Saturday, August 31, 2019

दिल्ली के कुछ गुमनाम मकबरे


राजधानी दिल्ली में हजारों ऐतिहासिक स्मारक हैं। इनमें कई सौ मकबरे भी शामिल हैं। पर आपको पता है कि इनमें कई मकबरे गुमनाम भी हैं,  यानी ये किसका मकबरा है सही सही नहीं पता चलता। तो आज चलते हैं ऐसे ही एक गुमनाम मकबरे की  ओर। यूं तो साउथ एक्सटेंशन दिल्ली का ग्लैमरस बाजार बन चुका है। पर इस बाजार के पास ही दरिया खान का मकबरा स्थित है। कभी यह इलाका गटो सराय कहलाता था। यह दिल्ली के प्रमुख सराय में से एक था।


अब एनबीसीसी हाउसिंग कांप्लेक्स का हिस्सा बना -  अब दरिया खान का मकबरा पूर्वी किदवई नगर के एनबीसीसी आवासीय कांप्लेकस का हिस्सा बन चुका है। मकबरे के आसपास पार्क और जॉगिंग ट्रैक विकसित कर दिया गया है। आसपास के अपार्टमेंट में रहने वाले लोग रोज इस मकबरे को देखते हैं।

कौन थे दरिया खान लोहानी - पर आखिर ये दरिया खान कौन थे। दरिया खान लोहानी लोदी वंश के शासनकाल में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वे लोदी वंश के राजा बहलोल लोदी के समय प्रमुख वकील ती की भूमिका में थे। सिकंदर लोदी के शासन काल में वे जज यानी न्यायाधीश बने। लोदी वंश के समय उनका रसूख हुआ करता था। वे तत्कालीन कानून के बड़े जानकार थे। उन्हें न्यायप्रिय माना जाता था। बहलोल लोदी 1451 में अप्रैल महीने में दिल्ला के शासक बने थे। इसके बाद उन्होंने दरिया खान को अपने राज्य में महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी थी। 

वास्तुकला का सुंदर नमूना -  उनके मकबरे के निर्माण की सही सही तारीख मालूम नहीं है। पर ये मकबरा वास्तुकला के लिहाज से शानदार है। इसमें रिक्त स्थान का  इस्तेमाल कर इसकी खूबसूरती को निखारने की कोशिश की गई है। मकबरे के आसपास दो एकड़ का हरित क्षेत्र हुआ करता था। हाउसिंग कांप्लेक्स बनने के बाद अब इसे पार्क के रूप में विकसित कर दिया गया है। मकबरे के आसपास सुंदर वृताकार चबूतरा बना हुआ है। इस ऊंचे चबूतरे तक पहुंचने के लिए तीन तरफ से सीढ़िया बनी हुई है। मकबरे की दीवारें ईंट की हैं। ये दीवारें काफी मोटी हैं। दरिया खान का मकबरा सफेद रंग का है। मकबरे के चारों तरफ सुंदर मेहराबों का निर्माण किया गया था। उनमें से कई अब बचे हुए नहीं हैं। पर जितना बचा है सुंदर दिखाई देता है।



कैसे पहुंचे -  दरिया खान के मकबरे तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते हो सकते हैं। सुगम रास्ता है कि आप साउथ एक्सटेंशन पार्ट वन से पूर्वी किदवई नगर में प्रवेश करे, आपको जल्द ही दरिया खान का मकबरा नजर आ जाएगा। दूसरा रास्ता है बारापुला फ्लाइओवर वाली सीधी सड़क जो त्यागराज स्टेडियम से होकर गुजरती है, वहां त्यागराज स्टेडियम से पूर्वी किदवई नगर में प्रवेश करे। तीसरा रास्ता हो सकता है आईएनए से एनबीसीसी कांप्लेक्स में प्रवेश करें और दरिया खान के मकबरे तक पहुंच जाएं।

राजधानी दिल्ली में आपको कई और इस तरह के भूले बिसरे मकबरे मिल जाएंगे। खासतौर पर निजामुद्दीन गांव के इलाके में और महरौली इलाके में। जरूरत तो है दिल्ली की अनमोल विरासत को सहेज कर रखने की।  
-        vidyutp@gmail.com
-        ( DELHI, DARIYA KHNA TOMB, EAST KIDWAI NAGAR, SOUTH EXT )  


एनबीसीसी कांप्लेक्स के एक अपार्टमेंट की दीवार पर विशाल बुद्ध प्रतिमा। 

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