Monday, September 23, 2019

देहरादून में सहस्त्रधारा - जलधाराओं के बीच मौज मस्ती

टपकेश्वर महादेव के दर्शन करके मैं शहर में लौट आया हूं। अब हमारी मंजिल है सहस्त्रधारा। देहरादून के बाहरी इलाके में स्थित है सहस्त्रधारा। यहां जाने के लिए सिटी बसें लैंसडाउन चौक के आसपास से मिलती हैं। एक बस में बैठ कर मैं सहस्त्रधारा की तरफ चल पड़ा। बस नगर के कई आवासीय इलाकों को पार करती हुई शहर के बाहर निकल गई। अब पहाड़ी इलाका आ गया है। पहाड़ियों के बीच से ऊंचे नीचे रास्तों को पार करती हुई बस मंजिल के करीब पहुंच गई है, पर मैं क्या देख रहा हूं। सामने निजी वाहनों की लंबी लाइन लगी है। एक किलोमीटर से ज्यादा लंबा जाम लगा है।

 बस ने हमें बस स्टाप से पहले ही उतर जाने को कहा, आगे का रास्ता पैदल। थोड़ी दूर आगे चलने पर भुट्टा बेचने वाले वाले लकड़ी के  कोयले पर भुट्टा गरम कर रहे थे। मैंने एक भुट्टा खरीदा और खाता हुआ आगे बढ़ चला। सहस्त्रधारा में रहने के लिए कई होटल और गेस्ट हाउस भी बने हुए हैं। खाने पीने के लिए कुछ रेस्टोरेंट और ढाबे भी हैं।


इस जगह का सहस्त्रधारा नाम इसलिए है क्योंकि यहां पर पहाड़ों से सैकड़ों धाराएं जगह-जगह निकलती है। ये सारी धाराएं मिलकर एक तालाब और फिर आगे एक नदी का निर्माण करती हैं। इन धाराओं का पानी अत्यंत निर्मल और मीठा है। यहां पर खास तौर पर एक गंधक झरना है। इसके पानी में स्नान से लोगों का मानना है कि कई तरह की बीमारियां दूर हो जाती हैं। सहस्त्रधारा में आसपास में चूना पत्थर वाली ऊंची पहाड़ियां हैं। इनसे बूंद बूंद जल हमेशा टपकता रहता है। प्रकृति का अनूठा रूप यहां देखने को मिलता है। ये जल की बूंदे प्रकृति का अनुपम आशीर्वाद प्रतीत होती हैं।

तो सहस्त्रधारा के तालाब में हर समय सैकड़ो लोग स्नान करते रहते हैं। कुछ स्थानीय लोग कपड़े और बैग आदि जमा करने के लिए लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। सहस्त्रधारा पहुंचे और पानी में डुबकी नहीं लगाई तो फिर यहां आने का पूरा मजा आपने नहीं लिया।
सहस्त्रधारा देहरादून के स्थानीय लोगों के लिए लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है। यहां पर खास तौर पर छुट्टी के दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। गर्मी के दिनों में यहां पर सैलानियों की भीड़ बढ़ जाती है। सहस्त्रधारा में आगे चलने पर कई गुफाएं भी हैं। इन गुफाओं में लगातार  टपकता रहता है। कई लोग टार्च लेकर इन गुफाओं में जाते हैं।  

मणिदीप का सफर - सहस्त्रधारा से लगभग 3000 फीट की ऊंचाई पर जाने के लिए यहां पर एक रोप वे का निर्माण भी किया गया है। ऊपर मणिदीप नामक स्थल है जहां पर काफी लोग जाते हैं। यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए ओजोन पार्क , सिल्वर फॉल, कैफेटेरिया आदि का निर्माण किया गया है।
आपको पता है, सहस्त्रधारा देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पसंदीदा जगहों में शामिल थी। सहस्त्रधारा में एक छोटा सा बौद्ध मठ भी स्थित है।

कैसे पहुंचे – सहस्त्रधारा की दूरी देहरादून शहर से 16 किलोमीटर है। हालांकि इस रोड पर 10 किलोमीटर तक शहर का विस्तार हो चुका है। निजी वाहन या फिर सिटी बस से यहां पहुंचा जा सकता है। आप यहां पर होटल बुक करके ठहर भी सकते हैं।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य – vidyutp@gmail.com
-        ( SAHASTRADHARA, WATER FALL, DEHRADUN )


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