Friday, June 28, 2019

भद्रकाली मंदिर – अहमदाबाद शहर की देवी

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अहमदाबाद शहर की देवी हैं भद्रकाली। भद्रा फोर्ट के पास उनका मंदिर स्थित है। लोगों का मानना है कि यह मंदिर काफी प्राचीन है। जब अहमदाबाद शहर का नाम कर्णावती हुआ करता था, तब से भद्रकाली मंदिर का अस्तित्व है। देवी भद्रकाली को अहमदाबाद शहर का संरक्षक माना जाता है।
भद्रकाली मां का विशाल मंदिर माणक चौक पर हुआ करता था। पर कई आक्रमणों में इस मंदिर को काफी क्षति पहुंची। तब से इस मंदिर की व्यवस्था राजपुरोहितों का परिवार देखता है।

अलग अलग दिन अलग अलग सवारियां - मंदिर का मुख्य आकर्षण मां काली की हर रोज बदलने वाली सवारियां हैं। वे अलग अलग दिन शेर, हाथी, नंदी, कमल आदि पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देती हैं। रविवार को माता जी शेर पर , सोमवार को नंदी पर, मंगलवार को मोर पर, बुधवार को खड़ी मुद्रा में, गुरुवार को कमल पुष्प पर सवार होती हैं। शुक्रवार को माता हाथी पर सवार होती हैं।


साल में दो बार अन्नकूट - मंदिर साल मे दो बार अन्नकूट का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा शारदीय और चैत्र दोनों ही नवरात्रि के बाद यहां विशाल भंडारे का आयोजन होता है। हर साल जनवरी के अंतिम सप्ताह मे देवी भागवत का आयोजन मंदिर प्रबंधन की ओर से किया जाता है। मंदिर में हर रविवार को माई के भोग प्रसाद का वितरण भी किया जाता है।

नगर के तमाम व्यापारी अपने नए कार्य की शुरुआत करने से पहले मां भद्रकाली का आशीर्वाद लेने आते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान नरेंद्र मोदी हर साल नए वर्ष मां भद्रकाली का आशीर्वाद लेने आते थे।

दर्शन का समय   मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए सुबह 6 बजे से रात्रि 10.30 बजे तक खुला रहता है। सुबह की आरती 8.30 बजे और रात्रि की आरती 9.00 बजे होती है। मंदिर की व्यवस्था रामबली प्राग तिवारी ट्रस्ट और बृजलाल अवस्थी और उनका परिवार देखता है।  ( http://www.bhadrakalimaa.com/ )
भद्रकाली मंदिर के भवन का आकार बड़ा नहीं है। दरअसल भद्र फोर्ट के विशाल द्वार से लगे आजमखानी सराय के भवन के एक कमरे में मंदिर स्थापित है। मंदिर को देखकर ये प्रतीत होता है कि प्राचीन भद्रकाली मंदिर कहीं और रहा होगा। आजम खान सरायका निर्माण 1637 में हुआ था। आजम खान मुगल शासकों का गवर्नर था। बताया जाता है कि मराठा शासन के समय इस सराय के एक कमरे में मां भद्रकाली की मूर्ति स्थापित की गई।  

मंदिर के आसपास बाजार - भद्रकाली मंदिर के आसपास दिन भर सुंदर बाजार सजा रहता है। यहां पर खास तौर पर आर्टिफिशियल जूलरी और महिलाओं के उपयोग की जाने वाली सामग्री की दुकानें सजी रहती हैं। भरी दोपहरी में भी यहां ग्राहकों की भीड़ रहती हैं। पर शाम को यही बाजार बदल जाता है। शाम को यहां स्ट्रीट फूड के स्टाल लग जाते हैं। पूरे अहमदाबाद शहर के लोग यहां अलग अलग किस्म का स्वाद लेने के लिए पहुंचने लगते हैं।

यूको बैंक की बिल्डिंग - भद्रकाली मंदिर और तीन दरवाजा के बीच यूको बैंक की ऐतिहासिक बिल्डिंग है। स्वतंत्रता से पूर्व के इस भवन के एक हिस्से को संग्रहालय का रूप दे दिया गया है। इस भवन के बेसमेंट को बैंक प्रबंधन ने बाद में रिस्टोर किया और उसे संग्रहालय का रूप दिया है। अगर आपकी बैंकिंग में रूचि है तो इसे देख सकते हैं।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com
-        ( BHADRA KALI TEMPLE, AHMADABAD )  

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