Sunday, April 21, 2019

कोल्हापुर से पंढरपुर- सितार, सरोद, तानपुरा का शहर मिरज

कोल्हापुर से सुबह-सुबह महाराष्ट्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पंढरपुर के लिए चल पड़ा हूं। विठोबा की नगरी में जाने की सालों पुरानी इच्छा पूरी हो रही है। होटल से सुबह 4.30 बजे ही स्नानादि से निवृत होकर चेकआउट कर दिया है। बस स्टैंड के लिए एक आटो भी मिल गया। सुबह 5 बजे पंढरपुर जाने वाली बस मिल गई है। ये एमएसआरटीसी की 2 बाई 2 बस है। इसमें पंढरपुर का किराया 315 रुपये है। सफर चार घंटे से ज्यादा का हो सकता है। 

कोल्हापुर से पंढरपुर वाया मिरज 190 किलोमीटर के आसपास है। हालांकि कोल्हापुर से पंढरपुर की सीधी बसें ज्यादा नहीं है। पर कोल्हापुर से मिरज और फिर मिरज से पंढरपुर भी जाया जा सकता है।

 कोल्हापुर से मिरज की दूरी 48 किलोमीटर है। रास्ते में शिरोली नामक कस्बा आया। मैं सूरज उगने से पहले मिरज बस स्टैंड में पहुंच गया हूं। यहां पर बस पांच मिनट डिपो में रूकी रही।

शास्त्रीय संगीत का शहर मिरज -  मिरज सांगली जिले का एक शहर है। इस शहर में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा रही है। मिरज सितार के लिए जाना जाता है। यहां सितार, सरोद और तानपुरा का निर्माण होता है। यहां गंधर्व महाविद्यालय का मुख्यालय है। शास्त्रीय संगीत की महान हस्तियां पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर और बाल गंधर्व का संबंध मिरज से है।


बस मिरज से आगे चल पड़ी है। शिरढोण के बाद नागज से बस गुजर रही है। यहां पर पवन ऊर्जा से बिजली बनाने वाले तमाम विंड टरबाइन चलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

बस संगोला पहुंची है। यह सोलापुर जिले का कस्बा है। यहां बस स्टैंड में बस तकरीबन दस मिनट रुक रही। इसके बाद चलने के बाद पंढरपुर चलकर ही रूकी। 

पंढरपुर का बस स्टैंड काफी बड़ा है। परिसर में अहिल्याबाई होल्कर और शिवाजी के विशाल चित्र लगे हैं। बस स्टैंड परिसर में जो सुलभ शौचालय का भवन बना है वह तीन मंजिला है जो दूर से कोई विशाल सरकारी दफ्तर या होटल सा नजर आता है।

मैं पंढरपुर यानी बिठोबा की नगरी में पहुंच गया हूं। बस स्टैंड से निकलकर एक रेस्टोरेंट में सुबह के नास्ते के लिए बैठ गया। नास्ते में पूरी और सब्जी। नास्ता करके पैदल मंदिर की तरफ चल पड़ा। मंदिर मार्ग पर दोनों तरफ कई धर्मशालााएं बनी हुई नजर आ रही हैं।



कैसे पहुंचे - पंढरपुर रेल नेटवर्क से भी जुड़ा है। पुणे से दौंद जंक्शन से पंढरपुर का मार्ग बदलता है। कुरदावदी से पंढरपुर की दूरी 53 किलोमीटर है। मुंबई से रोज एक फास्ट पैसेंजर ट्रेन पंढरपुर के लिए चलती है। सोलापुर से पंढरपुर की दूरी 132 किलोमीटर है। सोलापुर से भी पंढरपुर के लिए हर रोज दो रेलगाड़ियां उपलब्ध हैं। दरअसल पंढरपुर कुरदावदी-मिरज रेल मार्ग पर स्थित है। 

- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com 
(PANDHARPUR, MIRAJ, SANGLI, BITHOBA TEMPLE ) 
पंढरपुर बस स्टैंड में महारानी अहिल्याबाई होल्कर की विशाल तस्वीर। 

2 comments:

  1. मिरज शहर और तानपुरा का कनेक्शन आपके लेख से पता चला...मिरज में एक प्रसिद्ध दरगाह भी है 10 साल पहले मिरज से एक बार मेने मुम्बई के लिए ट्रेन पकड़ी थी....पंढरपुर की बढ़िया जानकारी..

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