Friday, November 30, 2018

दिल्ली से अलवर वाया भिवाडी- तिजारा


दिल्ली से राजस्थान का शहर अलवर ज्यादा दूर नहीं है। ट्रेन या बस से 3 से 5 घंटे में पहुंचा जा सकता है। कई बार अलवर से होकर रेल से गुजरा पर अलवर शहर को करीब से देखने की इच्छा अब जाकर पूरी हो रही है। दिल्ली से अलवर के लिए रेलगाड़ियां वाया गुरुग्राम रेवाड़ी होकर जाती हैं। पर अगर आप सड़क मार्ग से अलवर जाना चाहते हैं तो गुरुग्राम से धारुहेड़ा होकर भिवाडी, तिजारा होते हुए अलवर पहुंच सकते हैं।

अपने घर से निकलने के बाद आनंद विहार से मुझे गुरुग्राम जाने के लिए कैब मिल गई। कैब वाले 50 रुपये लेते हैं आनंद विहार से गुरुग्राम के लिए। हांलाकि आप इतने रुपये में मेट्रो से भी जा सकते हैं। गुरुग्राम के इफको चौक से फिर आगे के लिए कैब मिल जाती है। आगे मतलब रेवाड़ी, धारुहेड़ा, बहरोड़ आदि के लिए। तो मैंने धारुहेड़ा के लिए कैब ले ली है। जब रास्ते में कैब वाले को बताया कि मुझे अलवर जाना है तो उन्होने धारुहेड़ा से पहले ही कपड़ीवास मोड़ पर उतार दिया। 

यहां से बायीं तरफ वाली सड़क भिवाड़ी जा रही है। भिवाड़ी राजस्थान में अलवर जिले का शहर है। पर धारुहेड़ा से लगा भिवाड़ी दिल्ली एनसीआर का शहर बन चुका है। यहां तमाम बिल्डर अपार्टमेंट बना चुके हैं। दिल्ली की तुलना में कम प्रदूषण वाला इलाका है। कपड़ीवास से एक शेयरिंग आटो से मैं भिवाड़ी के बाजार में पहुंच गया हूं। यहां चौराहे पर कुछ अच्छे म्युरल्स लगे हैं जो राजस्थान की संस्कृति को प्रदर्शित कर रहे हैं। 
दरअसल भिवाड़ी दिल्ली के सबसे करीब का राजस्थान का शहर है। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले लोग यहां रह सकते हैं। पर दिल्ली से रोज आना जाना दूर होगा। अगर ये शहर लोकल रेल के नेटवर्क पर जुड़ा होता तो यह दिल्ली का अच्छा सेटेलाइट टाउन हो सकता था।
भिवाड़ी के बस स्टैंड पर पहुंच गया हूं। राजस्थान रोडवेज यानी सरकारी बसों की पिछले पांच दिनो से हड़ताल चल रही है। पर रोडवेज से अनुबंधित निजी बसें चल रही हैं। तो एक अलवर जाने वाली बस लगी है। पर बस में बैठने से पहले थोड़ी पेट पूजा। सैनी चाट भंडार से कचौरी। दस रुपये में कचौरी सब्जी के साथ। इस इलाके में मैं देख रहा हूं कि बड़ी संख्या में सैनी लोग हलवाई का काम कर रहे हैं। 
बस चल पड़ी है।मिलकपुर गुर्जर, खिजुरी खास गांव के बाद रास्ते में तातरपुर, टपूकड़ा, भिंडूसी जैसे छोटे छोटे बाजार आते हैं। यहां बस कुछ मिनटों के लिए रुकती है। अगला प्रमुख शहर है तिजारा। तिजारा अलवर जिले का एक कस्बा है। यह जैन तीर्थ स्थल है। तिजारा विधान सभा क्षेत्र भी है।अभी चुनाव का ऐलान नहीं हुआ है पर पार्टियों के नेताओं की बड़ी बड़ी होर्डिंग दिखाई देने लगी है। भिवाड़ी से तिजारा की दूरी 35 किलोमीटर है। 
वहीं भिवाड़ी से अलवर 80 किलोमीटर के आसपास है। सड़क पर चलते हुए पता चलता है कि ये इलाका यादव और सैनी बहुल है। दो घंटे के सफर के बाद मैं अलवर शहर में पहुंच गया हूं। बस रेलवे स्टेशन से गुजरते हुए शहर में बस स्टैंड से थोड़ा पहले उतार देती है। मैं पूछता हुआ बस स्टैंड में पहुंच गया। अलवर का बस स्टैंड काफी विशाल है। पर यहां आज एक भी बस नहीं दिखाई दे रही हैं। क्यों भाई, पांच दिनों से रोडवेज की हड़ताल चल रही है ना।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य -vidyutp@gmail.com
(DELHI, GURUGRAM, BHIWADI, TIJARA, ALWAR, RAJSTHAN )