Tuesday, March 5, 2019

सुल्तानपुर लोधी से फिरोजपुर वाया मक्खू

सुल्तानपुर लोधी से चल पड़ा हूं आगे के लिए। अगली मंजिल है फरीदकोट शहर। ये तय नहीं किया है कि कैसे जाना है। सीधी बस का इंतजार न करके मक्खू तक जाने वाली बस में बैठ गया।

सुल्तानपुर लोधी कपूरथला जिले में है। पर इसके बाद आने वाला कस्बा लोहियां खास जालंधर जिले में है। कभी मैं जालंधर अमर उजाला में संवाददाता हुआ करता था तो जालंधर जिले छोटे छोटे कस्बों में तैनात 13 अंशकालिक संवाददाताओं का प्रभार मेरे जिम्मे था। तब गुरदीप पेंटर हमारे लोहियां खास के संवाददाता था। उनसे मिलने एक बार मैं लोहियां खास आया था। तब हमने सुबह सुबह जालंधर से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन ल थी लोहियां आने के लिए। यह रेल मार्ग वाया कपूरथला सुल्तानपुर लोधी इधर आता है। लोहियां खास पहुंचने पर गुरदीप भाई की याद आई पर उनका भी नंबर इन दिनो हमारे पास नहीं है। बस लोहियां खास में थोड़ी देर रुकने के बाद आगे चल पड़ी। सामन लोहियां खास का रेलवे स्टेशन नजर आया।



लोहियां खास के बाद मक्खू आ गया। फिरोजपुर जिले का छोटा सा कस्बा है। मक्खू के पास हरिके पत्तन है। पंजाब में रिपोर्टिंग के दौरान सन 2000 एक बार हरिके पत्तन आना हुआ था। तब हरिके पत्तन की झील को सेना ने साफ करने का बडा उपक्रम किया था। अपनी सफलता की कहानी मीडिया को सुनाने के लिए सेना ने दिल्ली,चंडीगढ़ और स्थानीय मीडिया को आमंत्रित किया था। तब अमर उजाला जालंधर के ब्यूरो चीफ युसुफ किरमानी ने हरिके पत्तन रिपोर्टिंग करने के लिए मुझे भेजा था। मेरे साथ फोटोग्राफर संजीव कुमार टोनी थे। तब हमने उस झील की सैर भी की थी। लाइफ जैकेट लगाकर झील में बोटिंग की थी। संजीव टोनी ने हमारी फोटो भी खींची थी, पर वे तस्वीरें मुझे कभी मिली नहीं। उस दिन हरिके में एक बड़ा सरकारी कार्यक्रम हुआ था। उस कार्यक्रम में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, राज्यपाल जेएफ रिबैरो भी आए थे। 

हरिके में सतलुज और व्यास नदियों का संगम होता है। यहां पर विशाल झील और वेटलैंड का निर्माण हो गया है। इस विशाल झील से गाद हटाने के काम को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया था। मुझे पता नहीं हरिके पत्तन की वह विशाल झील अब किस हाल में है। हरिके वेटलैंड को उत्तर भारत का सबसे बड़ा वेटलैंड माना जाता है। इसका विस्तार फिरोजपुर जिला, तरनतारन जिले में है। यह थोड़ा सा कपूरथला जिले में भी पड़ता है। इस वेटलैंड का विस्तार 4100 हेक्टेयर क्षेत्र में है। साल कुछ महीने यहां प्रवासी पक्षियों का बसेरा भी होता है।

मक्खू में बस ने यहां रेलवे लाइन के पास उतार दिया। मैंने मोबाइल चेक किया तो पता चला कि मक्खू से फरीदकोट जाने वाली जम्मू तवी अहमदाबाद एक्सप्रेस थोड़ी देर में आने वाली है। तो मैंने आगे की यात्रा ट्रेन से करना तय किया। हालांकि ये ट्रेन मैं सुल्तानपुर लोधी में भी पकड़ सकता था। मक्खू स्टेशन पर टिकट लेकर ट्रेन का इंतजार करने लगा। थोड़ी देर में ट्रेन आई। जनरल डिब्बे  में जगह भी आसानी से मिल गई। मक्खू से फिरोजपुर की दूरी 41 किलोमीटर है। ट्रेन बीच में मुल्लांवाला खास में रुकी। ट्रेन सरपट दौड़ रही है। अगला स्टेशन फिरोजपुर कैंट है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com 
( LOHIAN KHAS, MAKKHU, FIROZPUR, RAIL, JALANDHAR ) 

2 comments:

  1. बढ़िया यात्रा विवरण... और चित्र ....

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