Tuesday, January 1, 2019

झीलों की नगरी उदयपुर - लेक पिछोला से फतेहसागर तक

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उदयपुर को झीलों का शहर कहते हैं। शहर के अंदर पांच प्रमुख झीले हैं । शहर के आसपास भी कई झीले हैं जो अलग अलग मेवाड़ राजाओं द्वारा बनवाई गईं। तो इस शहर की सबसे बड़ी झील है पिछोला झील। पिछोला झील तकरीबन 7 वर्ग किलोमीटर में फैली है। दूसरी प्रमुख झील फतेहसागर है जो चार वर्ग किलोमीटर में फैली है। इसके बाद रंग सागर झील, दूध तलाई का नंबर आता है। 

सबसे पहले बात पिछोला झील की। उदयपुर के पश्चिमी हिस्से में पिछोली गांव के निकट इस झील का निर्माण कराया गया। इसलिए इसे पिछोला झील कहते हैं। इसका निर्माण राणा लखा के काल में 14वीं शताब्दी के अंत में हुआ था। कहा जाता है इसका निर्माण किसी बनजारे ने करवाया था। 

महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने उदयपुर में राजधानी बनाने के बाद इस झील को बड़ा आकार दिया। इस झील में दो द्वीप हैं और दोनों पर महल बने हुए हैं। एक है जग निवास, जो अब लेक पैलेस होटल बन चुका है और दूसरा है जग मंदिर। दोनों ही महल राजस्थानी शिल्पकला के बेहतरीन उदाहरण हैं। इस झील से लगा हुआ मोहन मंदिर भी है जहां से राजा वार्षिक गणगौर उत्सव को देखते थे।

वहीं अरसी विलास, एक छोटा द्वीप है जो पहले गोला बारूद गोदाम था। यहां भी एक छोटा महल है। यहां से राजा सूर्यास्त का आनंद लिया करते थे।

दूध तलाई - लेक पिछोला से लगी हुई एक वर्ग किलोमीटर में फैली दूध तलाई छोटी सी झील है। इसका नाम दूध तलाई इसलिए पड़ा कि इसका पानी दूध माफिक सफेद है।
रंग सागर – एक किलोमीटर लंबी रंग सागर झील लेक पिछोला और स्वरूप सागर से जुडी हुई है। इसका निर्माण महाराजा अमर सिंह बड़वा ने 1668 में कराया था।


फतेह सागर झील -  फतेहसागर झील का निर्माण महाराणा फतेह सिंह द्वारा 1888 में करावाया गया था। यह झील पिछोला झील से जुड़ी हुई है। इसका पानी नीला है। फतेहसागर की खूबसूरती के कारण इसे कश्मीर जैसा कहा जाता है। फतेहसागर झील पर एक टापू है जिस पर नेहरू उद्यान विकसित किया गया है। इस झील में रोज शाम को बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है। झील के किनारे चौपाटी पर खाने पीने की बहुत सारी दुकाने हैं। झील के बीच स्थित  नेहरू पार्क में एक रेस्तरां और चिड़ियाघर है। नेहरू पार्क मोटर नावों की मदद से पहुंचा जा सकता है। फतेह सागर के तट पर राम प्रताप महल, शाही परिवारों का आवासीय स्थान भी स्थित है। फतेह सागर झील एक वाटर कैनाल से पिछोला झील से जुड़ा हुआ है।


स्वरूप सागर झील – उदयपुर शहर में स्थित यह छोटी सी झील रंग सागर और पिछोला झील से जुड़ी हुई है। इसका निर्माण 1842-1861 के दरम्यान महाराणा स्वरूप सिंह ने कराया था। इसे लोग कुम्हरिया तालाब भी कहते हैं।

बड़ी झील – उदयपुर शहर से तकरीबन 12 किलोमीटर दूर बड़ी झील स्थित है। इसका निर्माण 1652- 1680 के दौरान महाराजा राज सिंह ने बड़ी गांव के पास कराया था। इसलिए इसका नाम बड़ी झील पड़ा। इस झील में तीन छतरियां भी हैं। 1973 में जब अकाल पड़ा तो इस झील से लोगों को पानी पहुंचाया गया था।
उदयसागर झील - उदयसागर झील उदयपुर से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसका निर्माण उदयसिंह द्वितीय ने 1565 में करवाया था। यह लगभग 4 किलोमीटर चौड़ी और 9 मीटर गहरी है।
- vidyutp@gmail.com
(UDAIAPUR, CITY OF LAKES ) 


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