Wednesday, February 20, 2019

जोधपुर का सोजती गेट और जय नारायण व्यास

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जोधपुर में हमारी बुकिंग होटल विक्रम पैलेस में है जो सोजती गेट के पास है। ये होटल हमने कुछ घंटे पहले ट्रेन में चलते चलते ही गोआईबीबो से बुक किया है। रेलवे स्टेशन से आधे किलोमीटर दूर होटल हमलोग पैदल टहलते हुए पहुंच गए। रास्ते में एक जगह नारियल पानी पीया। 25 रुपये में नारियल पानी मतलब जोधपुर सस्ता शहर है। होटल विक्रम पैलेस सोजती गेट इलाके में पुराना मध्यम वर्गीय होटल है। गली के अंदर होने के बावजूद काफी खुला-खुला है। लिफ्ट से हमलोग तीसरी मंजिल पर अपने कमरे में पहुंच गए हैं। 

पर सामान रखने के तुरंत बाद खाने के लिए निकल पड़े। क्योंकि रात के 9 बजने वाले हैं। दिन में मेन कोर्स में कुछ नहीं खाया तो भूख लग रही है। आसपास के लोगों ने सलाह दी कि आप दिनेश भाटी रेस्टोरेंट में खाने जाएं। नगर निगम भवन के पीछे यह एक शाकाहारी भोजनालय है। यहां स्थानीय लोग ज्यादा खाने आते हैं। भाटी रेस्टोरेंट का खाना अच्छा था। पर इस खाने के बाद भी रात 12 बजे तक पुराने जोधपुर शहर में स्ट्रीट फूड का बाजार लगता है जिसमें स्थानीय लोग स्वाद लेने आते हैं। तो सोजती गेट के पास हमें नरगिसी कोफ्ता वाले मिल गए। तो मटका कुल्फी और नरगिस कोफ्ता का भी स्वाद लिया गया। उसके बाद आकर हमलोग होटल में सो गए।

अगली सुबह मैं सोजती गेट के आसपास सुबह की सैर पर निकला। सोजती गेट की इमारत में लंबोदर गणेश जी का मंदिर स्थित है। इन्हे गढ़ गणपति भी कहते हैं। गेट के बाहर जय नारायण व्यास की विशाल प्रतिमा लगी है। वे 1952 से 1954 के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री थे। राजस्थान के इस सम्मानित नेता के नाम पर जोधपुर में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय भी बना है। स्वतंत्रता सेनानी व्यास ने अपना कैरियर पत्रकारिता से शुरू किया था। उन्होंने मुंबई से अखंड भारत नामक दैनिक समाचार पत्र निकाला था।

बात सोजतिया दरवाजा की। त्रिपोलिया रोड पर स्थित सोजती गेट जोधपुर शहर का हेरिटेज द्वार है। इसके आसपास जोधपुर का पुराना शहर है। तो इस दरवाजे का निर्माण नगर की सुरक्षा के लिए जोधपुर के मारवाड़ शासक महाराजा अभय सिंह ने अपने शासन काल में 1724 से 1749 के बीच कराया था। इसके आसपास जोधपुर शहर की कई हेरिटेज बिल्डिंग हैं। इसके आसपास पुराने भवनों में कई मध्यमवर्गीय होटल भी हैं।

जोधपुर शहर सुबह सुबह जाग जाता है। मैं टहलने के बाद जोधपुर की प्याज कचौरी, मीठी चटनी और ढोकला और चाय पैक कराकर माधवी और वंश के लिए होटल के कमरे में ही लेकर आ जाता हूं। ताकि वे लोग नास्ता करने के बाद शहर में निकल सकें।

हमारी राजस्थान यात्रा का आज आखिरी दिन है। तो हमने आज का दिन जोधपुर शहर में शॉपिंग के लिए तय कर रखा है। मैं जोधपुर शहर घूम चुका हूं। पर माधवी-वंश को सिर्फ मेहरानगढ़ का किला दिखा देना चाहता हूं उसके बाद बाजार में घूमेंगे। पिछली बार जिस आटो वाले ने हमें जोधपुर घुमाया था उसे ही फोन किया। जवाहर ( 8890724798 ) तुरंत आटो लेकर हाजिर हो गए। मैंने कहा चलिए मेहरानगढ़ फोर्ट की ओर।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
( JODHPUR, SOJTI GATE, JAI NARAYAN VYAS ) 

1 comment:

  1. आपकी ब्लॉग पोस्ट को आज की ब्लॉग बुलेटिन प्रस्तुति नमन - नामवर सिंह और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। एक बार आकर हमारा मान जरूर बढ़ाएँ। सादर ... अभिनन्दन।।

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