Saturday, June 22, 2019

वडोदरा से अहमदाबाद डीएमयू से और जलाराम के पराठे



वडोदरा से हमलोग अहमदाबाद की राह पर हैं। अगर आप रेलवे स्टेशन के पास होटल बुक करते हैं तो यही लाभ है कि सुबह सुबह भी बिना आटो टैक्सी बुक किए अगली ट्रेन पकड़ सकते हैं। सुबह सुबह 5.55 बजे वडोदरा से डीएमयू ट्रेन अहमदाबाद के लिए जाती है। हम इसमें बिना आरक्षण के सफर करने वाले हैं। 

हम टिकट काउंटर पर पहुंच गए हैं। पर वहां जानकारी मिलती है कि ट्रेन अहमदाबाद से दो स्टेशन पहले वटवा में ही खत्म हो जाएगी। खैर हमने वटवा तक का ही टिकट ले लिया और प्लेटफार्म नंबर पांच चलने को तैयार डीएमयू में जाकर बैठ गए। वटवा के बाद मणिनगर फिर अहमदाबाद जंक्शन आता है। यह अहमदाबाद से आठ किलोमीटर पहले का स्टेशन है।

नैरो गेज का कोच - वडोदरा रेलवे स्टेशन पर नैरो गेज का कोई अस्तित्व नहीं है। पर वडोदरा के नैरोगेज की समृद्ध विरासत को याद दिलाने के लिए स्टेशन के बाहर नैरोगेज का एक पैसेंजर कोच स्थापित किया गया है जो आते जाते लोगों को दिखाई देता है।

अहमदाबाद डीएमयू समय पर चल पड़ी है। यह सारे स्टेशनों पर रुकती है पर इसकी गति तेज है। किसी एक्सप्रेस ट्रेन जैसी है। सफर में हमारी मुलाकात गुजराती लोगों से होती है। एक सज्जन मिले कंप्यूटर के प्रोफेसर हैं। आगे आनंद में उतर गए। हमारी ट्रेन नाडियाड जंक्शन पर कुछ ज्यादा ही रुक गई। यहां लिखा है कि कपडवंज, मोडासा और भादरण के लिए रेलगाडी बदलें। 

पर आजकल नाडियाड भादरण नैरो गेज रेल मार्ग बंद हो चुका है। इस मार्ग को ब्राडगेज में बदलने का काम जारी है। पर अभी नैरो गेज के कोच स्टेशन पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। आगे एक स्टेशन दिखाई दिया गैरतपुर। वटवा स्टेशन पर ट्रेन खत्म हो गई। यह अहमदाबाद शहर का बाहरी औद्योगिक क्षेत्र है। स्टेशन पर कोई खास सुविधा नहीं है। पास सड़क से संपर्क भी नहीं है।

कोई आधा किलोमीटर पैदल चलने के बाद सड़क पर हम पहुंचे। यहां से आटो रिक्शा बुक किया कालूपुरा रेलवे स्टेशन के लिए। दरअसल हमने जो होटल बुक किया है, वह अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पास है। आटो रिक्शा अहमदाबाद शहर के व्यस्त सड़कों से आगे बढ़ रहा है। हम मणिनगर से होकर गुजर रहे हैं। मणिनगर रेलवे स्टेशन की इमारत नजर के समाने है। 

मणिनगर विधानसभा क्षेत्र भी है। कुछ देर के सफर के बाद अहमदाबाद रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग आ गई। पर हमारा होटल स्टेशन के आधे किलोमीटर की दूरी पर है। रीलिफ रोड पर होटल नियाग्रा। जाकरिया मसजिद से आगे और कालूपुरा पुलिस स्टेशन से पहले है ये होटल। रेलवे स्टेशन के सामने रीलिफ रोड व्यस्त बाजार वाला इलाका है। पर तमाम मध्यम दर्जे के होटल इसी रोड पर हैं। होटल ने पहली मंजिल पर हमें बड़ा कमरा दे दिया है। सामान जमाकर हमलोग नास्ता करने के लिए निकल पड़े। 


आसपास के लोगों ने बताया कि जलाराम ठीक रहेगा। रीलिफ रोड पर जलाराम अहमदाबाद का लोकप्रिय और पुराना भोजनालय है। सुबह के नास्ते में उनके पराठे शानदार हैं। पराठे के साथ दही। बिल्कुल पंजाबी पराठे हैं जी। हमारे जैसे लोग दो पराठा खा लें तो दिन भर कुछ खाने की जरूरत ही नहीं। वैसे जलाराम में दोपहर का और रात का खाना भी मिलता है। यह अहमदाबाद खरीददारी करने आने वाले व्यापारियों की भी पहली पसंद है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com 
( VADODRA TO ADI, VATVA, MANINAGAR, HOTEL NAIGRA, JALARAM RESTAURANT ) 

आगे पढ़िए: सीदी सईद की जाली मसजिद 

2 comments:

  1. आज सलिल वर्मा जी ले कर आयें हैं ब्लॉग बुलेटिन की २४५० वीं बुलेटिन ... तो पढ़ना न भूलें ...

    रहा गर्दिशों में हरदम: २४५० वीं ब्लॉग बुलेटिन " , में आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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