है। हालांकि इससे पहले में सूरत से मुंबई के बीच चलने वाली पुरानी डबल डेकर ट्रेन फ्लाइंग रानी में सवारी का मजा ले चुका हूं। 


वैसे तो जयपुर से दिल्ली जाने का 24 घंटे बस यात्रा का विकल्प है। पर इस बार एक दिन पहले शाम को मोबाइल पर आईआरसीटीवी के एप पर चेक करने पर सुबह चलने वाली डबल डेकर एसी एक्सप्रेस में टिकट की उपलब्धता नजर आई। तो हमने भी टिकट बुक कर लिया। ट्रेन सुबह 6 बजे जयपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो से चलती है। मैं पांच बजे स्नान करके रेलवे स्टेशन परिसर में दाखिल हो गया हूं। पर अभी ट्रेन के चलनें में थोड़ा समय है। क्यों न थोड़ी पेट पूजा कर ली जाए।

स्टेशन के बाहर नास्ते में पोहा मिल रहा है। दस रुपये में एक प्लेट पोहा। तो इससे अच्छा नास्ता क्या हो सकता है। पोहा खाकर प्लेटफार्म पर पहुंच गया। डबलडेकर कोच में हमारी सीट ऊपर वाले हिस्से में है। दरवाजे के पास खिड़की के पास वाली सीट मिली है। मैं आकर अपनी सीट पर बैठ गया। ट्रेन अपने समय से चल पड़ी। 

ट्रेन नंबर 12985 जयपुर दिल्ली डबल डेकर साढ़े चार घंटे में जयपुर से चलकर दिल्ली के सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर पहुंचती है। जयपुर के बाद यह गांधीनगर जयपुर, अलवर, गुरुग्राम, दिल्ली कैंट में रुकती है। समय के कारण जयपुर से दिल्ली आने के लिए यह काफी अच्छी ट्रेन बन गई है। हमारे इस सफर में भी इसने सराय रोहिल्ला बिल्कुल समय पर पहुंचा दिया है। हमारे आसपास के सहयात्री तो गुरुग्राम में ही उतर गए पर मेरी मंजिल आखिरी स्टेशन है।

जयपुर बना सबसे स्वच्छ रेलवे स्टेशन – साल 2019 के स्वच्छता सर्वेक्षण में जयपुर को देश में सबसे स्वच्छ रेलवे स्टेशन का दर्जा मिला है। किसी राज्य की राजधानी के अति व्यस्त रेलवे स्टेशन को यह तमगा मिलना गर्व की बात है। क्योंकि ऐसे स्टेशन पर रोज बड़ी संख्या में सवारियों की आवाजाही होती है। इस स्थिति में स्टेशन को साफ सुथरा रखना चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। पर जयपुर ने इस चुनौती के बीच देश के सबसे साफ सुथरे रेलवे स्टेशन का दर्जा हासिल किया है।

- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
( JAIPUR RAILWAY STATION, DOUBLE DECKAR EXPRESS, CLEANEST STATION OF 2019 ) 



No comments:

Post a Comment