Wednesday, January 30, 2019

हल्दी घाटी जहां अब खिलते हैं सुर्ख गुलाब...


नाथद्वारा में मत्था टेकने के बाद हमलोग आगे चल पडे हैं। मिराज पराठे के शो रुम से दो अलग अलग किस्म के पैक पराठों के पैकेट खरीद लिए। कहीं तो रास्ते में काम आ जाएगा। कुछ ऐसा ही सोच कर। अब हमलोग हल्दी घाटी की राह पर हैं। नाथद्वारा हाईवे छोड़ कर हमारे ड्राईवर ग्रामीण सड़क पर चल पड़े हैं। वही हल्दी घाटी जहां ऐतिहासिक युद्ध हुआ था। अब यह पर्यटन स्थल बन गया है।


पर हल्दी घाटी की शुरुआत से ही हमें रास्ते में चैत्री गुलाब के शोरूम दिखाई देने लगे। सड़क के दोनों तरफ कई शो रुम। यहां गुलाब का शर्बत, गुलाब का इत्र, गुलकंद आदि बिक्री हो रही है। हमलोग ऐसे ही एक स्टॉल पर रुक गए। हमें पता चला कि हल्दी घाटी में बड़े पैमाने पर गुलाबों की खेती होती है। हम इस खबर से वाकिफ नहीं थे। पूरा देश जिस हल्दी घाटी को युद्ध के मैदान के रूप में जानता है अब वहां लाल गुलाब खिलते हैं। यहां अब इन गुलाबों का बड़ा कारोबार बन चुका है।

ये गुलाब यहां चैत्र महीने में खिलते हैं इसलिए इन्हें चैत्री गुलाब कहते हैं। हल्दीघाटी में ज्यादा आबादी सैनी भाई लोगों की है जो गुलाब की खेती करते हैं। इसके बाद सभी लोगों ने अपने घरों प्लांट लगा रखा है जहां गुलाब के अर्क निकालते हैं। हमारी मुलाकात दिनेश भाई से होती है जो गुलाब का अर्क निकालने का कारोबार करते हैं। वैसे तो उनका नाम दिनेश सैनी है पर हल्दीघाटी में आने वाले ज्यादातर गुजराती सैलानियों के असर से वे खुद को दिनेश भाई लिखते हैं।
दिनेश भाई बताते हैं कि आप फागुन चैत के महीने में हल्दीघाटी पहुंचेंगे तो आपको चारो तरफ गुलाब ही गुलाब दिखाई देंगे। यहां ज्यादर घरों में भट्टियां लगी हैं जो गुलाब के फूलों से अर्क निकालने का काम करते हैं।

उनके स्टॉल पर हल्दीघाटी के गुलाब से बना गुलाब शरबत, गुलकंद, परफ्यूम और गुलाब जल उपलब्ध है। यही चार उत्पाद यहां हर दुकान पर मिलते हैं। सबकी दरें भी करीब करीब एक जैसी हैं। दिनेश भाई हमें गुलाब का शरबत पिलाते हैं और इसके निर्माण की कहानी बताते हैं। हालांकि अब यहां के दुकानदार खस शर्बत, पुदीना शर्बत और दूसरे उत्पाद भी बनाने लगे हैं। यहां आपको डाइबिटिज में कारगार आजवाइन का अर्क भी मिलता है। दिनेश भाई रसीला पान और ठंडई शर्बत भी बनाते हैं। ( दिनेश भाई, खमनोर, हल्दीघाटी, जिला उदयपुर राजस्थान – मोबाइल नं - 8890717070 )

यहां गुलाब जल बनाने के लिए विशाल तांबे के पात्रों का इस्तेमाल किया जाता है। आसवन विधि से गुलाब का अर्क इकट्ठा किया जाता है। गुलाब जल के बारे में काफी लोग जानते हैं। पर नियमित गुलकंद खाना भी सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। हमने उनसे गुलाब शर्बत और परफ्यूम खरीदा। वैसे अगर आप हल्दी घाटी से कुछ खरीदकर साथ नहीं ले जा रहे हैं तो कोई बात नहीं। बाद में आप ये उत्पाद डाक, कूरियर आदि से भी आर्डर करके सीधे अपने घर के लिए मंगा सकते हैं। तो अब आगे चलें...
-        विद्युत प्रकाश मौर्य Email - vidyutp@gmail.com
(HALDIGHATI, ROSE, GULABJAL, GULKAND, DINESH SAINI, KHAMNOR )

No comments:

Post a Comment