Friday, July 19, 2019

अहमदाबाद में सफल है बीआरटी कॉरीडोर


दिल्ली में बीआरटी कारीडोर को लेकर खूब हो हल्ला हुआ था एक मार्ग पर लागू हुई पर वह सफल नहीं हो सकी। पर अहमदाबाद में ये खूब सफल है। महाराष्ट्र के पुणे शहर में भी बीआरटी सफल है।  बीआरटी मतलब बस रैपिड ट्रांसपोर्ट।
अहमदाबाद शहर में मनपा द्वारा बीआरटीएस को संचालित किया जाता है। इन बसों का किराया भी आम बसों की तरह है। इसकी ज्यादातर बसें एसी (वातानुकूलित) हैं।

हमने एक दिन ओधव से कालूपूरा तक बीआरटीएस बस में सफर किया। बीआरटीएस में बैठने के लिए सड़क के बीच में स्टेशन बनाए गए हैं। आने वाली बस का टिकट पहले काउंटर से लेना होता है। बस के दरवाजे काफी चौड़े हैं। ये दरवाजे बस में दाहिनी तरफ हैं। आटोमेटिक दरवाजे खुलने के बाद लोग इसमें प्रवेश कर जाते हैं। यह काफी कुछ मेट्रो रेल की तरह है। डेडिकेटेड बस कारिडोर होने के कारण ये बसें आपको मंजिल तक आटो या टैक्सी की तुलना में जल्दी पहुंचा देती हैं। इसलिए ये स्थानीय लोगों में लोकप्रिय भी हैं।

साल 2017 में यह तय किया गया कि अहमदाबाद बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) एवं अहमदाबाद म्युनिसिपल ट्रान्सपोर्ट सर्विस (एएमटीएस) रूटों पर चलने वाली बसों की खेप में अब इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। इससे प्रदूषण का स्तर कम होगा।

अहमदाबाद शहर में चल रहे बीआरटीएस को साल 2013 में दुनिया का सबसे अच्छा सतत परिवहन के रूप में चयन किया गया।  यहां का बीआरटीएस परफेक्ट प्लानिंग की एक बेहतरीन मिसाल है। अहमदाबाद में बीआरटीएस के द्वारा एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए पहले की तरह 40 मिनट के बजाए 11 मिनट में यह दूरी तय की जा सकती है।

एयरपोर्ट पर बापू की जीवन यात्रा - अहमदाबाद से अब चला चली की वेला है। हमारी फ्लाइट अल सुबह 5 बजे है। वैसे कालूपुरा से एयरपोर्ट की दूरी 8 किलोमीटर के आसपास है। हमने रात के ढाई बजे ही ओला कैब बुक कर लिया है। ओला वाले समय पर आ भी गए हैं। रात में सड़क खाली है। हमलोग बमुश्किल 15 मिनट में सरदार बल्लभ भाई पटेल एयरपोर्ट पर हैं। यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। हमारी उड़ान डोमेस्टिक टर्मिनल एक से है। साढ़े तीन बजे हमलोग चेकइन करके वेटिंग लाउंज में इंतजार करने लगे हैं।

एयरपोर्ट पर गुजरात के प्रतीक तस्वीर के तौर पर चंपानेर के सात कमान की विशाल तस्वीर लगी है। इसके साथ ही यहां बापू के जीवन की पूरी विकास यात्रा को चित्रों में दिखाया गया है। हो भी क्यों नहीं हर गुजराती को गर्व है कि बापू उनके हैं। वही बापू जिन्होंने सत्य के प्रयोग से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई। एक ऐसा गुजराती जो अपने कार्यों से विश्व नागरिक बना। बापू की जीवन यात्रा देखते हुए हमारी नजर गिर वन के जंगलों पर पड़ती है। एयरपोर्ट पर जंगल का सुंदर नजारा त्रिआयामी तरीके से निर्मित किया गया है। यहां पर गिर वन में गुर्राता हुआ शेर भी है। यहां खादी और गुजराती हस्तशिल्प के लिए गर्वी गुर्जरी की दुकाने भी हैं। पर वे सुबह सुबह होने के कारण बंद हैं। यहां चाय 60 रुपये की और 25 रुपये वाला थेपला 100 रुपये का बिक रहा है।

थोड़ी देर में हमारे विमान में प्रवेश का समय हो गया है। साल 2019 की हमारी पहली उड़ान है जेट एयरवेज से। यह बोइंग 737 विमान है। इसको उड़ा रहे हैं कप्तान सुमित्र अग्री। थोड़ी देर में हम गुजरात के आसमान में हैं। दिल्ली अब एक घंटे दूर है। सुबह 7 बजे विमान दिल्ली के टी-3 पर उतर गया। पर शायद ये हमारी जेट एयरवेज से आखिरी उड़ान साबित हुई। क्योंकि मई 2019 में जेट एयरवेज पूरी तरह जमीन पर आ चुकी थी।

-        विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
-        ( BRTS, ADI, SVP AIRPORT, BAPU, JET AIRWAYS )

3 comments:

  1. Replies
    1. हां आपने बिल्कुल सही फरमाया, पर अहमदाबाद, पुणे में सफल है।

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