Monday, February 11, 2019

नक्की झील की शाम – ये मौसम का जादू है मितवा

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देलवाड़ा से चलकर हमलोग सनसेट प्वाइंट पहुंचे हैं। यह नक्की झील के पास ही स्थित है। यहां पर थोड़ी मौज मस्ती और कुछ खाने पीने का दौर चला। यहां पर एक दूरबीन से घाटी में स्थित कुछ नजारे दिखाए जाते हैं। एंटीक दूरबीन से अनादि ने कुछ देखने की कोशिश की।

सनसेट प्वाइंट और घुड़सवारी -  नक्की झील के पास स्थित सनसेट प्वाइंट से आप सूर्यास्त का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। ढलते सूर्य की सुनहरी रंगत कुछ पलों के लिए पर्वत श्रृंखलाओं को मानो स्वर्ण मुकुट पहना देती है। यहां डूबता सूरज बॉलकी तरह लटकते हुए दिखाई देता है। सन सेट प्वाइंट पर आप घुड़सवारी का आनंद ले सकते हैं। घोड़े वाले एक किलोमीटर का सफर कराते हैं जिसमें आबू खूबसूरती को महसूस किया जा सकता है।

हनीमून प्वाइंट - सनसेट प्वाइंट से थोड़ी ही दूरी पर हनीमून प्वाइंट बना हुआ है। शाम के वक्त यहां लोगों का हुजूम उमड़ता है। थोड़ी देर में अनादि का मन मचल उठा, घोड़े पर बैठूंगा। घोड़े वाले बात की। उसने कहा बाप-बेटा दोनों को बिठाकर घुमा दूंगा। तो हमने थोडी देर घुड़सवारी का आनंद लिया।

भारत माता नमन स्थल – इसके बाद हमलोग पहुंच गए हैं भारत माता नमन स्थल। यहां पर सहारा परिवार की ओर भारत माता की विशाल प्रतिमा स्थापित कराई गई। यहां  बैठकर काफी देर तक हमने झील का नजारा किया और फिर आगे बढ़ गए।

राजस्थान के माउंट आबू में 3937 फीट की ऊंचाई पर स्थित नक्की झील लगभग ढाई किलोमीटर के दायरे में विस्तारित है। इस झील में बोटिंग करने का लुत्फ अलग ही है। हरी-भरी वादियां, खजूर के वृक्षों की कतारें, पहाडि़यों से घिरी झील और झील के बीच में द्वीप है।

हर शाम इस झील के आसपास हजारों सैलानी पहुंच कर मौसम में मिठास घोलते हैं। मीठे पानी की यह झील, जो राजस्थान की सबसे ऊंची झील हैं।  लगभग 1200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील सर्दियों में अक्सर जम जाती है। कहा जाता है कि एक हिन्दू देवता ने अपने नाखूनों से खोदकर यह झील बनाई थी। इसीलिए इसे नक्की (नख या नाखून)  झील कहते हैं।

झील में एक टापू को 70 अश्वशक्ति से चलित विभिन्न रंगों में जल फ़व्वारा लगाकर आकर्षक बनाया गया है इसकी धाराएं 80 फुट की ऊंचाई तक जाती हैं तब यह काफी मोहक लगता है। झील के किनारे कई तरह के खेलों का मजा लिया जा सकता है। साथ ही आप छोटी छोटी नावों में बैठकर झील में बोटिंग का आनंद ले सकते हैं।

चाचा म्यूजियम और शॉपिंग –नक्की झील के आसपास सालों भर मेले जैसा माहौल रहता है। खास तौर पर यहां गुजराती सैलानियों की भरमार रहती है। खाना-पीना, मौज मस्ती और शॉपिंग। झील के किनारे राजस्थानी परिधान में फोटोग्राफी। झील के पास  चाचा म्युजियम नामक एक विशाल शोरूम है। यह नाम से म्युजियम लगता है पर यह एक बड़ा शोरूम है जहां से आप कपड़े और दूसरी वस्तुएं खरीद सकते हैं।

माउंट आबू से लकड़ी के बने खिलौना खरीदे जा सकते हैं। घर सजाने वाले, ऊंट, हाथी, घोड़े, मोर आदि यहां खूब मिलते हैं। इनकी दरें भी वाजिब हैं। हमने ऊंट और हाथी खरीद लिया पर मोर और घोड़े तो रह ही गए।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य Email- vidyutp@gmail.com
( MOUNT ABU, NAKKI LAKE, BHARAT MATA NAMAN STHAL ) 

3 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 51वीं पुण्यतिथि - पंडित दीनदयाल उपाध्याय और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  2. सुन्दर। अपनी यात्रा की याद आ गयी।

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