Monday, July 1, 2019

भीषण गर्मी के बीच जामुन जैसा रसीला फल



दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच जामुन जैसे रसीले फल का आगमन होता है। इस मौसम में अगर आप जामुन नहीं खाते तो काफी कुछ लाभकारी चीजों से आप दूर हो रहे हैं। जामुन में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम होता है। यह ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करके डायबिटीज से बचाने में मदद करता है। आयुर्वेद में जामुन को खाने के बाद खाने की सलाह दी जाती है।

वैसे दिल्ली की मंडी में जामुन बाहर से आ रहा है। पर दिल्ली की सड़कों पर जामुन के पेड़ भी हैं। सेंट्रल दिल्ली की सड़कों पर कई बार जामुन गिर कर बिखरते देखे जा सकते हैं। मुझे इलाहाबाद से वाराणसी के रास्ते में रेल का सफर याद आता है। तब रेल में सफर के खूब जामुन बेचने वाले आते हैं। जामुन को काला नमक के साथ खाने का अलग आनंद है। मेरे गांव के दक्षिण से गुजरने वाले रजवाहे के पास एक जामुन का पेड़ हुआ करता था। वहां भरी दुपहरिया में हम जामुन खाने पहुंच जाते थे।

जामुन एक मौसमी फल है। यह गर्मियों में ही मिलता है। यह खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं। जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है पर यह स्वाद में मीठा होता है। जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है। जामुन में लगभग वे सभी जरूरी लवण पाए जाते हैं जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है।

जामुन एक सदाबहार वृक्ष है जिसके फल बैंगनी रंग के होते हैं। जामुन का पेड़ भारत और इंडोनेशिया के मूल निवासी है। जामुन भारत के सभी भागों में पाया जाता है। यह एक सदाबहार उष्णकटिबंधीय पेड़ है। इसे विभिन्न घरेलू नामों जैसे जामुन, राजमन, काला जामुन, जमाली, ब्लैकबेरी आदि के नाम से जाना जाता है। वैसे प्रकृति की बात करें तो यह अम्लीय और कसैला होता है, पर स्वाद में मीठा होता है। जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है। जामुन में लगभग वे सभी जरूरी लवण पाए जाते हैं जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है।

कई बीमारियों में कारगर - जामुन कम समय के लिए आने वाला लेकिन बेहद लाभदायक फल है। इसका सेवन करने से शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इसके अलावा कई गंभीर बीमारियों से भी बचाता है। जामुन प्रतिदिन उपयोग से यौन क्षमता और स्मरण शक्ति बढ़ जाती है। गठिया के उपचार में भी जामुन बहुत उपयोगी है। इसकी छाल को खूब उबालकर बचे हुए घोल का लेप घुटनों पर लगाने से गठिया में आराम मिलता है। इसमें उत्तम किस्म का शीघ्र अवशोषित होकर रक्त निर्माण में भाग लेने वाला तांबा पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।

जामुन यकृत को शक्ति प्रदान करता है और मूत्राशय में आई असामान्यता को सामान्य बनाने में सहायक होता है। जामुन का रस, शहद, आंवले या गुलाब के फूल का रस बराबर मात्रा में मिलाकर एक-दो माह तक प्रतिदिन सुबह के वक्त सेवन करने से रक्त की कमी एवं शारीरिक दुर्बलता दूर होती है।

जामुन खाने के कुछ और फायदे:
पाचन क्रिया के लिए जामुन बहुत फायदेमंद होता है। जामुन खाने से पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं।

मधुमेह के अलावा इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर से बचाव में कारगर होते हैं। पथरी की रोकथाम में भी जामुन खाना फायदेमंद होता है।
जामुन के बीज को बारीक पीसकर पानी या दही के साथ ले अगर किसी को दस्त हो रहे जामुन को सेंधा नमक के साथ खाना फायदेमंद रहता है। खूनी दस्त होने पर भी जामुन के बीज बहुत फायदेमंद साबित होते हैं।
दांत और मसूड़ों से जुड़ी कई समस्याओं के समाधान में जामुन विशेषतौर पर फायदेमंद है। इसके बीज को  पीस लीजिए। इससे मंजन करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।
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