Wednesday, November 7, 2018

मडिकेरी अब्बे फॉल्स - रुमानियत का संगीत

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मडिकेरी में सुबह सुबह मेरे मोबाइल के साथ कुछ परेशानी को दूर कराने की सोची। मोबाइल में खींची गई तस्वीरें इसकी मेमोरी कार्ड में नहीं सेव हो रही हैं। ये दिक्कत तो नागार्जुन सागर के दौरे वाले दिन से ही आ रही है। तस्वीरें फोन के मेमोरी में सेव हो रही थीं। वह मेमोरी भी अब भर गई है। तो क्या करूं। आगे की तस्वीरें कहां सेव करूं। तुरंत निदान जरूरी है। आखिर दिक्कत फोन में है या मेमोरी कार्ड में। 

मैं एक स्थानीय दुकानदार के पास गया। नई मेमोरी कार्ड की कीमत पूछी। मडिकेरी के बाजार मे अधिकतम 32 जीबी का ही मेमोरी कार्ड मिल रहा है। वह भी दिल्ली से महंगा। दुकानदार को अपनी समस्या बताई। उसने कहा,  पहले आपके मोबाइल में मैं एक मेमोरी कार्ड डालकर देखता हूं। अगर सपोर्ट करे तभी आप नया खरीदना। दूसरी मेमोरी कार्ड को मोबाइल ने रीड कर लिया। मतलब खराबी मेरी मेमोरी कार्ड में ही थी। मैंने नया 32 जीबी का मेमोरी कार्ड ले लिया। अब जाकर मेरी समस्या दूर हुई। 

अब मैं अब्बे फाल्स जाना चाहता हूं। यह मडिकेरी शहर से 9 किलोमीटर दूर है। जाने का एकमात्र तरीका है कि आप यहां के लिए आटो या टैक्सी रिजर्व करके जाएं। सुना है बड़ा सुंदर झरना है। मोबाइल वाले दुकानदार साथी की मदद से वहां जाने के लिए आटो बुक किया। आटो वाले ने शहर से आने जाने का 300 रुपये मांगा। यह वाजिब ही है। आटो वाले का नाम संतोष है। (मोबाइल नं – 9741627290 ) अब हम चले पड़े हैं अब्बे फल्स की ओर। रास्ते में कुछ होम स्टे दिखाई दे रहे हैं। मतलब मडिकेरी के आसपास हर तरफ होम स्टे बने हैं। 


अब्बे फाल्स से पहले पार्किंग है। यहां से 400 मीटर की पदयात्रा करनी पड़ती है जंगलों के बीच से। इसके बाद बने प्लेटफार्म से झरना दिखाई देता है। दो विशाल झरने इनसे बहुत ही तीव्र गति से 70 फीट की ऊंचाई से पानी गिर रहा है। इस झरने में सालों भर पानी आता है। पर मानसून के दिनों में यहां का सौंदर्य निखर जाता है। मैं झरने का संगीत सुनने की कोशिश करता हूं। अत्यंत रुमानी संगीत। अनवरत चल रहा है... जो रुह को सुकुन पहुंचाता है। यहां आप घंटों गुजार सकते हैं।

पर इस झरने के आप करीब नहीं जा सकते। नहा नहीं सकते। करीब जाना खतरनाक है। तो दूर से ही पर्वतों से गिरते पानी का नजारा करें। आजकल खूब बारिश हो रही है तो झरने की रफ्तार भी तेज है। ये पानी आगे कावेरी नदी में जाकर मिल जाता है। अब्बे फाल्स के आसपास कॉफी के सुंदर बाग हैं। अब्बे फाल्स सुबह 9 से 5 बजे तक खुला रहता है। प्रवेश टिकट 15 रुपये है।


कावेरी नदी का उदगम स्थल -  मडिकेरी से कोई 48 किलोमीटर दूर कावेरी थल कावेरी स्थित है। यहां से कावेरी नदी का उदगम माना जाता है। यहीं ब्रह्म गिरी पर्वत से कावेरी नदी की धारा निकलती है। यह स्थल केरल के कासरगोड जिले से भी निकट है। यहां एक कुंड बनाया गया है जिसमें श्रद्धालु गण स्नान भी करते हैं। कोडागू के लोगों में इस स्थल को लेकर असीम श्रद्धा है। थल कावेरी तक बस या निजी वाहन से जाया जा सकता है। पर आजकल वहां पानी बढ़ गया है इसलिए रास्ता बंद है। तो हम कावेरी थल कावेरी नहीं जा सके। फिर कभी सही। अक्तूबर महीने में तल कावेरी में विशाल मेला लगता है। तल कावेरी की दूरी केरल के पांथुर (कासरगोड जिला) शहर से 36 किलोमीटर है। कोडागू जिले के भागमंडला से तल कावेरी 8 किलोमीटर है।
- विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com
(ABBE FALLS , MADIKERI, KARNATKA, RIVER KAVERI ) 
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