Monday, July 8, 2019

गुजरात के प्राचीन शहर लोथल की ओर


सुबह सुबह तैयार होकर हमलोग निकल पड़े हैं। हमारी मंजिल है लोथल। लोथल जाने के लिए हमने एक आटोरिक्शा एक दिन पहले ही बुक कर लिया है। पर होटल से निकलने पर हमारे आटो वाले फोन ही नहीं उठा रहे हैं। काफी कोशिश के बाद हमारी उनकी पत्नी से बात हुई। हम कोई दूसरा वाहन बुक करने की सोच रहे थे कि अचानक जाकिर नामुदार हो गए। तो हम जाकिर के आटो रिक्शा ( जाकिर मोबाइल नंबर - 8347869997 ) से चल पड़े हैं अपनी मंजिल लोथल की ओर।

गुजरात का हड़प्पा कालीन ऐतिहासिक नगर लोथल अहमदाबाद से 76 किलोमीटर की दूरी पर है। यह अहमदबाद से बोटाद रेल मार्ग पर स्थित है। बोटाद गुजरात का एक जिला है, जो भावनगर से अलग होकर बना है। यह गुजरात का पुराना मीटर गेज रेल मार्ग था। 2019 में जब हम लोथल पहुंचे तो यह मार्ग बंद हो चुका था और इस मार्ग पर गेज कनवर्जन का काम जारी था। इस मार्ग को आमान परिवर्तन के लिए 15 सितंबर 2017 को बंद कर दिया गया था। इस मीटर गेज पर लोथल भुरखी (LHBK) नामक छोटा सा स्टेशन हुआ करता था। यहां से लोथल पुरातात्विक स्थल की दूरी 4 किलोमीटर है। यह लाइन अहमदाबाद से चलकर साबरमतीगांधीग्रामवस्त्रपुरसरखेज होती हुई जाती है। आगे के स्टेशन बावलाढोलकाकोठ गंगडअरनेज हैंइसके बाद लोथल आता है। हालांकि सड़क मार्ग से अहमदाबाद से लोथल की दूरी थोड़ी ज्यादा है।

थोड़ी देर में हमलोग वासना को पार करते हुए अहमदाबाद शहर से बाहर निकल चुके हैं। हमलोग एनएच 47 पर भागते जा रहे हैं। हाईवे के आसपास औद्योगिक क्षेत्र बसा हुआ है। रास्ते में कई दवा की फैक्ट्रियां नजर आती हैं। बावला नामक कस्बे को हमने पार कर लिया है। हमने सुबह का नास्ता नहीं किया है। तो ड्राईवर साहब को आग्रह कर हमलोग एनएच 47 पर हॉनेस्ट फूड कोर्ट में रुक गए। यहां पर नास्ते में सब कुछ उपलब्ध है। पर हमने आर्डर किया वही ढोकला। रिचार्ज होने के बाद हमलोग आगे बढ़ चले हैं। हमारे आटो ड्राईवर एक बार कुछ विदेशी नागरिकों को लोथल घूमा चुके हैं पर उन्हें भी रास्ता नहीं मालूम है। तो वे पूछते हुए चल रहे हैं। ये हाईवे सुरेंद्रनगर और भावनगर की तरफ जा रहा है।  

बगोदर कस्बे से लोथल के लिए हमने रास्ता बदल लिया है। हालांकि बगोदर से लोथल जाने के दो रास्ते हैं। आप सीधे हाईवे  पर चलें और धींगड़ा गांव के अंदर से होकर लोथल पहुंच सकते हैं। पर हमलोग बगोदर से ही बायीं तरफ मुड गए। वहां गुजरात टूरिज्म की ओर से लोथल जाने के लिए पथ संकेतक लगा हुआ था। अब हमलोग स्टेट हाईवे नंबर 8 पर चल रहे हैं। आसपास में खेतों में कपास की फसलें लहलहा रही है। अरनेज में हम फिर एक बार बाएं मुड़ जाते हैं। यहां हमारी रेलवे लाइन से मुलाकात होती है। आमान परिवर्तन का काम जारी है। गुंडी नामक गांव का तिराहा आता है। यहां पर एक बार फिर बायीं तरफ मुड़ना है। गुंडी गांव के पास ही लोथल भुरकी नामक रेलवे स्टेशन हुआ करता था। यहां से 4 किलोमीटर चलने के बाद हमलोग लोथल पहुंच गए हैं। 

पर लोथल पुरातात्विक स्थल के पास कोई गांव या बाजार नहीं है। खाने पीने को भी कुछ नहीं मिलता। तो आप पानी की बोतल और खाने पीने का सामान निकटम कस्बा बगोदर से लेकर आएं तो अच्छा रहेगा।
लोथल से वापसी में हमने गुंडी से रास्ता बदल लिया। गुंडी से सरगवला के बाद धींगड़ा गांव होते हुए हम एसएच1 पर पहुंच गए। यह बगोदर अमरेली रोड है। यहां से सीधा बगोदर में एनएच 47 पर पहुंच गए।
अहमदाबाद से बावला – 36 किमी
बावला से बगोदर  - 24 किमी

बगोदर से गुंडी 12 किमी
गुंडी से लोथल  04 किमी 
-        विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com 
(LOTHAL, BAWLA, NH 47, BAGAODAR, ARNEJ, GUNDI, LHBK, DHINGRA  ) 

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