Friday, September 20, 2019

टपकेश्वर महादेव – जहां शिव का अनवरत होता है जलाभिषेक


महादेव शिव के देश के अलग अलग हिस्सों में अनूठे मंदिर हैं। उनमें से एक है देहरादून शहर का टपकेश्वर महादेव मंदिर। यह महादेव शिव का अनूठा मंदिर है। गुफा में स्थित इस मंदिर में शिवलिंग पर लगातार गुफा से चल टपकता रहता है। इस तरह शिव का अनवरत जलाभिषेक होता रहता है।

दरअसल टपकेश्वर मंदिर एक प्राकृतिक गुफा में स्थित है। इस गुफा के अन्दर एक शिवलिंग विराजमान है। इस शिवलिंग पर चट्टानों से लगातार पानी की बूंदे टपकती रहती है। ये पानी की बूंदे स्वाभाविक तरीके से शिवलिंग पर गिरती हैं। इस कारण ही इस मंदिर का नाम टपकेश्वर मंदिर पड़ गया है।

मंदिर को लेकर कई रहस्य-  मंदिर को लेकर कई रहस्य हैं। कुछ लोग कहते हैं कि यहां मौजूद शिवलिंग स्वयं से प्रकट हुआ है , तो कई लोग बताते हैं कि पूरा मंदिर ही स्वर्ग से उतरा है। यह माना जाता है कि मंदिर अनादि काल से इस स्थान पर विराजित है।

टपकेश्वर मंदिर में दो शिवलिंगम हैं। जिसमे से प्रमुख शिवलिंग स्वयम्भू है अर्थात शिवलिंग को किसी ने बनाया नहीं। मंदिर में दूसरा शिवलिंग पूरी तरह रुद्राक्ष से जड़ा हुआ है। भक्तगण मुख्य शिवलिंग के साथ-साथ दूसरे शिवलिंग के भी दर्शन करते हैं।

महाभारत कालीन मंदिर - यह मंदिर महाभारतकालीन बताया जाता है। कहा जाता है कि गुरु द्रोणाचार्य को इसी स्थान पर भगवान शंकर से आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। यह भी कि स्वयं महादेव ने आचार्य को धनुर्विद्या और शस्त्र विद्या का ज्ञान दिया था। इस स्थल को महाभारत के पात्र अश्वथामा की जन्म स्थली और तप स्थली भी माना जाता है।  

वैष्णो गुफा मंदिर - टपकेश्वर मंदिर में सभी देवी देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। मंदिर परिसर में मां वैष्णो का भी मंदिर बनाया गया है जिसमें एक प्राकृतिक गुफा है जो कि कटरा स्थित मां वैष्णो देवी के मंदिर जैसा ही है।  इस मंदिर परिसर में हनुमान जी की भी एक विशाल मूर्ति स्थापित की गई है।

तमसा नदी का किनारा - टपकेश्वर मंदिर परिसर से मुख्य द्वार से जब आप आगे बढ़ते हैं तो आपको सैकड़ो सीढ़ियां उतरनी पड़ती है। इसके बाद आप एक मनोरम तमसा नदी के तट पर पहुंच जाते हैं। इसी नदी के किनारे गुफा में टपकेश्वर महादेव का मंदिर है। तमसा नदी में पानी ज्यादा नहीं है पर यहां का नजारा मनोरम है। नदी को पार करने के लिए पुल बना है। नदी के उस पार माता वैष्णो का गुफा मंदिर और दूसरे देवी देवता विराजते हैं। पर यह देखकर दुख होता है कि यहां आने वाले श्रद्धालु तमसा नदी के पानी को गंदा कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से एक बोर्ड भी लगा है कि तमसा नदी को स्वच्छ रखने में सहयोग करें। 

मंदिर परिसर में प्रसाद और धार्मिक साहित्य की दुकाने हैं। मंदिर में हर रोज दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। पर सोमवार के दिन, सावन के महीने में और शिवरात्रि के दिन ज्यादा भीड़ रहती है। मंदिर सुबह से लेकर रात्रि नौ बजे तक खुला रहता है।

कैसे पहुंचे – देहरादून के घंटाघर चौक से गढ़ी कैंट के लिए शेयरिंग आटो रिक्शा मिल जाते हैं। गढ़ी कैंट इलाके में पहुंच कर आप किसी से भी टपकेश्वर महादेव का रास्ता पूछ सकते हैं। अब यह इलाका देहरादून के मुख्य शहरी क्षेत्र में आ गया है। देहरादून बस स्टैंड से मंदिर की दूरी 6 किलोमीटर है।
- vidyutp@gmail.com 
( TAPKESHWAR MAHADEV TEMPLE, DEHRADUN, GARHI CANT ) 



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