Wednesday, April 3, 2019

पुणे से कोल्हापुर – रात्रि सेवा की बस से


पुणे से कोल्हापुर जाने के लिए हमारी बुकिंग कोंडूस्कर ट्रैवल्स की बस में है। यह नॉन एसी लग्जरी बस है। रात्रि सेवा की बस से मैंने कोल्हापुर जाना तय किया ताकि रात सोते हुए गुजर जाए और सुबह-सुबह कोल्हापुर पहुंचा जा सके। वैसे पुणे से कोल्हापुर ट्रेन से भी जाया जा सकता है।पर तुरंत ट्रेन की टिकट उपलब्ध नहीं है। वैसे पुणे से कोल्हापुर की दूरी 325 किलोमीटर है। दोनों शहरों के बीच दिन भर में 7 ट्रेनें चलती हैं।
तो हमने बस में टिकट बुक करा ली है आनलाइन। हमारी जिस बस में बुकिंग वह पुणे के बाहरी इलाके पिंपरी चिंचवड से भी आगे से बनकर चलती है। पहले मैंने बोर्डिंग प्वाइंट शुरुआत के टर्मिनल निगदी से दे रखा था। पर बाद में प्रभाकर जी ने बताया कि निगदी तो काफी दूर है। आप चेक करें शहर के अंदर भी उसका बोर्डिंग प्वाइंट होगा। चेक करने पर पाया कि उसका बोर्डिंग प्वाइंट ब्रेमन चौक पर भी है। हमने कोंडूस्कर ट्रैवल्स को फोन किया। बोर्डिंग प्वाइंट बदलने का आग्रह किया। एक ओटीपी आया और मेरा बोर्डिंग प्वाइंट बदल गया। इस तरह मैं बस पकडने के लिए 20 किलोमीटर आगे जाने से बच गया। ब्रेमन चौक के आसपास तकरीबन दो घंटे बस के लिए इंतजार करना पड़ा। इस दौरान मैं सड़क पर तकरीबन 4 किलोमीटर पैदल टहल कर वक्त काटता रहा। बाद चेक करने पर पता चला कि बस की जीपीएस ट्रैकिंग की जा सकती है। बस आपरेटर की ओर से आए लिंक पर जाकर बस की ट्रैकिंग शुरू की। बस अभी 10 किलोमीटर पीछे है। फिर 9,8, 7 और छह। बस अपने समय से 20 मिनट लेट पहुंची ब्रेमन चौक। कुछ अलग अलग कंपनियों के निजी बसों के लोग भी यहां अपनी बसों का इंतजार कर रहे थे।

पुणे से कर्नाटक के कई शहरों के लिए निजी लग्जरी बसें चलती हैं। हमारे  साथ इंतजार कर रहे एक युवक कालबुर्गी जा रहे हैं। मैं अपनी बस में सात नंबर सीट पर जाकर सो गया। बस आगे चलकर दांडेकर पुल से होती हुई पुणे के कोंडूस्कर ट्रैवल्स के दफ्तर के पास पार्वती में दस मिनट तक रूकी। महाराष्ट्र में ये निजी बसें बड़े ही अनुशासन और समयबद्धता के साथ चलती हैं। ऑनलाइन बुकिंग और जीपीएस ट्रैकिंग ने यात्रियों की राह आसन कर दी है।

रात के सफर में सतारा कब आया गया पता नहीं चला। महाराष्ट्र का शहर करड और सांगली आने पर मुझे नींद के बीच थोड़ा पता चला। बस बहुत सलीके से चल रही है। ठीक सुबह के 4.30 बजे बस ने कोल्हापुर के बस स्टैंड के सामने मुझे उतार दिया। चाय और पोहा के स्टाल सुबह सुबह गुलजार हैं। मैं कोल्हापुर का बस स्टैंड मुआयना करने के लिए अंदर जाकर देख आता हूं। कोल्हापुर का बस स्टैंड बहुत बड़ा नहीं हैं पर व्यवस्थित है।

कोल्हापुर बस  स्टैंड के आसपास मुझे कोई मध्यम दर्जे का होटल नहीं मिला। मैं टहलता हुआ रेलवे स्टेशन पहुंच गया हूं। छत्रपति शाहू जी महाराज टर्मिनल कोल्हापुर। एक शांत रेलवे स्टेशन है। पूरे 24 घंटे में गिनती ट्रेनें आती हैं यहां। सुबह-सुबह पूरा स्टेशन खाली है।

प्लेटफार्म पर जाकर टूथब्रश करने के बाद रेलवे स्टेशन के आसपास एक दो होटल तलाशता हूं पर वे जमे नहीं। तभी एक आटोवाला मिला। उसने कहा आपको आगे बाजार में रियायती दर पर अच्छा होटल दिला दूंगा। आटो वाले के साथ जाकर लक्ष्मीपुरी इलाके में भूपाल टावर में प्रिया लॉज में मुझे अच्छा कमरा मिल गया। आटो वाले ने 20 रुपये लिए। अब सुबह सुबह गर्म पानी से नहाकर कोल्हापुर की सड़क पर निकल पड़ा हूं। 


कोल्हापुर कैसे पहुंचे- मुंबई से सीधे रेल से कोल्हापुर पहुंचा जा सकता है। मुंबई से दूरी 518 किलोमीटर है। दिल्ली से भी कोल्हापुर की सीधी रेल सेवा है। कोल्हापुर में विमानतल भी है। यहां के लिए मुंबई से रोज फ्लाइट है। आप कर्नाटक के शहरों से और गोवा से भी बस यात्राएं करते हुए कोल्हापुर पहुंच सकते हैं।
कोल्हापुर में क्या देखें – महालक्ष्मी मंदिर, छत्रपति शाहूजी महाराज संग्रहालय,  रंकाला लेक, बिंदु चौक, टाउन हॉल संग्रहालय। कानेर मठ, सिद्धगिरी संग्रहालय, ज्योतिबा मंदिर, पन्हाला दुर्ग।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य 
( PUNE TO KOLHAPUR BY BUS ) 



2 comments:

  1. में भी पिछले साल कोल्हापुर गया तो रात को 12 बजे पहुचा था और वहां बस अड्डे के बाहर पोहे चाय रात भर मिल रहे थे...कोल्हापुर में बस अड्डा और स्टेशन आस पास ही है...बढ़िया चल रही है यात्रा सर....

    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद प्रतीक भाई

      Delete