Monday, November 19, 2018

बदलता मौसम- हर साल गर्म हो रहा है कुर्ग

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एक सैलानी की नजर से भले हमें कुर्ग का सुंदर लगा हो पर स्थानीय लोगों की माने तो कुर्ग का मौसम काफी बदल रहा है। कुछ साल पहले कुर्ग का तापमान 26 डिग्री के आसपास रहता था। पर अब मई में अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक चला जाता है। सैलानियों की बढ़ती आमद, बढ़ते कंक्रीट के जंगल और जलवायु परिवर्तन के कारण अब हर साल कुर्ग थोड़ा गर्म होता जा रहा है। 

राजा सीट रोड पर कुर्ग कॉफी कोआपरेटिव सोसाइटी की विशाल शॉप है। यहां पर हमारी मुलाकात मधु सोमाना से होती है। मधु बताते हैं कि कुछ साल पहले कुर्ग में पंखे चलाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। पर अब गर्मियों के दिनों में कुर्ग में गरमी पड़ने लगी है। फिर भी तुलनात्मक रुप से कुर्ग का मौसम अच्छा है। तो आप निश्चिंत होकर यहां आने का कार्यक्रम बनाएं। कुर्ग में ठहरने के लिए हर दर्जे के होटल हैं। मैं जिस होटल में ठहरा हूं – फोर्ट व्यू वह बस स्टैंड के पास भी है और किफायती भी है। वैसे आप कॉफी गार्डन में और होम स्टे में रहने की भी योजना बना सकते हैं। इसमें आपकी मदद कर सकती हैं श्वेवता देवेश ( मो – 9448150377 )

कुर्ग से बेलुर की ओर वाया हासन
मुझे कॉफी शॉप वाले भाई साहब ने मडिकेरी से सुब्रमण्यम और धर्मस्थला जाने की सलाह दी थी। पर इन स्थल अगली यात्राओं में जाना हो सकेगा। तो अब कुर्ग से चला चली की वेला है। हमारी अगली मंजिल है बेलुर। बेलुर जाने का रास्ता हासन होकर है। सुबह 4.30 बजे मडिकेरी बस स्टैंड से हासन जाने वाली बस लेनी है। तो हमारे होटल वाले ने रात को हमें एक इमरसन रॉड दे दिया। बोला उतनी सुबह गीजर तो नहीं चल पाएगा तो आप पानी गरम करके नहा लेना। मैंने सुबह 3.30 बजे ही जगकर नहा कर तैयार हो गया। यह अच्छा भी रहा क्योंकि मुझे बेलुर में मंदिर दर्शन के लिए जाना है तो स्नान कर लेना श्रेयस्कर है। मुंह अंधेरे बस स्टैंड में पहुंच गया हूं। होटल से बस स्टैंड तीन मिनट का रास्ता है।
 हल्की बारिश हो रही है। सुबह 4.30 वाली बस तैयार है। इस बस में मैं हासन का टिकट लेकर बैठ गया। मेरे अलावा यहां से पांच लोग ही बैठे हैं। 
बस समय पर चल पड़ी। अंधेरे में ही कुशल नगर पहुंची। पर कुशल नगर से बस का रास्ता बदल गया। मैं आते समय मैसूर से आया था। अब बस हासन मार्ग पर है। सड़क अच्छी है। बस कोनालूर नामक गांव के बस स्टैंड में रुकी। यहां थोड़ा उजाला हो गया है। अगला पड़ाव है रामनाथपुर। यहां भी बारिश जारी है। अगला पड़ाव आया अरकलकुड। यह हासन जिले में है। 

इसके बाद बस गोरुर से गुजर रही है। बायीं तरफ विशाल डैम और जलाशय नजर आ रहा है। गोरुर डैम को हेमवती डैम भी कहा जाता है। यह हासन जिले में स्थित यह डैम कावेरी की सहायक नदी हेमवती पर बना है। इस बांध का निर्माण 1979 में किया गया। बांध की लंबाई 4692 मीटर यानी करीब 5 किलोमीटर है। इसके जल से सिंचाई और पेयजल का काम लिया जाता है। हासन से सैलानी इस डैम को देखने भी आते हैं। यह एक पिकनिक स्पॉट भी है।

बस एसएच 21 पर गुजर रही है। पर यह सड़क नेशनल हाईवे के मुकाबले अच्छी बनी हुई है। थोड़ी देर में हम बंगलुरु – मंगलुरु हाईवे पर पहुंच गए हैं। बस चन्न पटना होकर हासन के नए नवेले केएसआरटीसी बस स्टैंड पहुंचती है। तकरीबन 110 किलोमीटर का सफर तय करके मैं सुबह 7.30 बजे हासन पहुंच गया हूं।
 --- विद्युत प्रकाश मौर्य  - vidyut@daanapaani.net
( MADIKERI TO HASAN, COORG, KARNATKA )
आगे पढ़िए - बेलुर का प्रसिद्ध मंदिर