Thursday, April 25, 2019

पंढरपुर से तुलजापुर वाया सोलापुर

ये पंढरपुर बस स्टैंड स्थित सुलभ शौचालय परिसर है। 
पंढरपुर में विठोबा के दर्शन करके वापस बस स्टैंड लौट आया हूं। यहां से सोलापुर  लिए हर 15 मिनट पर बस मिलती है। मैं शटल बस में सवार हो गया हूं। शटल बस मतलब रास्ते में कहीं नहीं रुकेगी, कंडक्टर ने बाहर बैठकर सीट नंबर के साथ टिकटे बना दी हैं। जितनी सीट उतने ही सवारी बस अब सीधे सोलापुर जाकर ही रुकेगी। दोनों शहरों के बीच 70 किलोमीटर की दूरी है। बस तेजी से रास्ता नाप रही है। दोपहर में मैं सोलापुर बस स्टैंड में पहुंच गया हूं।

 सोलापुर बस स्टैंड के सामने होटलों मे खाना पानी वाजिब दरों पर है। यहां खाने की थाली की दरें 40 से 60 रुपये के बीच है। सोलापुर बस स्टैंड के सामने एक रेस्टोरेंट में दोपहर का भोजन करने के बाद एक बार फिर नई बस में बैठ गया हूं। ये बस जा रही है तुलजापुर ...





सोलापुर से तुलजापुर की दूरी 45 किलोमीटर है। ये भी नॉन स्टाप बस है। बस स्टैंड से निकलने पर बस हैदराबाद हाईवे पर जा रही है। थोड़ा आगे चलकर बाएं तरफ मुड जाती है एनएच 52 पर जो उस्मानाबाद की ओर जाती हुई सड़क है। यहां से औरंगाबाद की दूरी 300 किलोमीटर लिखी दिखाई देती है। हम मराठावाड़ा के बीड, लातूर, उस्मानाबाद मार्ग पर हैं। वह इलाका जो पानी की कमी के लिए जाना जाता है। तगलवाड़ी में टोल नाका आया जहां से तुलजापुर की दूरी 20 किलोमीटर है। एनएच 52 पर दाहिनी तरफ मोड लेने के बाद बस तुलजापुर शहर की ओर बढ़ चली है।

तुलजापुर महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले की एक तहसील है। इस इलाके में बेर और केले खूब सस्ते मिल रहे हैं। बेर 10 रुपये किलो है तो केले 20 से 30 रुपये दर्जन बिक रहे हैं।
तुलजापुर एक पहाड़ी पर बसा हुआ शहर है। भले ही मराठवाड़ा में पानी की कमी है पर सोलापुर से तुलजापुर की तरफ चलने पर मुझे सडक के किनारे के विशाल झील नजर आती है। सड़क के किनारे हरे भरे खेत भी नजर आते हैं। हाईवे पर कुछ विशाल ढाबे नजर आते हैं।

तुलजापुर से जिला मुख्यालय उस्मानाबाद की दूरी 21 किलोमीटर है। वैसे उस्मानाबाद रेलवे स्टेशन भी है। यहां आप औरंगाबाद, लातूर, हैदराबाद, सोलापुर, पुणे जैसे शहरों से आसानी से पहुंच सकते हैं।

उस्मानाबाद में क्या क्या देखें - उस्मानाबाद जिले में तुलजापुर भवानी के अलावा नालदुर्ग का किला और धाराशिव गुफाएं देखी जा सकती हैं। नालदुर्ग फोर्ट उस्मानाबाद शहर से 50 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं धाराशिव गुफाओं की दूरी उस्मानाबाद शहर से 8 किलोमीटर है। इसके अलावा उस्मानाबाद जिले में परांदा फोर्ट  और तेर जैसे ऐतिहासिक स्थल भी हैं।

उस्मानाबाद इलाके में मौसम गर्म रहता है। वैसे यहां जून से सितंबर तक बारिश का मौसम माना जाता है। पर बारिश कम ही होती है। तो इधर कभी घूमने आना चाहते हैं तो सर्दियों का ही मौसम ठीक रहेगा। दिसंबर के महीने में भी यहां ज्यादा ठंड नहीं है। मराठवाड़ा के बाकी जिलों की तुलना करें तो यहां का मौसम अच्छा रहता है। आप अगर सिर्फ तुलजापुर भवानी के दर्शन करने इधर आना चाहते हैं तो सोलापुर मे ठहरकर इधर आ सकते हैं। लिजिए हमारी बस तुलजापुर के बस स्टैंड में पहुंच चुकी है।

इस सफर को मीलों में मत बांटिए. 
इस कौम को कबीलों में मत बांटिए .
कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक है वतन
इसे नदियों तालाबों झीलों में मत बांटिए .

-        विद्युत प्रकाश मौर्य Email- vidyutp@gmail.com 
( PANDHARPUR TO TULJAPUR VIA SOLAPUR ) 
        






6 comments:

  1. वाह सर महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्से आप इतनी आराम से बस में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से घूम रहे है...अच्छा लगता है देख पढ़कर....तुलजा भवानी माता पंढरपुर आपने एक हफ्ते में बहुत कुछ घूम लिया है सर....

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  2. अच्छी पोस्ट सर जी....आप महाराष्ट्र के अंदुरनी जगह के बारे में अच्छे से अपने इस ब्लॉग में बता रहे है ..... इन जगह को हम लोगो ने पहली बार ही सुना है

    www.safarhaisuhana.com

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  3. काफी नई नई जगहों से परिचित हुआ। कभी इधर जाने का मौका मिला तो किला वगैरह जरूर जाऊँगा।

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