Monday, August 19, 2019

हल्की बारिश और सीएपीटी भोपाल का कैंपस



भोपाल में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के सत्र में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद जब आवासीय व्यवस्था की बात आई तो हमारी पर्ची पर लिखा था सीएपीटी भोपाल। ये सीएपीटी कहां है। जवाब मिला- आपको बस लेकर जाएगी। थोड़ी देर बाद आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी के गेट से एक बस लेकर हमलोगों को चल पड़ी। 
भोपाल शहर में हबीबगंज, बीएचईएल आदि को पार करती हुई बस शहर के बाहर निकल कर हरे भरे खेतों से गुजरने लगी। आखिर ये सीएपीटी कहां है। करीब 25 किलोमीटर चलने के बाद हमलोग सीएपीटी की प्रवेश द्वार पर थे। 

अपनी पहचान बताने के बाद हमें प्रवेश मिला। तो सीएपीटी का मतलब है सेंट्रल एकेडमी ऑफ पुलिस ट्रेनिंग। दो प्रवेश द्वार और पार करने के बाद हमलोग मालवा मेस पहुंचे। अगले तीन दिन हमारा यही ठिकाना होगा। मालवा मेस में 100 कमरे बुक हैं हमारे लिए। हर कमरे में एक व्यक्ति। ये हमारे बीएचयू के हास्टल जैसा है। हमारे कमरे में एक बिस्तर, दो अलमारी, बैठने के लिए कुर्सी टेबल, एक ब्लैंकेट आदि रखा है। पीने के पानी का इंतजाम है। सुबह स्नान करने के लिए गर्म पानी चाहिए था तो ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ के जवान ने मुझे इमरसन रॉड उपलब्ध कराया। उनका बहुत बहुत धन्यवाद।

सीएपीटी भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत आता है। इसकी स्थापना पुलिस और पारा मिलिट्री फोर्स के उच्चाधिकारियों के प्रशिक्षण रिफ्रेशर कोर्स आदि के लिए किया गया है। जब हम पहुंचे हैं तो देश भर के जेलों के उच्चाधिकारियों का प्रशिक्षण चल रहा है। सीएपीटी हाई सिक्युरिटी जोन में आता है। यहां कोई मोबाइल नेटवर्क नहीं चलता। यहां आने वाले प्रशिक्षुओं को वाईफाई नेटवर्क उपलब्ध कराया जाता है।

सीएपीटी भोपाल शहर के किसी भी बाजार से 17 किलोमीटर दूर है। यहां तैनात बीएसएफ के एक जवान बताते हैं कि कुछ भी खरीददारी करनी हो तो 17 किलोमीटर आनंद नगर जाना पड़ता है। आपके पास अपना वाहन नहीं हो तो यहां पहुंचना मुश्किल है।

देश में आईपीएस उत्तीर्ण करने वाले लोगों का प्रशिक्षण सरदार वल्लभ भाई पटेल पुलिस एकेडमी हैदराबाद में होता है। पर सीएपीटी ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के तहत आता है। यहां पुलिस और अर्धसैनिक बल के अफसरों को नए शोध और तकनीक का प्रशिक्षण समय समय पर दिया जाता है। सीएपीटी की स्थापना भारत सरकार ने 2009 में की थी। पर सीएपीटी का यह परिसर 2014 में अस्तित्व में आया। यह परिसर कान्हासिया में 401 एकड़ में फैला हुआ है। यह भोपाल के हुजुर तहसील में आता है। यह विदिशा बाईपास रोड पर भोपाल रेलवे स्टेशन से 20 किलोमीटर की दूरी पर है। साल 2016 से यहां नियमित तौर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है। यहां देश भर में सीधे नियुक्त हुए डीवाईएसपी को प्रशिक्षण दिया जाता है।

मालवा मेस की इमारत दो मंजिला है। अगली सुबह हल्की बारिश में सीएपीटी का परिसर और सुंदर हो गया है। यहां तैनात जवान हमें मुख्य प्रशासनिक भवन को बाहर से देखने की सलाह देते हैं। हल्की बारिश में यहां चहलकदमी करते बहुत मजा आया। पर अब यहां जाने का वक्त आ गया। बस वाले आ गए हैं और वे सिटी बजा रहे हैं, तो चलें।     
-        विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
(CENTRAL ACADEMY OF POLICE TRAINING, BHOPAL )


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