Tuesday, March 26, 2019

सूरत से मुंबई गुजरात एक्सप्रेस से


सूरत से मुंबई की हमारी ट्रेन गुजरात एक्सप्रेस 11 बजे दिन में है। हमलोग एक घंटे पहले प्लेटफार्म पर पहुंच गए हैं। हालांकि इससे पहले भी कुछ ट्रेनें मुंबई के लिए हैं पर उनमें कनफर्म टिकट मिलना मुश्किल था। प्लेटफार्म नंबर दो पर ट्रेन आएगी। सूरत रेलवे स्टेशन की खास बात है कि यहां एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाने के लिए अंडरपास बने हुए हैं। मतलब सीढियां चढ़ने या उतरने की जरूरत नहीं है। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए बैटरी रिक्शा का इंतजाम है जो किसी भी प्लेटफार्म पर आपको पहुंचा देता है। इससे पहले एक बार मैं सूरत से मुंबई मार्ग की ट्रेन ले चुका हूं। वह ट्रेन थी प्लाइंग रानी एक्सप्रेस जो सुबह सुबह सूरत से मुंबई जाती है।
हम जिस ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं उसका नाम गुजरात एक्सप्रेस (22954 ) है। यह अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल के बीच चलती है। ज्यादातर स्टेशनों पर रुकती हुई आगे बढ़ती है। पर यह गुजरात के तमाम शहरों को मुंबई से जोड़ने वाली लोकप्रिय ट्रेन है। इसमें सेकेंड सिटिंग क्लास है। ट्रेन में सेकेंड सिटिंग के नौ कोच हैं। जबकि तीन वातानुकूलित कोच हैं। ट्रेन में 9 अनारक्षित कोच भी हैं। पर अक्सर ट्रेन भरी हुई रहती है। इसमें डी3 और डी5 में हमारी तीन सीटें हमारी आरक्षित हो गई हैं लेकिन दो सीटें एक कोच में है तो तीसरी दूसरे कोच में। मैं व्हेर इज माई ट्रेन एप पर देख रहा हूं। ट्रेन समय पर आ रही है। जिस कोच में दो सीटें हैं वहां माधवी और वंश को बिठाकर मैं एक सीट वाली अगले कोच में चला गया हूं।
सूरत से मुंबई के बीच गुजरात एक्सप्रेस के कोच में खाने पीने का बाजार चलता रहता है। मानो ट्रेन न हो कोई स्ट्रीट फूड का चलता फिरता रेस्टोरेंट हो। अमरुद वाले, मूगफली वाले, चिकी वाले, खम्मम ढोकला वाले लगातार आ जा रहे हैं। तो बीच बीच में हम भी कुछ लेकर खाते रहे। थोड़ी देर बाद जुगाड़ करके हम तीनों एक ही कोच में पहुंच गए। इस जुगाड़ में सफर के दौरान बनाया जनसंपर्क काम आया। इसके अब गुजरात में आ गए हैं तो ढोकला और खम्मम न खाएं तो भला क्या गुजरात से गुजरना।
दिसंबर का महीना है लेकिन ट्रेन में ठंड बिल्कुल नहीं लग रही है। सूरत के बाद ट्रेन नवसारी, बिलिमोरा, वलसाडा, उदवादा, वापी, भिलड होती हुई आगे बढ़ रही है। मुंबई जाने के लिए लोकप्रिय ट्रेन होने के कारण गुजरात एक्सप्रेस में हमेशा अच्छी खासी भीड़ चलती है। हमारा टिकट पहले वेटिंग था जो कई दिनों के बाद कनफर्म की स्थिति में आया है। हालांकि हर स्टेशन पर लोग चढ़ते उतरते रहते हैं पर लोगों की भीड़ हमेशा बनी रहती है। इस बीच ट्रेन में कुछ गाना गाने वाले भी पहुंचते हैं।
गुजरात एक्सप्रेस में उमरगाम रोड गुजरात का आखिरी रेलवे स्टेशन है। इसके बाद आने वाले दहानु रोड के बाद महाराष्ट्र शुरू हो गया है। यह महाराष्ट्र का पालघर जिला है। गुजरात एक्सप्रेस का समय मुंबई सेंट्रल में 3.55 बजे शाम को है। पर हमें इस बार सेंट्रल नहीं जाना है। हमलोग दादर रेलवे स्टेशन पर ही उतर जाएंगे। बोरिवली के बाद ट्रेन 3.40 बजे दादर पहुंच गई है। बायीं तरफ आखिरी प्लेटफार्म पर हमलोग उतर गए हैं।  तो एक बार फिर महानगरी में ...

-        विद्युत प्रकाश मौर्य Email – vidyutp@gmail.com
-        ( SURAT, MUMBAI, RAIL, GUJRAT EXPRESS )

9 comments:

  1. खमण का फोटो देखकर सुबह सुबह खमण खाने का मन कर गया....गुजरात एक्सप्रेस के बारे में यह कहावत है कि दो दिन पहले भी इसमे टिकट मिल जाती है....बढ़िया यात्रा चलो मुम्बई आये...इस बार की आपकी इस यात्रा को शुरू से पढ़ रहा हु और आपके साथ सफर करूँगा....बढ़िया पोस्ट....

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  2. सूरत से मुंबई का सफर सही रहा। बीच-बीच में खाने वाले आते हैं तो मन लगा रहता है। मैं तो सफर में वक्त बिताने के लिए अक्सर उपन्यास या पत्रिका ले लेता हूँ। अच्छा वक्त कटता है। आप लोग क्या करते हैं?
    मुंबई में दादर स्टेशन के नजदीक (प्रभादेवी फिर रूबी टावर्स) में मेरा ऑफिस हुआ करता था। दादर के स्टाल्स से काफी उपन्यास मैंने खरीदे हैं।

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  3. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन विश्व रंगमंच दिवस और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  4. रोचक यात्रा विवरण

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  5. धन्यवाद अनीता जी

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