Thursday, May 23, 2019

अलीबाग से मुंबई – समंदर में फेरी का सुहाना सफर


हमलोग पुणे से मुरुड जंजीरा सड़क मार्ग से आए थे, पर वापसी में हमलोग जल मार्ग से मुंबई जाएंगे। यह एक रोमांचकारी अनुभव होने वाला है। दरअसल अलीबाग से मुंबई जलमार्ग के रास्ते से सड़क की तुलना में काफी नजदीक है। अगर आप अलीबाग से गेटवे ऑफ इंडिया सड़क मार्ग से जाएं तो 5 घंटे लग जाएंगे जबकि समंदर के रास्ते से जाएं तो दो घंटे में पहुंच जाएंगे।

अलीबाग से 22 किलोमीटर दूर मांडवा जेटी से गेटवे आफ इंडिया के लिए फेरी सेवाएं चलती हैं। यह हमने पहले ही पता कर लिया था। पर इस फेरी के लिए टिकट अलीबाग बस स्टैंड के पास से ही फेरी कंपनी के काउंटर से मिल जाता है।
अजंता, ओपोलो, मालदार जैसी कंपनियों की फेरी सेवाएं मंडवा से गेटवे ऑफ इंडिया के लिए चलती हैं। इनमें वातानुकुलित फेरी सेवाएं भी हैं। हमने अजंता फेरी सेवा की तीन टिकटें ले ली हैं। एक टिकट 120 रुपये का है। इसमें बस किराया भी शामिल है। दरअसल अलीबाग बस स्टैंड से मांडवा जेटी तक जाने के लिए फेरी कंपनियां बस सेवा चलाती हैं। यह दूरी 22 किलोमीटर है। इसमें करीब 45 मिनट का वक्त लगता है। 

बस में बैठते ही बस तुरंत भर गई। नया साल मनाकर मुंबई लौटने वाली सैलानियों की बड़ी संख्या दिखाई दे रही है। अलीबाग से मांडवा के रास्ते में समंदर के किनारे कई रिजार्ट बने हैं जहां मुंबई के लोग छुट्टियों में सैर सपाटा के लिए पहुंचते हैं। हमलोग फेरी टर्मिनल पहुंच गए। टर्मिनल का परिसर विशाल है। यहां खाने पीने के रेस्टोरेंट और वाईफाई जैसी तमाम सुविधाएं हैं। फेरी तक जाने के लिए लंबी लाइन लगी है। हमलोग अजंता फेरी की लाइन में लग गए। लाइन धीरे धीरे सरक रही है। इस बीच सूरज ढल रहा है। समंदर में ढलते सूरज का अक्श बड़ा सुंदर नजर आ रहा है।

सूरज ढलने के बाद अंधेरा होने लगा है। पर हम फेरी तक नहीं जा सके हैं। क्योंकि यात्रियों की भीड़ ज्यादा है और फेरी कम। एक जनवरी के कारण यात्रियों की संख्या बढ़ गई तो है तो कंपनी ने कई नई खाली जहाज मुंबई की तरफ से मंगाए हैं। जैसे ही कोई नया जहाज आकर लगता है तुरंत यात्रियों से भर जाता है। तीन जहाज के रवाना होने के बाद चौथे में हमारा नंबर आया। दरअसल एक दो मंजिले जहाज में सिर्फ 75 लोगों के बैठने की कुर्सियां हैं। जहाज में पांच क्रू मेंबर होते हैं। इससे ज्यादा सवारी नहीं ली जा सकती।

हमने जहाज में ऊपरी मंजिल पर जाकर जगह ले ली है ताकि मुंबई शहर का नजारा किया जा सके। जहाज में सामान रखने की पर्याप्त जगह है। अजंता का यह जहाज मुंबई की ओर तेजी से भाग रहा है। इसकी गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से तेज ही होगी। जहाज में हमारे बगल में मुंबई का मुस्लिम परिवार सफर कर रहा है। उनकी तीन साल बेटी जरीना का आज जन्म दिन है। तो जहाज के टैरेस पर उनका केक काटा गया। सबने हैफी बर्थ डे गाया। हमें भी केक मिला और एक अनजान परिवार की खुशियों में हम भी शामिल हो गए। 

मुंबई शहर नजदीक आने पर रंगबिरंगी रोशनी नजर आने लगी। थोड़ी देर में ताज होटल और उसके बाद गेटवे ऑफ इंडिया हमारी दृष्टि में था। रात 8 बजे हमलोग गेटवे ऑफ इंडिया के लॉन में कदम रख चुके थे। यहां पहले कई बार आ चुके हैं हमलोग पर पानी के रास्ते से मुंबई में प्रवेश पहली बार हुआ है।
गेटवे ऑफ इंडिया से अलीबाग के लिए पहली फेरी सुबह 6.15 बजे चलती है। वहीं अलीबाग की तरफ से गेटवे के लिए आखिरी फेरी के लिए बस शाम को 5.30 बजे चलती है। मांडवा से आखिरी फेरी का समय शाम 6.15 बजे का है। ये समय अजंता कंपनी के फेरी के हैं।

-        विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com 
( ALIBAUG TO MUMBAI GATE WAY OF INDIA, MANDWA, AJANTA ) 

4 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 123वीं जयंती - करतार सिंह सराभा और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  2. बहुत खूब....., सादर नमस्कार

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