Sunday, January 27, 2019

श्रीनाथ जी के शहर नाथद्वारा की ओर

एकलिंगी महादेव के दर्शन के बाद हमलोग नाथद्वारा शहर की ओर चल पड़े हैं। शानदार हाईवे पर गाड़ी दौड़ रही है। रास्ते टोल प्लाजा आया। उसके बाद हमलोग नाथद्वारा शहर के करीब पहुंच गए हैं। खूबसूरत आरावली पर्वत श्रंखला के बीच स्थित नाथद्वारा राजस्थान के राजसमंद जिले में पड़ता है। यह छोटा सा कस्बा और विधानसभा क्षेत्र है। पर यह उदयपुर शहर से तकरीबन 40 किलोमीटर है। ज्यादातर लोग उदयपुर से नाथद्वारा जाते हैं। पर आप सीधे नाथद्वारा आना चाहते हैं माउली जंक्शन से उतरकर नाथद्वारा पहुंच सकते हैं।


नाथद्वारा के मार्ग पर हमें मिराज का शोरुम दिखाई देता है। हमने टीवी पर मिराज पराठा का विज्ञापन देखा था। पर मिराज सभी तरह के उत्पाद बनाते हैं। यह नाथद्वारा की प्रसिद्ध कंपनी है। नाथद्वारा और उदयपुर शहर में उनके कई कंपनी शोरूम है। अब मिराज कंपनी की ओर से ही नाथद्वारा में विशाल शिव की प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है। तैयार होने पर यह देश की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा होगी।

नाथद्वारा शहर में हाईवे छोड़कर हम शहर में प्रवेश कर गए हैं। यह एक छोटा सा कस्बा है। ड्राईवर साहब ने गाड़ी पार्किंग में लगाकर हमें मंदिर जाने को कहा। हम देखकर रहे हैं कि शहर के बाहरी इलाके में चौड़ी सड़कों और विशाल पार्किंग का निर्माण कार्य जारी है। पार्किंग से मंदिर की दूरी आधा किलोमीटर है। पर इस आधा किलोमीटर के रास्ते में बड़ा ही सुंदर बाजार है। अक्तूबर के महीने में यहां गर्मी लग रही है। तो हमने नींबू पानी पीया फिर आगे बढ़े।

नाथद्वारा राजस्थानी कपड़ों की शापिंग लिए अच्छी जगह है। शाकाहारी खाने पीने के लिए भी बेहतरीन जगह है। यहां आप सड़कों पर घूमते हुए कई तरह के स्वाद ले सकते हैं। खासतौर पर रबड़ी और मिठाइयां। यहां आप मिट्टी के बरतन और लकड़ी के खिलौने भी खरीद सकते हैं।

क्या क्या देखें – देश भर से लोग नाथद्वारा श्रीनाथजी के दर्शन के लिए आते हैं पर यहां और देखने लायक स्थल हैं। नाथ द्वारा में आप श्रीनाथ जी के मंदिर के अलावा लालबाग,विट्ठलनाथ जी का मंदिर, द्वारिकाधीश जी का मंदिर, गणेश टेकरी और मंदिर गौशाला आदि भी देख सकते हैं।

नाथद्वारा के पास ही नंदसमंद बांध है। नंदसमंद बांध आकार और पानी की क्षमता में काफी बड़ा है। इसके अलावा यहां एक छोटा सा बगीचा भी है। नाथद्वारा शहर को पीने के पानी की सप्लाई इसी नन्द समंद बांध से की जाती है। इस बांध से कुछ पानी राजसमन्द झील को भी छोड़ा जाता है।

पिचवाई कला है शहर की पहचान-  नाथद्वारा शहर की एक और पहचान है नाथद्वारा चित्रकारी। राजसमंद जिले का यह छोटा सा शहर कलाकारों की पेंटिंग परंपरा और स्कूल के कारण भी जाना जाता है। नाथद्वारा पेंटिंग्स विभिन्न उप-शैलियों के हैं जिनमें से पिचवाई पेंटिंग प्रमुख है। इसमें दीवारों पर सुंदर कलाकृतियां बनाई जाती हैं।

नाथद्वारा में रहने के लिए धर्मशालाएं और सस्ते होटल भी उपलब्ध हैं। मंदिर की ओर संचालित गेस्ट हाउस में ऑनलाइन बुकिंग भी होती है। नाथद्वारा में रुककर भी उदयपुर शहर की सैर की जा सकती है। मंदिर प्रशासन की और से ऐसी बस सेवा का संचालन किया जाता है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य Email:vidyutp@gmail.com
(NATHDWARA , SRINATHJI TEMPLE , MIRAJ PARATHA )
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